Aman Sinha
MAIN KYA LIKHOON
Welcome to my first podcast , I hope you enjoy listening to it!
Não deixe de visitar o site do podcast e apoiar quem o produz: hubhopper.com
Onde ouvir?
Podcasts no app Replaio Radio Em breveOs podcasts estão chegando ao app. Instale agora e seja o primeiro a descobrir um jeito totalmente novo de curtir podcasts
Episódios
अनचाहा हमसफ़र 20.01.2025 5:20
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
दर्द बीना है जीवन कैसा? 18.01.2025 4:36
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
अब भी कई बात बाकी है 15.01.2025 3:59
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
तुम्हे भुलना कब आसान रहा 13.01.2025 3:21
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
कहाँ से लाउं? 11.01.2025 5:15
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.co...
एक ही सत्य है, "मै" 09.01.2025 3:36
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
इश्क़ ख़ुमारी 07.01.2025 4:57
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.c...
इश्क़ की लक़ीर 05.01.2025 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! https://www.facebook.com/aman.sinha.7946281 https://www.instagram.com/amansinha2011/ https://www.linkedin.com/in/aman-sinha-93a01553 https://twitter.com/amansinha2011 https://storymirror.com/profile/8vkao18h/aman-sinha https://hindi.pratilipi.com/user/aman-sinha-qe878s2hn9 https://kavishala.in/@aman-sinha http://www.openbooksonline.com...
तुझे पाना ही बस मेरी चाह नहीं 30.12.2024 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! तुझे पाना ही बस मेरी चाह नहीं, बदन मिल जाना ही इश्क़ की राह नहीं। जिस्म का क्या है, मिट्टी में मिल जाएगा, हाँ, मगर रूह को कोई परवाह नहीं। लबों ने लबों को तो बाद में छुआ, पहले तू रूह से हमारा हुआ। अब जिस्मों के मिलने की किसको है पड़ी, अब ये रिश्ता भी हमारा रूमानी हुआ। मिट जाएँगे हम, नाम भी मिट जाएगा, पर हमारा इश्क़ क़यामत तक गाया जाएगा। लैला-मजनूं,...
शर्म करे ऐ हुक्म मरानों 26.12.2024 3:49
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! शर्म करो ऐ हुक्मरानों, शर्म करो कुछ शर्म करो जनता त्राही-त्राही गाए, जन सेवक अपना कर्म करो जब-जब तुमने आह्वान किया, देश की जनता दौड़ पड़ी तेरे हर निर्णय पर अपना हर कष्ट भुला कर साथ खड़ी तेरी सूरत में जनता को एक मसीहा दिखता था तू कुछ भी कर सकता है, सबको ऐसा लगता था तुम इनका विश्वास न तोड़ो, दशा पर इनके रहम करो जनता त्राही-त्राही गाए, जन सेवक अपना क...
दर्द तेरा भी वही है 24.12.2024 2:48
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! दर्द तेरा भी वही है, दर्द मेरा भी वही है ना हम दोनो गलत है, ना ये बात सही है खोया तुने भी बहुत कुछ, गवाया मैने भी बहुत है जो साथ है बचा, हमारे हाथ वही है लगी है चोट जो तुझको, लगी है चोट वो मुझको जो है सोचते हरदम, बस ये हालात वही है घाव तेरा भी हरा है, घाव मेरा भी हरा है दोनों की यादों मे अब सिर्फ मवाद भरा है राह तेरी भी वही है, राह मेरी भी वही...
उम्मीद 22.12.2024 4:44
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कई ख्वाहिशें अधूरी से एक और नई कविता!!
मेरी दीवानी लगती है 20.12.2024 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! चेहरा है अंजाना सही, पर आवाज़ पहचानी लगती है तू है किसी और की बाँहों में लेकिन, मेरी दीवानी लगती है तेरे मुखड़े की शिकन मुझे क्यों जाने बेमानी लगती है नई बोतल में बंद तू कोई शराब पुरानी लगती है बड़े करीबी से तुझको महसूस किया सा लगता है तू मेरी कोई भूली सी आदत पुरानी लगती है जो गुनगुना रही है तू, गीत जो सुना रही बोल हैं ये नए मगर ये धुन पुरानी लगती...
मैं तेरा हिस्सा नहीं 20.12.2024 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! तेरे पाने की फेहरिस्त में, मैं शामिल ना रहूं लेकिन मेरे खोने की क़ायिमा में बिना तेरे कुछ दिखाई नहीं देता। तेरे अपनों की महफिल में, मेरा नाम ना सही लेकिन मेरे अपनों में सिवा तेरे कोई नदारद नहीं मिलता। तेरे सपनों में मेरा ना होना तुझे ना खलता हो लेकिन मेरा कोई ख्वाब बिना तेरे पूरा नहीं होता। तू चाहे तो जी ले जिंदगी मेरे बिना लेकिन बिना तेरे मुझसे ए...
Episode 116 - वो किसी और पर मरता था 18.12.2024 7:19
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!!
Episode 115 - सावन सुखा बीत रहा है 16.12.2024 5:47
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!!
उपकार 15.12.2024 2:51
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कई ख्वाहिशें अधूरी से एक और नई कविता!!
सीख मुख्य अंश हो 14.12.2024 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!!
मेर ज़िंदा रहने की ख़बर 12.12.2024 3:25
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! मेरे ज़िंदा रहने की खबर सभी को होगी मगर मेरे मरने की किसी को भनक ना लगेगी सब बनाएं रहेंगे मुझको खुदगर्ज़ अपने ज़हन मे मेरी बेगर्ज़ी की उनको कभी महक ना मिलेगी करेंगे सब बातें बेपरवाही की मेरी पर तबियत की मेरी फिकर ना रहेगी मेरी ना पहुंच के वो शिकवे करेंगे पर मुझ तक पहुंच की ललक ना रहेगी ना मेरा साथ होना तो अख़डेगा उनको पर मेरे साथ होने की च...
मेरे बाद भी 10.12.2024 3:40
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!! मेरे बाद भी तेरे आशिक़ हज़ार होंगे मगर उनमें से कितने मुझ जैसे यार होंगे सभी को तलब होगी बस जिस्म की तेरे पर कितने फ़क़त इश्क़ निभाने को तैयार होंगे तारीफ़ करेंगे सभी सूरत की तेरी पर सीरत समझने को कितने तैयार होंगे बिछा सकते हैं फूल सभी राहों में मगर कांटे चुनने को कितने तैयार होंगे पीना चाहेंगे सभी रस तेरी जवानी का क़ैद होने को तुझमें कितने ही ब...
तु मेरी है 08.12.2024 3:25
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कई ख्वाहिशें अधूरी से एक और नई कविता!!
Episode 118 - यह ज़हर मुझे पीना होगा 08.12.2024 4:30
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!!
Episode 117 - यह सफर सुहाना 08.12.2024 4:03
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कामिनी से एक और नई कविता!!!
हम मिलें या ना मिलें 01.12.2024 4:00
लिजिए सुनिये मेरी क़िताब कई ख्वाहिशें अधूरी से एक और नई कविता!!
जा रे जा रे कारे काग़ा 23.11.2024 3:41
लिजिये सुनिये मेरी क़िताब "कई ख्वाहिशें अधूरी" से एक और नयी कविता
Podcasts parecidos
O Replaio não é o publicador dos podcasts; os nomes dos programas, as capas e o áudio pertencem aos seus autores e são distribuídos por feeds RSS públicos