Dharmendra Kumar

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Autor

Dharmendra Kumar

Categoria

News

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Último episódio

28 de out de 2025

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Episódios

बिहार का मौसम बदला है भाई...! 28.10.2025

... बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां अब अपने चरम पर हैं। ऐसे में वहां का माहौल अब कैसा है, यह जानने के लिए सुनें वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल की कविता स्वयं उनकी जुबानी...

कच्चतीवू बन सकता है श्रीलंका से संघर्ष की वजह...! 23.04.2024

क्या कच्चतीवू मामला श्रीलंका के साथ संघर्ष की वजह बन सकता है? इस मामले का भारत और श्रीलंका के संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल । ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोधस्वरूप सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका डाली थी, जिसे साल 1971 के युद्ध की वजह से लगाए गए आपातकाल की वजह से यह कहकर ख...

Possibility of taking back Kachchatheevu 22.04.2024

Is there any possibility of taking back the 275 acres of Kachchatheevu island from Sri Lanka? Senior journalist Brij Khandelwal is explaining this matter in detail. He is the first journalist in the country to file a petition in the Delhi High Court against the handing over of Kachchatheevu to Sri Lanka, which was rejected due to the emergency imposed due to the 1971 war. All types of basic civil...

दिल्ली में एकदूसरे के ही ‘खिलाफ’ हैं कांग्रेस और आप…! 22.04.2024

गठबंधन के बावजूद, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एकदूसरे को नीचे की ओर खींचने में लगे हुए हैं और इसका पूरा फायदा पहले से ही बहुत ज्यादा मजबूत भारतीय जनता पार्टी को मिलना तय है। खास तौर पर, दक्षिणी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटों पर चल रही इस राजनीतिक कश्मकश को बयां कर रहे हैं, जीइंडियान्यूज.कॉम के संपादक ललित सिंह गोदारा । उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार...

लोकसभा चुनावों के बाद क्या होगा नीतीश का हाल…! 19.04.2024

लोकसभा चुनावों के बाद नीतीश का हाल क्या होगा..., बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी । पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से जुड़े रहे हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने में प्रशांत किशोर की मुश्किलें 16.04.2024

प्रशांत किशोर एक बेहतरीन विश्लेषक हैं, लेकिन क्या वह कोई राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने की कुव्वत रखते हैं…, बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी । पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से जुड़े रहे हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

बिहार में मुस्लिम-यादव गठजोड़ का हाल 14.04.2024

इस बार के लोकसभा चुनावों के दौरान बिहार में मुस्लिम-यादव गठजोड़ कितना कामयाब हो सकता है, बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी । पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से सेवानिवृत्त हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

बिहार में नजर आ रहा है नए तरह का 'आशावाद' 11.04.2024

राजनीतिक रूप से बिहार में बीते पांच साल काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। इस दौरान बिहार की जनता ने नीतीश कुमार की बीजेपी व राजद जैसे विपरीत स्वभाव वाले दलों के साथ सरकारें देखीं। लेकिन, अब बिहार में एक नए तरह का 'आशावाद' दिखाई दे रहा है। बिहार के मौजूदा माहौल के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी । पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया...

कच्चतीवू का तमिल राजनीति पर यह होगा असर... 05.04.2024

कच्चतीवू मामले से एक तरफ जहां राष्ट्रवादी राजनीति को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, वहीं स्थानीय तमिल राजनीति को एक जोरदार झटका भी लग सकता है। इस मामले का तमिल राजनीति पर पड़ने वाले असर के बारे में बता रहे हैं, वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल । ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोधस्वरूप सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका डाली थी, जिसे साल...

बांग्लादेश व कच्चतीवू मामले में यह है अंतर... 04.04.2024

इंदिरा गांधी द्वारा कच्चतीवू द्वीप को श्रीलंका के हवाले कर दिए जाने व बांग्लादेश के साथ हुए सीमावर्ती गांवों के लेन-देन समझौते में क्या अंतर है, तथा मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इस मामले में उपलब्ध विकल्प और इस मसले को उठाने के पीछे उनकी मंशा के बारे में बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल । ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने...

Questions on timing of taking up Kachchatheevu issue 03.04.2024

Questions are being raised on the timing of PM Narendra Modi raising the Kachchatheevu issue with such aggression. Senior journalist Brij Khandelwal explains this in detail. He is the first journalist in the country to file a petition in the Delhi High Court against the handing over of Kachchatheevu to Sri Lanka, which was rejected due to the emergency imposed during the 1971 Indo-Pakistan war. Al...

भारत के हाथों से यूं फिसला कच्चतीवू... 03.04.2024

इंदिरा गांधी द्वारा कच्चतीवू द्वीप श्रीलंका को दे दिए जाने की पूरी कहानी बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोध में सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसे साल 1971 के युद्ध की वजह से लगाए गए आपातकाल के दौरान यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उस समय नागरिकों के सभी प्रकार के मूल अधिकार...

