Kiran Chavda

Chanakya Niti

Chanakya's wise words on how to live life to its full potential.

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Autor

Kiran Chavda

Categoria

Society

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Último episódio

11 de fev de 2026

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Episódios

जिस दिन मनुष्य के अंदर ये बात आ गई कि वो सब कुछ जानता है उस दिन वो ये समझ ले कि उसका पतन होना शुरू हो गया। 25.11.2021

मनुष्य को अपने अंदर सीखने की चाहत कभी भी खत्म नहीं करनी चाहिए। ऐसा करके वो अपने अंदर से जिज्ञासा को खत्म कर देता है।

'किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जाएगा।' आचार्य चाणक्य 21.11.2021

असल जिंदगी में किसी भी व्यक्ति को अपने अंदर कोई भी कमी नहीं दिखती है। उसे लगता है कि वो जैसा है वैसा ही परफेक्ट है। अगर सामने वाला आपका करीबी है और आप में कोई कमियां निकालता है तो आपको बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा।

'लोभ दुखों का कारण होता है क्योंकि लालच में व्यक्ति स्वार्थी होता जाता है' आचार्य चाणक्य I 18.11.2021

मित्र और मित्रता दोनों में ही आदर भाव होना चाहिए। जब इसमें कमी आने लगती है तो मित्रता कमजोर पड़ती जाती है।

अगर आप किसी को ज्यादा अहमियत देते हैं इसका मतलब ये नहीं कि वो व्यक्ति भी आपको उतनी ही अहमियत दे I 14.11.2021

किसी व्यक्ति को उतनी ही अहमियत दें, जितनी वो आपको देता है तभी आपका जीवन सुकून से बीत सकता है i

आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ चाणक्य नीति में सच्चे जीवनसाथी के गुणों का जिक्र किया है I 10.11.2021

एक सच्ची जीवनसाथी विपरीत परिस्थितियों में कभी भी अपने पति का साथ नहीं छोड़ती, बल्कि उसको सकारात्मक बनाकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है I

जीव जब गर्भ में होता है तभी आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु- ये पांच बातें निश्चित हो जाती हैं। 07.11.2021

यह माना जा सकता है कि बच्चे की माता के कर्म तथा विचार भी होने वाले बच्चे के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

जिस प्रकार सीधे खड़े पेड़ को सबसे पहले काटा जाता है, ठीक उसी प्रकार सीधे इंसान को सबसे पहले ठगा जाता है I 03.11.2021

आचार्य कहते है कि व्यक्ति को व्यवहार से इतना सीधा और सरल नहीं होना चाहिए जिससे लोग आपका फायदा उठा ले l ऐसे लोग खुद बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन ये दुनिया उनके जैसी नहीं होती I

बेहतर भविष्य के लिए छात्र जीवन में किन आदतों को छोड़ने की बात आचार्य चाणक्य ने बताई है I PART-II 31.10.2021

जो व्यक्ति जीवन में गुरु का अपमान करता है वह कभी सफल नहीं हो सकता I याद रखें किताबों के साथ-साथ आपकी सही शिक्षा सिर्फ गुरू के सही मार्गदर्शन से ही पूर्ण होती है इसलिए अपने गुरू का हमेशा आदर करें I 

बेहतर भविष्य के लिए छात्र को किन आदतों का त्याग करना चाहिए I PART-I 27.10.2021

आचार्य के मुताबिक छात्र जीवन में आलस को खुद पर कभी हावी नहीं होने देना चाहिए l ये जीवन तपस्या का समय होता है और इसमें आलस की वजह से छात्र सही तरह से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाता I

आचार्य चाणक्य बताया है कि किन आदतों को अपनाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता हैI 24.10.2021

आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में प्रेम और खुशी का वास होता है, जहां रिश्तों में एक- दूसरे के प्रति सम्मान होता है वहां सुख और समृद्धि बनी रहती है और वहां मां लक्ष्मी ठहरती हैंI

दोस्त को सच्ची दौलत कहा जाता है I कहते हैं कि अगर आपको जीवन में सच्चा दोस्त मिल जाता है तो आपका जीवन बहुत आसान हो जाता है I 20.10.2021

जो व्यक्ति आपको हमेशा सही मार्ग दिखाए,आपको झूठी बातों से बचाए और वा​स्तविकता से जोड़े, वो वास्तव में आपका सच्चा दोस्त होता है I

सफलता के लिए जितना जरूरी सही दिशा में मेहनत करना है उतना ही जरूरी वह स्थान भी है जहां आप रहते हैं l 17.10.2021

घर बनवाना जीवन का एक बहुत बड़ा फैसला होता है I ये फैसला इंसान को बहुत सोच समझकर लेना चाहिए l अगर आपने अपने घर के लिए किसी गलत जगह का चुनाव कर लिया तो आपको जिंदगीभर के लिए समस्या झेलनी पड़ सकती है I

मूर्खता कष्ट है, यौवन भी कष्ट है, किन्तु दूसरों के घर में रहना कष्टों का भी कष्ट है। 13.10.2021

