Shashi Bhooshan

Hamari Aavaaz हमारी आवाज़

Listening Platform with Shashi Bhooshan: Hamari Aavaaz शशिभूषण के साथ सुनने का साझा मंच: हमारी आवाज़

Autor

Shashi Bhooshan

Categoria

Education

Último episódio

17 de fev de 2026

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Episódios

Mahapran ke mahaprayan par 06.02.2022

सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" के निधन पर लिखी गई शिवमंगल सिंह "सुमन" की स्मरण कविता "महाप्राण के महाप्रयाण पर" अविस्मरणीय ही नहीं अप्रतिम भी है।

Vasant Aaya 05.02.2022

सखि, वसंत आया: निराला

Gahan hai yah andh kaaraa 05.02.2022

गहन है यह अंध कारा: निराला

Misrvasiyo pahanao apna umda taj 04.02.2022

"मिस्र वासियों पहनाओं अपना अपना उम्दा ताज" गांधी पर मिस्र की एक दुर्लभ कविता है। इसके कवि हैं, अहमद शावकी। अहमद शावकी (1868-1932) मिस्र के महान कवियों में एक थे। वे अमीर अल शूरा (प्रिंस ऑफ़ पोएट्स) के नाम से मशहूर थे। कवि के साथ साथ वे नाटककार, भाषाविद, अनुवादक और समाजवैज्ञानिक भी थे। कविता का हिंदी अनुवाद किया है अवधेश प्रसाद सिंह ने। वागर्थ के जनवरी 2022 अंक से साभार!

Dusari Saleeb 31.01.2022

नाथूराम गोडसे हिंदू ब्राम्हण था। रेडियो ने एलान किया, "आज शाम पांच बजकर बीस मिनट पर नयी दिल्ली में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गयी। उनका हत्यारा हिंदू था।" बारह बजे रात के, लेखक- कॉलिंस और लापियर।

Bramhan kaun hai mai kise bramhan kahta hun 24.01.2022

ब्राम्हण कौन है? जानिए बुद्ध किसे कहते हैं, ब्राम्हण। ब्राम्हणवग्गो, धम्मपद, अनुवाद: भदंत आनंद कौसल्यायन।

Tumhari Jati hi hai dost: Vihag Vaibhav 02.01.2022

विहाग वैभव की कविता, "तुम्हारी जाति ही है दोस्त"

Arunabh Sourabh | Mami ek kavita 02.01.2022

मामी: एक कविता- अरुणाभ सौरभ

Naye Sal Ki Shubhkaamnaen 01.01.2022

नये साल की शुभकामनाए: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

Uske Nam: Pash 13.12.2021

"वे ही बन रहे हैं देखो तुम्हारे हुस्न के दुश्मन/जो आज तक चरते रहे हमारे खेतों का हुस्न।"

Bharat Men: Shashi Bhooshan 12.12.2021

"तो क्या करें भारत में होने का !"

Pash ki kavita Mere desh 12.12.2021

"जब जिस्मों पर आता है फूल खिलने का मौसम तभी हमारे ज़ेहन से रेत बिखरती है।"

Bhalaai Buraai 11.12.2021

"लँगड़ाते हुए जाने वाले लोग भी पीछे की तरफ़ नहीं जाते। लेकिन जो मज़बूत और फुर्तीले हैं उन्हें चाहिए कि इसे अपनी कृपा समझकर, किसी लँगड़े के समान लँगड़ाने न लगें। तुम अनगिनत तरीकों से भले हो, लेकिन यदि तुम भले नहीं हो, तो बुरे भी नहीं हो। सिर्फ़ आवारा और आलसी हो।"

Khan Pan 01.12.2021

ख़लील जिब्रान की रचना खान-पान

Balak 01.12.2021

ख़लील जिब्रान की रचना बालक

Vivah 01.12.2021

ख़लील जिब्रान की रचना विवाह

Muktibodh ki kavita Zindagi men jo kuchh mahan hai 30.11.2021

गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता ज़िन्दगी में जो कुछ महान है।

Rashmirathi ka Panchava Sarg 28.11.2021

रामधारी सिंह दिनकर की अप्रतिम कृति, "रश्मिरथी" का पाँचवाँ सर्ग ।

Archana Lark ki kavita Mrityu achanak nahin aati 28.11.2021

"समय सिखाता है गले की नसों को आँसुओं से भरना और एकांत में घूँट घूँटकर पीना ।"

Archana Lark ki kavita Dharti ka chakkar 28.11.2021

"सोचती हूँ अगर कुछ लौटकर आता है/तो पहले उन बच्चों की माँ लौटकर आये/उनके लिए एक घर आये और खाने को रोटी आये/लड़की को उसका प्रेम मिले।"

Sudha Arora | Mannu Bhandari dee ke nam 16.11.2021

प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भंडारी के निधन पर वरिष्ठ लेखिका सुधा अरोड़ा का पत्र, "मन्नू भंडारी दी के नाम ।"

Muktibodh | Katth ka Sapna 13.11.2021

उसने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और वह , मन ही मन, उस पूरी गरम चिलकती हुई पृथ्वी की याद करने लगा जिस पर वह बेसहारा मारा- मारा फिरता है । क्या यह पृथ्वी उतनी ही दुःखी रही है जितना कि वह स्वयं है !

Nastik Bachche Ki Prarthna 16.10.2021

मैं कभी-कभी एक नास्तिक बच्चे की लिखी प्रार्थना किया करता हूँ।

Kranti ki pratimurti Durga bhabhi 14.10.2021

"जश्ने आज़ादी" के अंतर्गत जाने माने लेखक और इतिहासकार सुधीर विद्यार्थी द्वारा लिखा संस्मरण, "क्रांति की प्रतिमूर्ति: दुर्गा भाभी"। प्रस्तुतकर्ता: रचनात्मक शिक्षक मंडल, उत्तराखंड। वाचन: शशिभूषण।

Pawan Karan ki kavita Ahilya 11.10.2021

पवन करण के कविता संग्रह "स्त्री शतक" के दूसरे खंड से कविता, "अहिल्या"। वाचन: शशिभूषण।

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