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Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui
जमशेद क़मर सिद्दीकी के साथ चलिए कहानियों की उन सजीली गलियों में जहां हर नुक्कड़ पर एक नया किरदार है, नए क़िस्से, नए एहसास के साथ. ये कहानियां आपको कभी हसाएंगी, कभी रुलाएंगी और कभी गुदगुदाएंगी भी. चलिए, गुज़रे वक्त की यादों को कहानियों में फिर जीते हैं, नए की तरफ बढ़ते हुए पुराने को समेटते हैं. सुनते हैं ज़िंदगी के चटख रंगों में रंगी, इंसानी रिश्तों के नर्म और नुकीले एहसास की कहानियां, हर इतवार, स्टोरीबॉक्स में. Jamshed Qamar Siddiqui narrates the stories of human relationships every week that take the listener on the rollercoaster of emotions, love, and laughter. Stories are written by Jamshed...
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Episodes
26/11: मुंबई की वो रात | स्टोरीबॉक्स | Ep 101 11.08.2024 22:53
वो रात जब सिर्फ मुंबई दहल उठी थी। होटल ताज में छुपे आतंकवादियों के निशाने पर थे आम लोग। कई बेगुनाहों की मौत हो चुकी थी और कई उनके निशाने पर थे। ऐसे वक्त में सामने आई नेवी के कमांडोज़ की एक ख़ास टुकड़ी जिसने अंधेरे कमरे में छुपे आतंकवादियों का निशाना सिर्फ आवाज़ों के सहारे किया। 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुनिए स्टोरीबॉक्स की ख़ास कहानी '26/11: मुंबई की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
PROMO : STORYBOX WITH JAMSHED QAMAR SIDDIQUI | 100 Episodes 06.08.2024 0:44
स्टोरीबॉक्स ने पूरे कर लिये हैं 100 शानदार एपिसोड्स। इस सफ़र में यहां तक साथ देने के लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। इंसानी जज़्बात की ये ख़ूबसूरत कहानियां चलती रहेंगी। - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी
नवाब साहब का घोड़ा | स्टोरीबॉक्स | EP 100 04.08.2024 18:45
नवाब साहब का वो घोड़ा मशहूर इसलिए था क्योंकि माना जाता था कि अगर किसी ने घोड़े की पूंछ का बाल सूंघ लिया तो उसे मनचाहा प्यार मिल जाएगा। हर इतवार घोड़े के पीछे लाइन लग जाती थी लेकिन एक रोज़ जब नवाब साहब की बेटी को मोहल्ले के बब्लू से प्यार हो गया तब घोड़ा काम नहीं आया - सुनिए पूरी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
पुराने मुहल्लों का प्यार | स्टोरीबॉक्स | EP 99 28.07.2024 18:26
परवेज़ भाई वो आदमी थी कि जो सालभर तो ठीक रहते थे लेकिन फरवरी का महीना आते ही उनके अंदर एक अजीब सा गुस्सा आ जाता था. वो उन आशिकों की पिटाई के मौके ढूंढने लगते थे जो अपनी महबूबा के साथ बन ठन के घूमने निकलते थे. पर तब क्या हुआ जब परवेज़ भाई को ही इश्क़ की हवा लग गयी. जब मोहल्ले में रहने वाली उनकी पुरानी इकतरफ़ा मुहब्बत आफ़रीन ने लिख दिया उनके नाम पर ही मुहब्बत का एक ख़त - सुनिये स्टोरीबॉक्स में जमशेद...
आधी रात की आख़िरी कैब | स्टोरीबॉक्स | EP 98 21.07.2024 21:10
रात के सन्नाटे में एक कैब ड्राइवर को मिली एक ऐसी सवारी जिसके साथ किया हुआ सफर वो हमेशा याद रखेगा। ढाई साल पहले दिल्ली के एक इलाके में हुई लड़की की हुई मौत से उस सवारी का क्या रिश्ता था और क्यों शहर के एक ख़ास चौराहे पर कैब्स का एक्सीडेंट हो जाता था? इन हादसों के पीछे की ख़ौफनाक हक़ीकत सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से
पुरानी तिजोरी और दस लाख का चैलेंज | स्टोरीबॉक्स | Ep 97 14.07.2024 27:08
शहर के अख़बार में एक सुबह ख़बर छपी "किसी भी ताले या तिजोरी को खोलने में माहिर मुख़्तार ने डालमिया लॉक्स कंपनी को दी चुनौती" मुख़्तार नाम के शख्स ने कहा कि वो हज़ारों लोगों के सामने 'डालमिया लॉक्स' की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिजोरी को खोल कर दिखाएगा। पहले ही दिवालिया होने के कगार पर खड़ी कंपनी ने क्या मुख़्तार की चुनौती को कुबूल किया? क्या ये कंपनी के लिए एक मौका था खुद को फिर से लॉक इंडस्ट्री...
