Kiran Chavda

Chanakya Niti

Chanakya's wise words on how to live life to its full potential.

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Autor

Kiran Chavda

Categoria

Society

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Último episódio

11 de fev de 2026

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Episódios

अक्सर हम आज का काम कल पर टाल देते हैं I 15.08.2022

काम को टालते रहने की आदत कई बार हमारे लिए और साथ दूसरों के लिए भी मुसीबत बन जाती है।

वाणी की मधुरता पहुंचा सकती है आपको शिखर तक I 11.08.2022

ऐसी वाणी बोलिये, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय।।

धैर्य किसी व्यक्ति में इतना होना चाहिए कि वह अपने नजदीक ही अपना निंदक रखने का साहस कर सके। 08.08.2022

सफलता की इच्छा रखने वालों को अपने कार्य को साधने के लिए दुर्जनों को भी अपने बर्ताव से जीतने की आदत डाल लेनी चाहिए।

दूसरे के हाथ में धन जाने से धन नष्ट हो जाता है। 04.08.2022

जब आप अपने धन को किसी दूसरे व्यक्ति के हवाले कर देते हैं तो आपका जीना मुश्किल हो सकता है।

इस धन को दूसरों के साथ जरूर बांटें.. 01.08.2022

विद्या है सबसे बड़ा गुप्त धन॥ 

कान्तावियोगः स्वजनापमानं ऋणस्य शेषं कुनृपस्य सेवा । 29.07.2022

यूं तो जीवन में कई प्रकार के कष्ट आते हैं जो दुखदाई होते हैं, लेकिन कुछ खास ऐसे कारण हैं जिनके पीछे हर कोई दुख और खेद प्रकट करता है I 

चाणक्य के अनुसार, पति को भूल से भी पत्नी को नहीं बतानी चाहिए ये बातें… 24.07.2022

अगर कभी आपका अपमान हो जाए, तब आप अपनी पत्नी को इसके बारे में ना बताएं...

ऐसी चीजें जो व्यक्ति को अंदर ही अंदर मार देती हैं I 22.07.2022

आचार्य चाणक्य के मुताबिक, पत्नी वियोग के अलावा अपने ही लोगों से बेइज्जत होना, बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना, गरीबी एवं दरिद्रों की सभा करना आदि अंदर से मर जाने के बराबर है I 

इंसान की आदतें उसे बना देती हैं कंगाल.. 18.07.2022

आचार्य का मानना था कि इंसान की कुछ आदतें माता लक्ष्मी को नाराज कर देती हैं I 

गधे के जीवन से सीखें ये गुण.. 14.07.2022

अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं, तो खुद को गधे की तरह बना लें I 

अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार रहना बहुत जरूरी हैl 12.07.2022

पति पत्नी दोनों को ही अपने बीच की बातों को खुद तक ही सीमित रखना चाहिए I 

आप अपनी जिंदगी की तुलना अन्य लोगों के साथ मत करो I 07.07.2022

आपको भी जीवन में वो सब मिलेगा जो आप डिजर्व करते हैं, बस आपको थोड़ा सब्र रखना होगा I 

ऐसे पुरुष जो प्यार के मामले में कभी असफल नहीं होते। 04.07.2022

जो पुरुष पराई स्त्री पर नजर नहीं रखता वह सर्वोत्तम है।

भवन्ति किल सागराः । सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि न साधवः ॥ 29.06.2022

अर्थात :जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मर्यादा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते I 

इन लक्षणों से व्यक्तिहो सकता है बर्बाद I 26.06.2022

हर काम से डरने वाला व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता है I

करियर के लिए बेहद फायदेमंद कुछ चाणक्य नीति I 22.06.2022

अगर आपने किसी से पैसा लिया है तो उसे जल्द से जल्द क्लियर करें और अगर कोई आपसे पैसे लेता है तो अपना पैसा वापस मांगने में कभी संकोच न करें I 

कायर को कार्य की चिंता नहीं होती। 19.06.2022

कई लोग ऐसा कहते हुए सुने जाते हैं कि एक बार कार्य शुरू हो जाए तो फिर यह किसी भी तरह पूरा हो ही जाएगा।

पादाभ्यां न स्पृशेदग्निं गुरु ब्राह्मणमेव च । नैव गां न कुमारीं च न वृद्धं न शिशुं तथा ।। PART 3 15.06.2022

अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 3 

पादाभ्यां न स्पृशेदग्निं गुरु ब्राह्मणमेव च । नैव गां न कुमारीं च न वृद्धं न शिशुं तथा ।। PART 2 12.06.2022

अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 2 

पादाभ्यां न स्पृशेदग्निं गुरु ब्राह्मणमेव च । नैव गां न कुमारीं च न वृद्धं न शिशुं तथा ।। PART 1 10.06.2022

अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुमारी, वृद्ध और शिशु को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए I PART : 1 

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभिता। अशौचत्वं निर्दयत्वं स्त्रीणां दोषा: स्वभावजा:।। 07.06.2022

किसी भी चीज़ का जब अन्वेषण किया जाता है, तो उसकी बाहुल्यता देखी जाती है। यहाँ स्त्रियों के दोष को आचार्य चाणक्य ने स्वाभाविक दोष कहा है, अवश्यम्भावी नहीं।

आलस्य इंसान की सबसे बड़ी दुश्मन है I 03.06.2022

सफलता पाने वाले को इस दुर्गुन से दूर रहना छाहिये I 

यत्रोदकं तत्र वसन्ति हंसाः तथैव शुष्कं परिवर्जयन्ति। न हंसतुल्येन नरेण भाव्यं पुनः त्यजन्ते पुनः आश्रयन्ते। 30.05.2022

अर्थात : जहाँ जल रहता है, वहाँ हंस रहते हैं। जब जल सूख जाता है, तब उस स्थान को हंस त्याग देते हैं। मनुष्य को हंस की तरह नही होना चाहिए, क्योंकि जिसका आश्रय छोड़ा जाता है, उसी का आश्रय लेना पड़ सकता है।

यो यस्मिन् कर्मणि कुशलस्तं तस्मिन्ने व योजयेत्। 26.05.2022

अर्थात:जो व्यक्ति जिस कार्य में निपुण हो, उसे वही कार्य सौंपना चाहिए।

राज़ को राज़ ही रहने दें I 23.05.2022

किसी से मिलते वक़्त पहली बार का व्यवहार कैसा होना चाहिए I

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