Shrikant Borkar
रामकुटी (Ramkuti)
राम कुटी पॉडकॉस्ट विविध प्रकारचे स्तोत्र साठी आहे ही स्तोत्रे राम रक्षा व्हाट्सअप ग्रुप मधील साधकांच्या आवाजात आहे. Join Telegram group https://t.me/+2B4YTIfT--BiMWZl
Autor
Shrikant Borkar
Categoria
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Último episódio
22 de mar de 2026
Onde ouvir?
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Episódios
श्रीराम जय राम बोला सौ कल्पना ताई देशपांडे 17.08.2023 3:30
श्रीराम जय राम बोला सौ कल्पना ताई देशपांडे
जिवती 17.08.2023 8:04
कोणी म्हटलेलं आहे माहीत नाही. आपणास विनंती करतो की कृपया ssbtechnocrat@gmail.com ला कळवावे
चल ग सखे लेवू या ग रामनाम रंगे ही साडी / स्वर: कल्पना ताई देशपांडे 16.08.2023 4:10
चल ग सखे रामनाम रंगे ही साडी स्वर: कल्पना ताई देशपांडे
महागणेशपंचरत्न स्तोत्रं स्वर:सौ.शोभा प्रभाकर मानकर. 15.08.2023 3:18
गणेशपंचरत्न स्तोत्रं स्वर:सौ.शोभा प्रभाकर मानकर.
.जातो माघारी पंढरीनाथा सौ ज्योत्स्नाताई जोशी 08.08.2023 3:35
.जातो माघारी पंढरीनाथा सौ ज्योत्स्नाताई जोशी
आम्ही विठ्ठलाचे वारकरी सौ कल्पनाताई देशपांडे 07.08.2023 5:20
आम्ही विठ्ठलाचे वारकरी सौ कल्पनाताई देशपांडे
श्रीरंग मागतो लोणी सौ.कल्पना देशपांडे 07.08.2023 3:23
श्रीरंग मागतो लोणी सौ.कल्पना देशपांडे
सूर्यकवचम स्तोत्र | स्वर : कु आर्या वडाळकर 31.07.2023 2:27
सूर्यकवचम:याज्ञवल्क्य उवाच-श्रणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम्।शरीरारोग्दं दिव्यं सव सौभाग्य दायकम्।1।याज्ञवल्क्यजी बोले- हे मुनि श्रेष्ठ! सूर्य के शुभ कवच को सुनो, जो शरीर को आरोग्य देने वाला है तथा संपूर्ण दिव्य सौभाग्य को देने वाला है।देदीप्यमान मुकुटं स्फुरन्मकर कुण्डलम।ध्यात्वा सहस्त्रं किरणं स्तोत्र मेततु दीरयेत् ।2।चमकते हुए मुकुट वाले डोलते हुए मकराकृत कुंडल वाले हजार किरण (सूर्य) को...
नर्मदा अष्टकम् स्वर: सौअर्चना मालवणकर 30.07.2023 6:40
नर्मदा अष्टकम् स्वर: सौअर्चना मालवणकर
रामाष्टक /स्वर :सौ रत्नमाला ताई 29.07.2023 3:27
श्री राम अष्टकम भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम् ।स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव राममद्वयम् ॥ १ ॥जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकं । स्वभक्तभीतिभञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ २ ॥ निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवापहम् । समं शिवं निरञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ ३ ॥सहप्रपञ्चकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् । निराकृतिं निरामयं भजे ह राममद्वयम् ॥ ४ ॥निष्प्रपञ्चनिर्विकल्पनिर्मलं निरामयम् । चिदेकरूपसन्ततं भजे ह राममद्वयम् ॥ ५ ॥ भवाब्धिपोतर...
कल्याण करी रामराया /स्वर:सौ प्राजक्ता वडाळकर 28.07.2023 3:35
कल्याण करी रामराया सौ प्राजक्ता वडाळकर
पुरुषोत्तम अष्टक स्वर: सुनिता ताई चव्हाण 25.07.2023 3:55
पुरुषोत्तम अष्टक स्वर: सुनिता ताई चव्हाण
लाल मेरी सुरंग चूनरी भींजे। स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी) 24.07.2023 3:00
*जय गौर हरि* *लाल मेरी सुरंग चूनरी भींजे।* लेहु बचाय आप पिय मोकों बूंद परे रंग छीजे। बरखत मेह रहे नहीं नेंक हु कहा उपाय अब कीजे। हम तुम कुंजभवन में चलिये मान सबे सुख लीजे।।2।। ऐसो समयो बोहोर न व्हे हे मेरो कह्यो पतीजे। श्रीविट्ठल गिरिधरन छबीले निरख-निरख मुख जीजे।।3।। स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*
योगी पावन मनाचा .. सौ.कोमल ताई. 21.07.2023 5:45
हा अभंग अर्धवटच आहे कारण ताईंना खूप गहिवरून आले. पण भाव महत्वाचा ... आपल्या साठी सादर...,.