ज़ुल्फ़ी भाई की बिरयानी | स्टोरीबॉक्स | EP 96 07.07.2024 17:02
ज़ुल्फ़ी भाई घर से निकले हाथ में बिरयानी थी और चल दिए उस घर की तरफ जहां उन्हें बिरयानी डिलिवर करनी थी लेकिन तब वो ये कहां जानते थे कि आज उनकी ज़िंदगी में वो होने जा रहा है जिसका इंतज़ार वो पिछले छ सालों से कर रहे थे और वो थी आबिदा से मुलाकात - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'ज़ुल्फ़ी भाई की बिरयानी'
थोड़ी सी थ्रिलर कहानी | स्टोरीबॉक्स | EP 95 30.06.2024 25:33
एक थ्रिलर नॉवेल लिखने वाला शख्स को अजनबी शहर में अचानक पता चलता है कि उसके कोई पुराने रिश्तेदार इसी शहर में रहते हैं. वो मिलना तो नहीं चाहता पर मां के बार-बार फोन आने पर उसे मिलने जाना पड़ता है. जब वो वहां पहुंचता है तो उसे एक 13-14 साल की बच्ची मिलती है जो उसे एक कमरे में बैठने के लिए कहती है. एक कमरा जिसका पीछे का दरवाज़ा जंगल की तरफ खुलता है. खूंटी पर लटकी एक पुरानी हैट और दीवार पर लगी एक बंदूक...
मेरे हस्बैंड की गर्लफ्रेंड | स्टोरीबॉक्स | EP 94 23.06.2024 24:43
एक पत्नी अपनी पति की बात उसकी एक्स गर्लफ्रेंड से क्यों करवाती थी? वो क्या था जिसने उन दोनों को एक बीते हुए रिश्ते को लेकर इतना सहज बना दिया था? और वो एक्स गर्लफ़्रैंड उन दोनों की ज़िंदगी में किस तरह शामिल थी? सुनिए डॉ दुष्यंत की किताब 'क़िस्से कॉफ़ियाना' की एक कहानी 'एकदा एक्स' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत
घर की अलमारी | स्टोरीबॉक्स | EP 93 16.06.2024 18:57
घर के पीछे वाले कमरे के एक कोने में रखी उस पुरानी अलमारी में कौन से राज़ छुपे थे जो अंतरा की मम्मी उसके सामने नहीं आने देना चाहती थीं? अंतरा के पापा की मौत के बाद ज़िंदगी को दोबारा शुरु करने में अंतरा को कौन से डर घेरे रखे थे. सुनिए जमशेद कमर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में कहानी 'घर की अलमारी'. साउंड मिक्सिंग: कपिलदेव सिंह
वायसरॉय साहब का पंखा | स्टोरीबॉक्स | EP 92 09.06.2024 23:00
जलील भाई के दादा को किसी ज़माने में वायसरॉय साहब ने अपने बंग्ले से उतार कर पंखा दिया था और वही पंखा जलील भाई की डेंटल क्लीनिक पर आजतक लटका हुआ है. पर इस पंखे ने कैसे बिगाड़ दी जलील भाई की प्रेम कहानी - सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से स्टोरीबॉक्स में
क़िस्सा नकली नोट का | स्टोरीबॉक्स | EP 91 02.06.2024 18:29
कानपुर रेलवे स्टेशन पर रिज़र्वेशन की लाइन में खड़े एक शख्स ने जब खिड़की से पैसा अंदर बाबू की तरफ बढ़ाया तो उसने कहा कि ये नोट नकली है लेकिन नकली नोट की वजह से वो कैसे मिल गए अपनी उस मुहब्बत से जिसकी तलाश में सालों से यहां वहां मजनूँ बने घूम रहे थे - सुनिए स्टोरीबॉक्स में क़िस्सा नकली नोट का - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
20 साल बाद | स्टोरीबॉक्स | EP 90 26.05.2024 18:47
