Mukesh Kumar Soni

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Motivation for life

Autor

Mukesh Kumar Soni

Categoria

Education

Último episódio

9 de set de 2023

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Episódios

दीवाने 17.09.2020

कदम भले ही छोटे अपने मन को विस्तार बनाएंगे। लक्ष्य को अपने पाने को  आगे ही बढ़ते जाएंगे। पंथ में जितना क्रन्द मिले  नहीं कभी घबराएंगे हैं । कभी नहीं पैरों को अपने  फिर से पीछे लाएंगे। समय को बहुमूल्य समझ  कभी नहीं हम गवाएंगे। अपने मस्ती में हम होंगे फक्कड़ मस्त कहाएंगे। मंजिल पर अपने जाने को  हर पल आतुर हो गाएंगे। आज नहीं तो कल ही सही  हम दीवाने पहुंच ही जाएंगे। MUKESH KUMAR SONI NET Qualified in...

मेरा गांव 17.09.2020

अब मैं बचपन को छोड़  चालीस का हो चला  और देखते ही देखते  बचपन का आनंद  खो चला।  वह बागों में जाकर  खेलना भी लुप्त हुआ  वह गुल्ली और डंडा भी  ना जाने कहां गुप्त हुआ? घीस्सू,मुन्ना और राजू  अब वहां रहे ही नहीं  चुपके से कहां चले गए? किसी से कहें ही नहीं।  आम के पेड़ पुराने भी  नहीं कहीं अब दिखे  हम सखा मिलजुलकर  फल जिसके कभी थे चखे।  बागों में वह भरा कोलाहल  ना जाने कहां चला गया? किसकी न जाने आह लगी...

अबला नारी 17.09.2020

सोई है सड़क पर एक नारी बेहाल। दे रही छाया उसे है एक आम की डाल। इधर-उधर बिखरे हैं उसके जाने क्यों सारे बाल? खुदरी है कहीं कहीं उसकी श्यामल छाल। पांव में दिखता है पायल पर कहां है उसमें ताल? थोड़ा पास ही पड़ा है उसका छोटा टूटा थाल। पास ही उसके बिलख रहा है उसका प्यारा लाल। स्तन से सटी है जिसकी कोमल गाल। क्या दशा है नारी की हाय कैसा है काल। कौन है दोषी इसका किसकी है यह चाल? देखो-देखो यही तो है अबला नार...

वह आदमी था 17.09.2020

 दूर-दूर कितना भी देखा,  जो दिखा वह आदमी था।  ढूंढ कर मुझको मिला जो, वह भी मुझसा आदमी था। जाता मैं आखिर कहां, हर जगह तो आदमी था। कुछ पल रहा साथ जिसकेे, वह तो सहमा आदमी था। मुझको दिया जो ख्वाब सुंदर, एक सजीला आदमी था। तोड़ा जो ख्वाबों को मेरे, संघ दिल वह आदमी था। दे दिया मुझको सहारा, वह रहम दिल आदमी था। राह को खंदक किया जो, बेरहम वह आदमी था। बात मेरी अच्छी लगी तो हंस दिया वह आदमी था। जब भी मैं प्रत...

आदमी बदलता ही गया 17.09.2020

आदमी बदलता ही गया पहले क्या था क्या हो गया। हर जन में हिंसा हो गया। शर्मो हया का हर पट हो गया। मुड़ा नहीं फिर पीछे जो गया। चाहत का हर दिल खो गया। अपने ही करनी पर रो गया। आलस में हर कोई सो गया। धीरे-धीरे आदमी बदलता ही गया............ बदलता ही गया............ बदलता ही गया...........।

PATANJAL YOGSUTRA SAMADHIPAD(1-13) 14.09.2020

These formulas are very usefull for the Development of Physical,mental and Spiritual aspects.

Mukesh Kumar Soni (Trailer) 13.09.2020

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