अच्युताष्टकम् सौ सुनिता ताई चव्हाण 19.07.2023 4:16
अच्युताष्टकम्
विष्णुष्टपदी स्तोत्र सौ सुनीताताई चव्हाण 19.07.2023 2:40
विष्णुषट्पदी स्तोत्र सौ सुनीताताई चव्हाण
मैं कैसे आऊ बुंधन मे भिगे मोरी सारी स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)* 17.07.2023 2:50
*सावन का पद* मैं कैसे आऊँ बूंदन भीगे मोरी सारी कैसे आऊँ कैसे आऊँ कैसे आऊँ कैसे आऊँ इक घन गरजे,दूजे पवन झकोरे तीजे यमुना जल भारी... इक गोरी दूजे,दधि की मटुकिया तीजे रैन अंधियारी.. सूरदास प्रभु,बेसर उरझी ललन आये सम्वारी मैं कैसे आऊँ बूंदन भीगे मोरी सारी स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*
आधिक मासचे महत्व -सौ मेघा ताई 16.07.2023 27:05
आधिक मासचे महत्व -सौ मेघा ताई
तेरी बाट निहारे राधा 15.07.2023 5:07
जय गौर हरि तेरी बाट निहारे राधा साँवरिया आजा रे आजा साँवरिया आजा! सिर पर है गोरस की मटकी तेरे दरस हित पथ में अटकी आजा ओ चित चोर कन्हाई ठाड़ी तेरी गुजरिया। बार बार यमुना तट जावे आ वे मोहन दरस दिखा वे घर से यमुना यमुना से घर डोले बीच डगरिया। चढ़ी अटरिया काग उड़ावे प्रेम पुजारिन बलि बलि जावे खान पान पहरान भूल गई लागी तोसे नजरिया। दरस दीवानी सुधि बुधि खोके नयन गँवाये रही रो-रो के
राधा रानी मत जयिओ दूर 14.07.2023 6:03
जय गौर हरि श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर तुम हो परम उदार लाडली कर दो क्ष्यमा कसूर श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर एक दर्श की आस स्वामिनी बरसाने में आई तेरी किरपा कोर से दिल में स्वामिनी बजने लगी शहनाई उसी किरपा की एक नज़र से करती रहो महसूस श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर तुम तो मेरी भोरी स्वामिनी में विषयन की मारी...
Electronic Manufacturing Establishment 12.07.2023 19:17
Concept Level of Electronics manufacturing setup
पीठ से पीठ मिलाये बैठे हैं. स्वर सेवा: किशोरी दासी (अंजुना जी) 01.07.2023 3:23
*जय गौर हरि* पीठ से पीठ लगाइ खड़े, वह बाँसुरी मन्द बजाय रहे हैं। सौभाग्य कहूँ उस धेनु के क्या, खुद श्याम जिसे सहलाय रहे हैँ। बछड़ा यदि कूद के दूर गयौ, पुचकार उसे बहलाय रहे हैं। गोविंद वही,बृजचंद्र वही, गोपाल वही कहलाय रहे हैं॥ स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*
मैं बॅॉके की बॉंकी बन गयी स्वर सेवा: दासी अंजुना जी 24.06.2023 4:53
मैं बॅॉके की बॉंकी बन गयी स्वर सेवा: दासी अंजुना जी बाँके पी से..... मैं बाँके की बाँकी बन गई बाँका बन गया मेरा बड़े भाग्य से मिले रंगीले-बाँके रसिक बिहारी परम् सुहाग ..सौन्दर्य सींव वे-अद्भुत प्रेम पुजारी! श्यामल घन की नित्य चातकी.. उनसे सर्वस्व मेरा मैं बाँके की बाँकी बन गई बाँका बन गया मेरा मेरी उनकी प्रीत पुरानीजन्म-जन्म की दासी उन्हीं में नित जीती बसती,फिर भी रहती प्यासी? प्यास उसी चिर संगी...
दत्त दिगंबर दैवत माझे श्री रवी देशपांडे. 22.06.2023 3:14
दत्त दिगंबर दैवत माझे श्री रवी देशपांडे.
राधा कृष्णा वर भाळली सौ नेहा उपासनी 22.06.2023 3:46
राधा कृष्णा वर भाळली सौ नेहा उपासनी
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