इतनी रात के वक्त यहां क्या कर रहे हो? पुलिस अफ़सर ने उससे पूछा तो उसने कहा, "मैं अपने पुराने दोस्त का इंतज़ार कर रहा हूं। बीस साल पहले हमनें यहीं मिलने का वादा किया था" कुछ देर बाद एक शख्स आया और उसने बढ़ाते हुए कहा, "तुम बॉब हो?" बॉब ने झिझकते हुए हाथ तो बढ़ा दिया पर उसे शक था कि ये उसका दोस्त ही है या फिर कोई और... - सुनिए स्टोरीबॉक्स में इस हफ्ते 'बीस साल बाद' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
अमावस की वो रात | स्टोरीबॉक्स | EP 89 19.05.2024 14:40
उस काली अंधेरी सुनसान रात में सामने वाले अपार्टमेंट की खिड़की में मैंने जो देखा था उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. भूत प्रेत या साय पर मेरा यकीन हो या ना हो लेकिन उस रात के बाद ज़िंदगी और उसकी अहमियत पर मेरा यकीन ज़रूर बढ़ गया था - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'अमावस की वो रात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
लव शादीशुदा | स्टोरीबॉक्स | EP 88 12.05.2024 21:04
फिल्मों में हीरो-हीरोइन जैसे ही हमेशा के लिए मिलते हैं, फिल्म खत्म हो जाती है। पर असल में ज़िंदगी तो वहीं पर शुरु होती है। शादी को मुहब्बत का THE END क्यों माना जाता है? सुनिए लतिका और शिवम की वो प्रेम कहानी जो शादी के बाद घर की चार दीवारी के बीच शुरु हुई। स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
मियां, बीवी और मर्डर | स्टोरीबॉक्स | EP 87 05.05.2024 14:07
मैं अपनी बीवी का मर्डर करना चाहता था और इसके लिए मैंने एक प्लान किया एक परफेक्ट मर्डर. मैंने उसे बर्फ से ढके उस पहाड़ पर चलने के लिए कहा जहां मेरा इरादा था उसे वहां से धक्का देने का. लेकिन मेरी पत्नी अपने प्लान के साथ आई थी. उसने जो रचा था उसने मुझे हैरान कर दिया था क्या कोई किसी से इतनी नफरत कर सकता है? सुनिए 'मियां, बीवी और मर्डर' जमशेद कमर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी 'स्टोरीबॉक्स' में साउन्ड मिक्सि...
एक शायर की ख़ुदकुशी | स्टोरीबॉक्स | EP 86 28.04.2024 31:53
एक मरता हुआ पेशेंट जो मरने से पहले आखिरी बार अपने उस पसंदीदा शायर की नज़्म सुनना चाहता है जिसने ज़िंदगी की बोरियत से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। और एक फीमेल डॉक्टर जो जानती है कि वो मरता हुआ पेशेंट मरते वक्त उसके गले लग कर इस दुनिया से जाना चाहता है क्योंकि वो उससे मुहब्बत करता है। सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'एक शायर की खुदकुशी' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी
मोहल्ले का मंकी मैन | स्टोरीबॉक्स | EP 85 21.04.2024 19:36
मोहल्ले में आ गया है मंकी मैन. चश्मदीद बताते हैं कि उसकी आंखों की जगह लाल लाइट हैं और मुंह से धुआं निकलता है. वो छत के ऊपर से उड़ते हुए गुज़रता है और लोगों को काट लेता है. मोहल्ले के पार्षद जी बसेसर नाथ ने जनता से वादा किया है कि वो मंकी मैन से निपटने के लिए अपने घर की छत पर सोएंगे. क्या होगा पार्षद जी का - सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में नई कहानी 'मोहल्ले का मंकी मैन' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से साउन्ड मिक्स...
