yashodama
।श्री हरिकथा।
मंgaलाचरण। श्रीमद्भागवत महापुराण प्रारंभ ।Shreemad Bhagvat MahapuraN ParayaN Kathasagar Katha kunj.
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Episodes
2....साधनाध्याय, दासबोध, अलख-निरंजन -2. 08.07.2023 35:57
2....साधनाध्याय, दासबोध अलख निरंजन -2.
भक्त के लक्षण -1,अलख निरंजन -1. 08.07.2023 24:47
1.. अलख निरंजन -1. 1.भक्त के लक्षण | भक्ति ,भक्त, भगवंत सब एक स्वरूप है। भक्तों का पहला लक्षण है एक्य भाव। दूसरा लक्षण," तू ही तू ही दूजा ना कोई"।" एक में अनंत में देखो अनंत में एक को देखो " -गुरु जी कहते हैं। भक्तों का तीसरा लक्षण भक्ति अव्यभिचारिणी चारिणी, अनन्य भक्ति। कर्मा भक्ति ज्ञान यह तीन पर है। श्री सत्यस भक्ति रेव गरियसी। हनुमान जी कहते हैं, देहा बुद्धि्यात तव दासोहम। जीव बुद्धि्यात त्वद...
10. कथा -कुंज, श्री हरि कथा सार भाग-4 05.07.2023 52:26
10. कथा -कुंज, श्री हरि कथा सार भाग-4. गोकर्णोपाख्यान।
9. कथा -कुंज, श्री हरि कथा सार भाग-3. 05.07.2023 40:42
9. कथा -कुंज, श्री हरि कथा सार भाग-3. नारद सनकादि संवाद में भागवत कथा का उपक्रम। विशाला क्षेत्र में गंगा जी के किनारे सनकादिरुषी विराजमान है। देवर्षि नारद जी वहां आए हैं। नारद जी महाराज लोक संग्रह संत है। संतो के दो भेद होते हैं। लोक त्यागी संत और लोक संग्रही संत। सुखदेव जी महाराज लोग त्यागी संत हैं। सब का त्याग कर दिया है ।लंगोटी का भी क्या कर दिया है। व्यास जी को कहा पिता पुत्र का संबंध सच्चा नह...
8. कथा -कुंज, श्री हरि -कथा सार भाग -२ 04.07.2023 3:07
8. कथा -कुंज, श्री हरि -कथा सार भाग -२
7. कथा-कुंज, श्रीमद् भागवत कथा सार -१. 04.07.2023 23:44
7.कथा-कुंज, श्रीमद् भागवत कथा सार -१. श्रीशौनकजी सूतजी से श्री कृष्ण दर्शन हो ऐसा कथा सार सुनाने को आग्रह करते हैं। 7.कथा-कुंज, श्रीमद् भागवत कथा सार -१.
6.... श्रीमद् भागवत नवनीत भाग -6. 28.06.2023 20:12
6... श्रीमद् भागवत नवनीत भाग-6. 1. अच्छा मेरे लिये उसका नाम आसक्ति। अच्छा दूसरेके लिए उसका नाम भक्ति। 2.जो अतिशय प्रिय लगता है,उसे भगवान को अर्पण करें।
5.... श्रीमद् भागवत कथा सार भाग-5. 28.06.2023 5:29
1.द्रष्टांत का मर्म समजना। 2.श्री व्यास नारायण श्रीगणेशजी की, श्री सरस्वती जी की , सद्गुरु जी का वंदन करके, श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ करतें हैं।
4....श्रीमद् भागवत कथा सार भाग-4. 28.06.2023 5:07
4.... श्रीमद् भागवत कथा सार भाग 4. व्यासाश्रममें व्यास नारायण ने कहा और गणपति दादा ने लिखा ये भागवत महापुराण।
3...श्रीमद् भागवत कथा सार,भाग -3 28.06.2023 23:55
3. श्रीमद् भागवत कथा सार भाग -3. 1. अंतकाल में पुण्यका स्मरण नहीं होता है . 2.पाप का स्मरण होता है। तीर्थ यात्रा में कुछ सत्कर्म किया, घर में कुछ अच्छा किया वो नहीं याद आता है। 3. हर क्षण में सावधान रहना। प्रतिदिन प्रतिक्षण सुधारना। इंन्द्रियों का सदुपयोग करना। वाणीका सदुपयोग करना। 4.समभाव माने विषमता का अभाव। 5.भागवत कथा का श्रवण अमरता प्रदान करता है।भागवत नि:संदेह बनाता है। 6.श्रीमद् भागवत,एक पर...
२.... श्रीमद् भागवत कथा सार, भाग -2. 24.06.2023 22:40
जीवन मंगलमय है, वैसे म्रूत्यु भी मंगलमई है।
१. श्रीमद् भागवत कथा सार, भाग-1. 24.06.2023 23:35
१ ईश्वर पूजन। २. प्रभु की प्रीति के बिना काल की भीती नहीं जाती है।
5....श्रीमद भागवत नवनीत भाग-5 19.06.2023 29:56
5. शुक जन्मकी कथा।
4....श्रीमद् भागवत नवनीत भाग–4. 19.06.2023 19:27
4. श्री हरि शरणागति। भागवत नवनीत भाग 4 श्रीमद् भागवत माहात्म्य। सच्चिदानंद स्वरूप भगवान श्री कृष्ण का वंदन। अनेक ग्रंथों में महात्मा की कथा आती है। खास करके पद्मा पुराण के अंदर आए हुए महात्मे की कथा वक्ता कहे ऐसी व्यास नारायण की आज्ञा है। व्यास नारायण की आज्ञा के अनुसार पद्मपुराण अंतर्गत महात्मा की कथा को आरंभ करते हैं। सच्चिदानंद रूपाय विश्वत्पत्यादि हेतवे। तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नुम:।...
