Dr. Rakshit Madan Bagde
Economics and Social Studies
I am Assistant Professor in Economics and Researcher. My aim is to make people aware of the new issues involved in economics in easy terms. Along with it, information on social issues is to be accessed in easy terms. "Increase knowledge along with Entertainment."
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Autor
Dr. Rakshit Madan Bagde
Categoria
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Último episódio
8 de jan de 2025
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Episódios
जयपाल सिंह मुंडा 03.01.2021 5:15
जयपाल सिंह मुंडा (3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970)भारतीय आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे। वे एक जाने माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे।उनकी कप्तानी में 1928 के ओलिंपिक में भारत ने पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया। ओपनिवेशिक भारत में जयपाल सिंह मुंडा सर्वोच्च सरकारी पद पर थे ।
के.आर. नारायणन 03.01.2021 7:41
स्वतंत्र भारत के अब तक के दसवें और पहले दलित राष्ट्रपति के.आर नारायणन का पूरा नाम कोच्चेरील रामन नारायणन था. के.आर. नारायणन एक गंभीर व्यक्तित्व वाले इंसान थे. उनका जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था जिस कारण उन्होंने बचपन से ही परेशानियों से निपटना सीख लिया था. आर्थिक समस्याओं से जूझते हुए उनके भीतर धैर्य और संयम के भाव भी पैदा हो गए थे. वह एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ एक अच्छे अर्थशास्त्री भी...
मार्शल लॉ क्या है 03.01.2021 6:11
मार्शल लॉ किसी भी देश में सरकार द्वारा घोषित एक ऐसी न्याय व्यवस्था है जिसमें सैन्य बलों को एक क्षेत्र, शासन और नियंत्रण करने का अधिकार दिया जाता है. यह जरूरी नहीं हैं कि मार्शल लॉ पूरे देश में ही लागू हो, यह किसी भीं देश के छोटे से हिस्से में लगाया जा सकता है. इसे सैनिक कानून भी कहा जाता है.
खरसावां हत्याकांड 01.01.2021 2:59
1 जानवारी 1948, जब हुआ था आजाद भारत का \"जलियांवाला बाग हत्याकांड \". उस दिन साप्ताहिक हाट का दिन था. उड़ीसा सरकार ने पूरे इलाक़े को पुलिस छावनी में बदल दिया था. खरसावां हाट में करीब पचास हज़ार आदिवासियों की भीड़ पर ओडिसा मिलिट्री पुलिस गोली चला रही थी.
Savitribai Phule (English) 30.12.2020 10:40
Savitribai Phule, the first female teacher of the first women’s school in India is a pioneer figure. She relentlessly fought against the dominant caste system and worked towards the upliftment of the marginalized.
बजट क्या है 30.12.2020 3:39
सरकार की आय एवं व्यय का एक विवरण जिस प्रपत्र में एकत्रित किया जाता है, उसे बजट कहते है| बजट में विगत वर्ष के आय और व्यय के अनुमानों का वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट निर्माण के विषय में बताया गया है | लोकसभा में केंद्र सरकार के वित्तमंत्री के द्वारा बजट पेश किया जाता है, इस बजट को केंद्रीय बजट के नाम से जाना जाता है| राज्य सरकार में बजट राज्य व...
सावित्रीबाई फुले 30.12.2020 7:56
सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक है। सावित्रीबाई फुले ने समाज महिलाओं के अधिकार के अलावा कन्या शिशु हत्याओं को रोकने के अभियान चलाया और उन्होंने नवजात कन्या शिशु के लिए आश्रम तक खोला था। इतना ही नहीं उन्होंने शिक्षा ग्रहण करके ना सिर्फ समाज की कुरीतियों को हराया, बल्कि देश की लड़कियों के लिए शिक्षा के दरवाजे खोलना भी कार्य किया था। सावित्रीबाई फुले लड़कियों को शिक्षा दिल...
डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनी 30.12.2020 5:13
डॉ. भीमराव अम्बेडकर (जन्म: 14 अप्रैल, 1891 निधन: 6 दिसंबर, 1956) भारत में दलितों और पिछड़े वर्ग के मसीहा के रूप में देखा जाता है। वह 1947 में स्वतंत्र भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा द्वारा गठित ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष थे। उन्होंने संविधान को तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भीमराव अम्बेडकर भारत के प्रथम कानून मंत्री भी थे। देश के प्रति अतुलनीय सेवाओं के लिए वर्ष 1990 म...
हिंदू कोड बिल 30.12.2020 4:32
डॉ. भीमराव आंंबेडकर महिला अधिकारों के बड़े पैरोकार थे। उनका मानना था कि किसी समाज का मूल्यांकन इस बात से किया जाना चाहिए कि उस समाज में महिलाओं की स्थिति क्या है? किसी भी देश की उन्नति और विकास के लिए महिलाओं का समुचित विकास होना सर्वोपरि है। उनका मानना है कि यदि हमें विकास के शिखर पर पहुंचना है तो महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाना होगा।
नीलामी के सिद्धांत 30.12.2020 4:45
आर्थिक विज्ञान में 2020 का नोबेल पुरस्कार पॉल आर मिलग्रॉम (Paul R Milogram) और रॉबर्ट बी विल्सन (Robert B Wilson) को \"नीलामी के सिद्धांत और नए नीलामी प्रारूपों के आविष्कारों में सुधार\" (\"for improvements to auction theory and inventions of new auction formats\") के लिए दिया गया है.
पद्मश्री दादासाहेब गायकवाड 29.12.2020 4:57
भाऊराव कृष्णराव गायकवाड ऊर्फ दादासाहेब गायकवाड (जन्म : १५ ऑक्टोबर १९०२, मृत्यू : २९ डिसेंबर १९७१) हे भारतीय राजकारणी, समाजसेवक आणि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचे विश्वासू सहकारी होते. गायकवाड आंबेडकरांचा वारसा लाभलेल्या भारतीय रिपब्लिकन पक्षाचे अध्यक्ष होते, तसेच पक्षाच्या केंद्रीय कार्यकारिणीचे सदस्य होते. मुंबई विधानसभेचे सदस्य (आमदार), लोकसभा सदस्य व राज्यसभा सदस्य (खासदार) म्हणून त्यांनी कार्य केले...
सतत् विकास लक्ष्य 29.12.2020 4:55
“2015 में अनुमोदित 2030 एजेंडा और उसके 17 सतत् विकास लक्ष्य इन चुनौतियों और इनके अंतरसंबंधों के समाधान के लिए संपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण फ्रेमवर्क प्रदान करते हैं। इनके अंतर्गत सदस्य राष्ट्रों को सतत विकास के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं का समाधान संतुलित ढंग से करना होगा। इन पर अमल करते हुए समावेशन और एकीकरण तथा किसी को पीछे छूटने न देने के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।” – एंटोनियो गु...
भारत का इतिहास 29.12.2020 9:56
प्राचीन भारत का इतिहास समान्यत विद्वान भारतीय इतिहास को एक संपन्न पर अर्धलिखित इतिहास बताते हैं पर भारतीय इतिहास के कई स्रोत है। सिंधु घाटी की लिपि, अशोक के शिलालेख, हेरोडोटस, फ़ा हियान, ह्वेन सांग, संगम साहित्य, मार्कोपोलो, संस्कृत लेखकों आदि से प्राचीन भारत का इतिहास प्राप्त होता है। मध्यकाल में अल-बेरुनी और उसके बाद दिल्ली सल्तनत के राजाओं की जीवनी भी महत्वपूर्ण है। बाबरनामा, आईन-ए-अकबरी आदि जी...
भारत का आर्थिक इतिहास 29.12.2020 4:22
भारत का आर्थिक विकास सिंधु घाटी सभ्यता से आरम्भ माना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्यतः व्यापार पर आधारित प्रतीत होती है जो यातायात में प्रगति के आधार पर समझी जा सकती है। लगभग 600 ई.पू. महाजनपदों में विशेष रूप से चिह्नित सिक्कों को ढ़ालना आरम्भ कर दिया था। इस समय को गहन व्यापारिक गतिविधि एवं नगरीय विकास के रूप में चिह्नित किया जाता है। 300 ई.पू. से मौर्य काल ने भारतीय उपमहाद्वीप का...