यदि कोई व्यक्ति किसी पराए घर में रहता है तो उसके जीवन में कई प्रकार की मुश्किलें हमेशा बनी रहती हैं। अगर आप दूसरों के घर में रहते हैं तो आपकी स्वतंत्रता पूरी तरह खत्म हो जाती है। ऐसा व्यक्ति अपना जीवन एक दास की तरह बिताना है l

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्रमें कुछ ऐसे अवगुणों के बारे में बताया है जिसे व्यक्ति को जल्द से जल्द त्याग कर देना चाहिए अन्यथा वह जीवन में सम्मान खो सकते हैं। 10.10.2021

आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी को भी दूसरों पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए। जो लोग दूसरों की निंदा करते हैं और जो पीठ पीछे बुरी बातें बोलते है उनसे सदैव दूर रहे।

वश में करना यानी किसी व्यक्ति को अपने नियंत्रण में करना Iअगर कोई व्यक्ति हमारे वश में हो जाता है तो उससे हम कोई भी काम करवा सकते हैं l 06.10.2021

जो व्यक्ति धन का लालची है उसे पैसा देकर, घमंडी या अभिमानी व्यक्ति को हाथ जोड़कर, मूर्ख को उसकी बात मानकर और विद्वान व्यक्ति को सच से वश में किया जा सकता है।

जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मन में जज्बा और दिल में प्रेरणा होना बहुत जरूरी होता है। 03.10.2021

जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए चाहे आप किसी की सलाह लें या फिर किसी के जीवन से प्रेरणा लेकिन सही और गलत का निर्णय अंत में आपको स्वयं की समझदारी से ही लेना होता है।

आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे 5 गुणों का जिक्र किया है, जो व्यक्ति को शादी से पहले अपने पार्टनर में परख लेने चाहिए। 29.09.2021

अगर आपका जीवनसाथी संतुष्ट है,धार्मिक विचारों वाला है,धैर्यवान है, क्रोध ना करने वाला है और मीठा बोलने वाला है तो वह अच्छा जीवनसाथी साबित होता है और विपरित परिस्थितियों में कभी भी आपका साथ नहीं छोड़ता है।

एक अच्छा लीडर वही माना जाता है जो सभी को साथ लेकर चलता है । नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य ने एक अच्छे व सफल नेता के गुणों का भी वर्णन किया है। 29.09.2021

इस नीतिसूत्र के जरिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति में दानकी वृत्ति , मधुर वाणी, धैर्य और उचित ज्ञान ये चार गुण जन्म से ही होते हैं।

पुत्र का पांच वर्ष तक लालन करे। दस वर्ष तक ताड़न करे । सोलहवां वर्ष लग जाने पर उसके साथ मित्र के समान व्यवहार करना चाहिए। 22.09.2021

आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे को संस्कार देने में महत्वपूर्ण भूमिका माता पिता की भी होती है । बच्चे को हमेशा सही और गलत में अंतर करना आना चाहिए अन्यथा उसका भविष्य खराब हो सकता है ।

प्रेम बराबरी वाले व्यक्तियों में ही ठीक रहता है,अगर नौकरी करनी हो तो राजा की करनी चाहिए,कार्य में सबसे अच्छा व्यापार करना है और उत्तम गुणों वाली स्त्री ही घर में शोभा देती है I 19.09.2021

शास्त्रों में स्त्री का स्थान वंदनीय है. स्त्री को शक्ति और देवी का प्रतीक माना गया है. चाणक्य के मुताबिक जिन स्त्रियों में अंहकार, अज्ञानता, और लालच जैसे अवगुण न हों वैसी गुणयुक्त स्त्री ही घर की शोभा बढ़ाती है।

दुनिया में जैसे हर किसी के सच्चे मित्र होते हैं, वैसे ही सबके शत्रु भी होते हैंI 15.09.2021

अगर शत्रु आपसे अधिक बलशाली है तो उसके अनुकूल व्यवहार कर उसे परास्त किया जा सकता है। शत्रु दुष्ट स्वभाव का है तो उसका विरोध करके और अगर शत्रु आपके समान बल वाला है तो उसे विनय से वश में किया जा सकता है।

किसी भी व्यक्ति की सफलता और असफलता इस बात पर काफी हद तक निर्भर करती है कि वह सही व्यक्ति की पहचान कर पाने में सक्षम है या नहीं। 12.09.2021

किसी व्यक्ति की परख या पहचान इस बात से होती है कि वह कितना त्याग करता है, उसका चरित्र कैसा है, उसमें गुण कौन से है और उसका कर्म कैसा है। 

इंसान को कार्य के अनुरूप ही प्रयास करना चाहिए। 08.09.2021

जिस तरह  कम परश्रिम या मेहनत व्यक्ति को असफल करती है, ठीक उसी तरह अधिक मेहनत भी व्यक्ति को उसकी मंजिल तक पहुंचने नहीं देती। 

सुख का मूल धर्म है और धर्म से ही सुख की प्राप्ति होती है 05.09.2021

धर्म का अर्थ होता है सत्य के साथ रहना, झूठ के साथ नहीं, सदा सत्य बोलने से व्यक्ति की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता कायम रहती है।

समय का जितना महत्व है उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है समय का प्रबंधन करना। 01.09.2021

जीवन में समय की क्या उपयोगिता है इसका ज्ञान इंसान को तब होता है जब वह समय को गंवा चुका होता है।

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