46. श्रीमद्भागवत महापुराण नवनीत गान भाग 5, 17.06.2023 13:27
46..श्री विष्णु- शतनाम स्तोत्रम।
3....श्रीमद्भागवत नवनीत , भाग—3. 16.06.2023 1:22:55
.गुरूपूर्णिमाकाआनंद। श्रीमद भागवत महापुराण कथा सार,
2.श्रीमद् भागवत नवनीत –2. श्रीकृष्णदर्शन की इच्छा । 16.06.2023 27:03
सुख भोगने से दुख का अंत नहीं होता। राजा हो राम को स्वर्ग के देव हो कोई भी हो कितना भी सुख भोग लिया उसकी प्रशांति मिली क्या श्री कृष्ण दर्शन से दुख की समाप्ति होती है। जब तक मानव आत्म स्वरूप में ही शांति पूर्वक भगवान का दर्शन नहीं करता , तब तक दुख का अंत नहीं होता। इसलिए श्री कृष्ण दर्शन की इच्छा रखो। भगवान का दर्शन करने की इच्छा रखकर साधन करो इससे बहुत शांति मिलेगी। श्री राम श्री कृष्ण के दर्शन के...
1.श्रीमद्भागवत नवनीत , भाग– 1. 16.06.2023 8:20
परमात्मा श्री कृष्ण का दर्शन करने से मानव जीवन सफल होता है। मानव अपनी शक्ति और बुद्धि का उपयोग भगवान के लिए करें तो मानव को मरने से पूर्व ही भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन हो सकता है। मानव शरीर की यह विशेषता है कि भोग और भगवान दोनों ही शरीर में मिलते हैं। मानव भीतर सभी प्राणियों को केवल भोग मिलता है, भगवान का दर्शन नहीं होता।
14D Katha-kunj bhag-१५ 06.06.2023 8:05
14D.. Satsang se Vivek aataa hai।
भाग -6. "श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण . कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । 05.06.2023 32:48
मां अलकनंदा बद्रीनाथ से आ रही हैं। उसकी आवाज सुनेंगे। गुरुजी के आशिर्वादसे आजाबद्रीनाथ की यात्रामे चमोली गांव में ठहर गए। उधरसे अलकनंदा घुघवाता करते गर्जना करते बहती है। और लुक चली जारही है। बद्री धाम की जय।
5.... "श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण . कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । 05.06.2023 28:23
5...."श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण . कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । बद्रिधाम् जा रहे है, उसि समय आजका परायण किया! मेरे परिदेवका May 5 तारीखको 75 ईयर्स पूरे हुवे उसी निमित्तसे अमेरिका से बड़ा बेताबीरजू जो साइंटिस्ट है और आर्टोफ लाइव सहज शिक्षक और एडवांसकोर्स टीचर और गुरुजीका परम भक्त है और छोटा बेटा जो स्वामीजी हरिहर है वो दोनो गुरुजीकी आज्ञा और कृपासे हमे ले आए हिमालय ,जीवन...
4.... "श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण . कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । 05.06.2023 31:13
4...."श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण . कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । શ્રીમદ ભાગવત મહાપુરાણ सच्चिदानंद रूपाय विश्व उत्पत्ति आदि हेतवे तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नुमः। यहां डोंगरे जी महाराज कहते हैं कि कोई भी काम शुरू करें तो भगवान का वंदन करना चाहिए जीवन में अल्प शक्ति है ,अब शक्ति में भी शक्ति का विनाश तो बहुत होता है तो वह जब दुखी होते ,हार जाते हैं पर भगवान की शक्ति...
17....स्मरूं भावसे निर्मळ नयन.....गुरू स्तुति। 05.06.2023 20:29
17....मंगलाचरण ।
कथा -कुंज -3...."श्री हरि कथा- सार. "श्रीमद् भागवतमहापुराण पारायणकथाकुंज परं कीर्तन प्रेम रस झरण। 03.06.2023 4:43
श्रीमद् भागवत जी की आरती ।श्री हरि शरण। श्रीमद् भागवत जी की आरती में कहते हैं, कि आरती जो है यह अतिशय पावन पुराण की आरती है ।तो, वह जो वर्णन किया गया है उसमें धर्म के विषय में ,धर्म क्या है ,भक्ति क्या है, विज्ञान क्या है, मानव धर्म ,भक्ति, विज्ञान की खान है ।श्रीमद् भागवत जी और भागवत महापुराण जो है ,वह निर्मल है और निगम जो है और निगम के कल्पतरु के फल के समान है। कैसे कैसेशुकदेवजी महाराज के मुख से...
कथा -कुंज-2.... "श्री हरि कथा- सार."श्रीमद् भागवत महापुराण पारायण.कथाकुंज परं प्रेम कीर्तन रस झरण । 03.06.2023 59:59
*गृह त्याग जरूरी है, परन्तु गृह त्याग्नेके बाद दूसरी जगा जाकरके दूसरे भाई,बहेन ,घर बनाना नाही चाहीए। * तुलसी ममता राम सो,समता सब संसार. * स्वरूपको जी बराबर समजे वो सर्व व्यापक परमात्माका दर्शन कर सकता है। *मैं भगवंका हि,भगवान् मेरे साथ ही है। * भगवत कथा दृष्टि बदल देति है। *भगवत कथा निसंदेह बनाती है ।
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