क्या है लोकतंत्र 28.12.2020 3:44
लोकतंत्र की परिभाषा के अनुसार यह \"जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन है\"। लेकिन अलग-अलग देशकाल और परिस्थितियों में अलग-अलग धारणाओं के प्रयोग से इसकी अवधारणा कुछ जटिल हो गयी है।
अर्थशास्त्र 28.12.2020 4:58
अर्थशास्त्र में अर्थसंबंधी बातों की प्रधानता होना स्वाभाविक है। परंतु हमको यह न भूल जाना चाहिए कि ज्ञान का उद्देश्य अर्थ प्राप्त करना ही नहीं है, सत्य की खोज द्वारा विश्व के लिए कल्याण, सुख और शांति प्राप्त करना भी है। अर्थशास्त्र यह भी बतलाता है कि मनुष्यों के आर्थिक प्रयत्नों द्वारा विश्व में सुख और शांति कैसे प्राप्त हो सकती है। सब शास्त्रों के समान अर्थशास्त्र का उद्देश्य भी विश्वकल्याण है।
शहीद भगतसिंग 27.12.2020 5:19
भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशील विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार और महान मनुष्य थे।
क्रांतिकारी उधम सिंह 27.12.2020 2:57
उधमसिंह (26 दिसम्बर 1899 – 31 जुलाई 1940) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के महान सेनानी एवं क्रान्तिकारी थे। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के समय पंजाब के गर्वनर जनरल रहे माइकल ओ\' ड्वायर को लन्दन में जाकर गोली मारी।
तुकडोजी महाराज 26.12.2020 3:24
तुकडोजी महाराज, महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण सहित सामाजिक सुधारों में शामिल थे। उन्होंने “ग्रामगीता” लिखी है जो गांव के विकास के लिए साधनों का वर्णन करती है। उनके द्वारा शुरू किए गए कई विकास कार्यक्रम आज भी कुशलता से काम करना जारी हैं।
संत रविदास 26.12.2020 4:12
संत रविदास का जन्म भारत के यूपी के वाराणसी शहर में माता कालसा देवी और बाबा संतोख दास जी के घर 15 वीं शताब्दी में हुआ था। हालाँकि, उनके जन्म की तारीख को लेकर विवाद भी है क्योंकि कुछ का मानना है कि ये 1376, 1377 और कुछ का कहना है कि ये 1399 में हुआ था। कुछ अध्येता के आँकड़ों के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया गया था कि रविदास का पूरा जीवन काल 15वीं से 16वीं शताब्दी में 1450 से 1520 के बीच तक रहा।
संत गाडगेबाबा 25.12.2020 3:50
कर्मयोगी राष्ट्रसंत गाडगे बाबा एक सच्चे निष्काम कर्मयोगी थे। ऐसे महान संत को कोटि-कोटि प्रणाम।
भारतीय संविधान 25.12.2020 5:25
विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं। साथ ही इसमें पांच परिशिष्ठ भी जोड़ दिए गए हैं.
जी. एस. टी. 25.12.2020 4:11
जीएसटी का उद्देश्य उत्पाद या सेवा पर लगने वाले कई टैक्सों को खत्म करने का है। सेल टैक्स, वैट, सर्विस टैक्स जैसे कई टैक्स चुकाने पड़ते हैं।
नोटबंदी के 3 साल 25.12.2020 3:53
नवंबर 8 तारीख 2016 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। यह एक बड़ा फैसला था और उसके कई पहलू सामने आए। कुछ लोगों ने इसके फायदे गिनाए और अधिकतर अर्थशास्त्रियों ने भविष्यवाणी की कि यह देश के आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने वाला कदम है।
मनुस्मृति दहन 25.12.2020 3:45
मनुस्मृति का सबसे आपत्तिजनक पहलू यह है कि इसके अधयाय 10 के श्लोक संख्या 11 से 50 के बीच समस्त द्विज को छोड़कर समस्त हिन्दू जाति को नाजायज संतान बताया गया है।
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