ख़ामोश सा अफ़साना | स्टोरीबॉक्स | EP 84 15.04.2024 14:17
नए रिश्तों की चमक में पुराने रिश्ते मद्धम ज़रूर पड़ जाते हैं लेकिन उनकी याद अक्सर आंखों को भिगो जाती है. मेरी एक उंगली पर बना वो निशान जो पुरानी अंगूठी उतारने से बन गया था, मुझे बार बार मेरे गुज़र चुके शौहर की याद दिला रहा था पर अब वक्त आ गया था कि उसे उतार दिया जाए - सुनिए स्टोरीबॉक्स की कहानी 'ख़ामोश सा अफ़साना' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
ईद मुबारक | स्टोरीबॉक्स | EP 83 07.04.2024 23:51
शायद मैं अकेली थी जिसे ईद का इंतज़ार नहीं था. इंतज़ार करें भी तो किसका. कुछ लोग आपकी ज़िंदगी से इस तरह जाते हैं कि सब कुछ बेरंग लगने लगता है, खासकर तब जब आपको पता हो कि वो इसी दुनिया के किसी हिस्से में आप के बारे में सोच रहे होंगे - सुनिए स्टोरीबॉक्स में एक खास कहानी 'ईद मुबारक' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से
एक डॉगी की लवस्टोरी | स्टोरीबॉक्स | EP 82 31.03.2024 19:26
कहते हैं कि आदमी इश्क़ में कुत्ता बन जाता है लेकिन मुझे ऐसा कोई डर नहीं था क्योंकि मैं तो एक कुत्ता ही था। मैं सड़क का आवारा कुत्ता था लेकिन मुझे इश्क़ हो गया था उस आलीशान घर में रहने वाली पिंकी पॉमेरेनियन से जो अपनी मंहगी कार में अपनी मालकिन की गोद में बैठी रहती थी। हमने भी हार नहीं मानी गली के सारे दोस्त यार, मरझिल्ले, कनकटे, दुबले-पतले कुत्ते जमा किए और एक प्लैन बनाया। - सुनिए स्टोरीबॉक्स में क...
फांसी या उम्रक़ैद? | PART 2 | स्टोरीबॉक्स | EP 81 24.03.2024 21:40
15 साल कैद के बदले दस करोड़ की शर्त लगाने वाला वो अमीर कारोबारी कौन था जिसने सातवीं पास लड़के से लगाई एक अजीब शर्त? वो उस लड़के के कमरे में रिवॉल्वर लेकर क्यों गया था? और क्या वो लड़का अशर, 15 साल क़ैद की वो शर्त पूरी कर पाया? सुनिए स्टोरीबॉक्स में बेहद ख़ास कहानी फांसी या उम्रक़ैद - आजतक रेडियो पर साउन्ड मिक्सिंग: नितिन रावत
फांसी या उम्रक़ैद? | PART 1 | स्टोरीबॉक्स | EP 80 17.03.2024 17:52
एक सातवीं पास शख्स से एक अमीर कारोबारी ने लगाई अजीब शर्त जिसमें उसे 15 साल तक एक क़ैद खाने में रहना था जिसके एवज में वो उसे दस करोड़ देने वाला था. क्यों लगाई उसने ऐसी शर्त और कौन जीता इस शर्त को - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'फांसी या उम्रकैद' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से साउन्ड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी
शून्य | स्टोरीबॉक्स | EP 79 10.03.2024 23:25
सीमा दीदी ऑफिस में अपने पति की खूब तारीफें करती थीं लेकिन उनके हाथ पर हर रोज़ चोट का एक नया निशान दिखता था. वो कहती थीं, "वीकंड पर हम लोग फिल्म देखने गए थे, ये तो मेरा इतना ख़्याल रखते हैं कि पूछो मत बार बार फोन करते हैं" जबकि वो कभी उनको पिक करने दफ़्तर नहीं आए थे. सीमा दीदी दुनिया के सामने अपनी ज़िदगी को झूठी खूबसूरती से सजाए रखना चाहती थीं, जबकि अंदर ही अंदर वो एक गहरी तकलीफ से गुज़र रही थीं -...
हकीम साहब की चूहेदानी | स्टोरीबॉक्स | EP 78 03.03.2024 20:06
जिस सुबह तीन मोटे चूहों ने हकीम साहब की सदरी दातों से कुतर डाली, उन्होंने तय किया कि अब चाहे जो भी हो जाए लेकिन इन चूहों से छुटकारा पाकर रहेंगे लेकिन उनको पकड़ने के लिए चाहिए एक चूहेदानी. एक तो सदरी कट गयी, ऊपर से पैसा खर्च करके वो खरीदें तो भई ये तो न हो पाएगा. इसके लिए उन्होंने एक ऐसी तरकीब सोची कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे, लेकिन ये तरकीब उतनी कारगर थी नहीं जितनी लग रही थी - सुनिए स्टोरी...
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