हरियाणा में हुआ है एक बड़ा बदलाव... 31.03.2024

सरकारी नौकरियों के मामले में हरियाणा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऐसी नौकरियों में रिश्वत लेकर भर्तियां किए जाने के चलन को यहां एक जोरदार धक्का लगा है। इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं दिल्ली से जीइंडियान्यूज.कॉम के संपादक ललित सिंह गोदारा और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

मोदी की गलतियां भांपने में विपक्ष नाकाम 30.03.2024

नरेंद्र मोदी की सरकार को पूरा एक दशक बीत चुका है। ऐसे में क्या यह संभव है कि उन्होंने कोई गलती की ही न हो! निश्चित रूप से उनके कार्यकाल में कई गलतियां हुईं हैं, तो विपक्ष उन गलतियों को भांपने में नाकाम क्यों रहा है? इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं दिल्ली से जीइंडियान्यूज.कॉम के संपादक ललित सिंह गोदारा और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

करियर को लेकर ऐसे सोचते हैं युवा... 30.03.2024

करियर को लेकर नई पीढ़ी के युवाओं की सोच पूरी तरह बदल चुकी है। आज के दिन नवयुवा एक अदद सरकारी नौकरी के बजाय उद्यमशीलता की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं दिल्ली से जीइंडियान्यूज.कॉम के संपादक ललित सिंह गोदारा और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

'विकल्प' न बन केजरीवाल ने किया निराश... 26.03.2024

भारत जैसे स्वस्थ लोकतंत्र में जनता हरदम विकल्प तलाश करती है। अरविंद केजरीवाल एक ऐसे ही विकल्प बनकर उभरे थे। केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा से बराबर दूरी रखने का वादा किया और जनता ने उनके इस विचार को हाथोंहाथ ले भी लिया। पहले उन्हें तीन बार दिल्ली की सत्ता सौंपी, फिर पंजाब की सत्ता भी उन्हें दी, लेकिन क्या वह अपना वादा बरकरार रख पाए...! इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं दिल्ली से जीइंडियान्यूज.कॉम क...

जन-मानस से कट गया है विपक्ष 03.02.2024

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा आयोजन के बहाने देश में राममयी संस्कृति के रचे-बसे होने के कई प्रमाण मिले हैं। लेकिन, क्या वजह है कि देश का मौजूदा विपक्ष इन्हें पहचानने और समझने से इनकार कर देता है? इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं मथुरा से समाचारएक्सप्रेस.कॉम के संपादक पवन गौतम और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

दोष नीति का नहीं, नियंताओं का है... 27.01.2024

इतिहास निर्माण की प्रक्रिया में दोष नीतियों का नहीं होता है, बल्कि नियंताओं का होता है। नियंताओं द्वारा नीतियों के कार्यान्वयन में हुई त्रुटियां सभ्यताओं को बहुत भारी पड़ती है। इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं मथुरा से समाचारएक्सप्रेस.कॉम के संपादक पवन गौतम और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

अयोध्या मामले में यूं चूकी कांग्रेस... 26.01.2024

श्री राम मंदिर मामले में कांग्रेस इतनी बड़ी गलती कैसे कर गई? श्री राम मंदिर मामले में संघर्ष की गाथा साढ़े पांच सौ साल पुरानी है, फिर कांग्रेस यह आंकड़ा कैसे भूल  गई? इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं मथुरा से समाचारएक्सप्रेस.कॉम के संपादक पवन गौतम और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

अयोध्या के बाद अब कृष्ण की बारी 23.01.2024

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में तीन मंदिरों का विवाद था। इनमें से काशी और अयोध्या के विवाद हल हो चुके हैं। अब बारी कृष्ण जन्मभूमि की है। क्या अगले पांच साल में यह लक्ष्य भी प्राप्त हो जाएगा? इस मसले पर आपस में बात कर रहे हैं मथुरा से समाचारएक्सप्रेस.कॉम के संपादक पवन गौतम और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ।

कुछ इस तरह होगी भविष्य में भारत की राजनीति... 27.10.2023

भविष्य में भारत की राजनीति किस करवट बैठेगी? भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष के रूप कौन दे पाएगा टक्कर...। विस्तार से जानिए वरिष्ठ पत्रकार केशव चतुर्वेदी और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार के बीच हुई इस बातचीत में...।

तीन महीने तक खिंच सकता है इजरायल-हमास का युद्ध…! 23.10.2023

इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध अगले तीन महीने तक भी खिंच सकता है और यदि यह युद्ध इसी तरह तीव्रतर होता चला गय़ा तो यह इस्लाम धर्म के पतन की एक शुरुआत भी हो सकता है। युद्ध की मौजूदा स्थिति के बार में विस्तार से जानिए वरिष्ठ पत्रकार केशव चतुर्वेदी और मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार के बीच हुई इस बातचीत में... /

उत्तर की तुलना में ज्यादा 'समझदार' है दक्षिण भारत का मीडिया 19.03.2021

उत्तर और दक्षिण भारत के मीडिया में एक बड़ा अंतर यह है कि दक्षिण में खबरों को 'सनसनीखेज' बनाकर पेश करने का चलन उतना नहीं है जितना देश के उत्तरी इलाकों में है। देश के दोनों हिस्सों के बीच मीडिया के प्रस्तुतीकरण में अंतर को स्पष्ट कर रही हैं ह्यूमरटाइम्स.कॉम की संपादक मुक्ता गुप्ता ...

हिंदी पत्रकारिता के उन्नयन में मददगार है ऑनलाइन माध्यम 15.03.2021

ऑनलाइन माध्यमों के उत्कर्ष के बाद पत्रकारिता, खासकर हिंदी पत्रकारिता के उन्नयन में मदद ही मिली है। इसे अन्य माध्यमों के लिए खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वर्तमान मीडिया परिक्षेत्र के बदले हुए माहौल में ऑनलाइन पत्रकारिता के योगदान पर चर्चा कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ...

इतनी भी आसान नहीं है 'पांच ट्रिलियन डॉलर' की अर्थव्यवस्था... 06.02.2021

कोरोना के चलते 'पांच ट्रिलियन डॉलर' की अर्थव्यवस्था के सपने को एक बड़ी चोट पहुंची है। अब इसे लेकर सरकार द्वारा उठाए गए आगामी 'ठोस' कदम ही तय करेंगे कि यह 'सपना' सिर्फ सपना ही रहेगा या कोई मूर्त रूप ले पाएगा। इस विषय पर विस्तार से बता रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार ...

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