Anupama Dhunsoiya
Sampurn Shiv Puran
Welcome to "Sampurn Shiv Puran," a captivating podcast that takes you on a mystical journey into the world of Hindu mythology and spirituality. Join us as we dive deep into the rich tapestry of the Shiv Puran, bringing ancient tales of Lord Shiv to life through engaging storytelling, revealing profound wisdom, epic battles, and timeless teachings that have shaped Hindu culture for millennia. With nearly 500 chapters to explore, prepare to be captivated by the vast depth and breadth of the Shiv Puran in each episode.
Author
Anupama Dhunsoiya
Category
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Latest episode
Aug 25, 2023
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Episodes
86. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 23 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - तेइसवाँ अध्याय ) 06.07.2023 8:47
"पार्वती की तपस्याविषयक दृढ़ता, उनका पहले से भी उग्र तप, उससे त्रिलोकी का संतप्त होना तथा समस्त देवताओं के साथ ब्रह्मा और विष्णु का भगवान् शिव के स्थान पर जाना"
85. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 22 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - बाइसवाँ अध्याय ) 06.07.2023 8:30
"श्री शिव की आराधना के लिये पार्वती जी की दुष्कर तपस्या"
84. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 20 & 21 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - बीसवाँ एवं इक्कीसवाँ अध्याय ) 06.07.2023 12:35
"ब्रह्माजी का शिव की क्रोधाग्नि को वडवानल की संज्ञा दे समुद्र में स्थापित करके संसार के भय को दूर करना, शिव के विरह से पार्वती का शोक तथा नारद जी के द्वारा उन्हें तपस्या के लिये उपदेशपूर्वक पंचाक्षर मन्त्र की प्राप्ति"
83. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 18 & 19 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - अठारहवाँ एवं उन्नीसवाँ अध्याय) 06.07.2023 10:15
"रुद्र की नेत्राग्नि से काम का भस्म होना, रति का विलाप, देवताओं की प्रार्थना से शिव का काम को द्वापर में प्रद्युम्न रूप से नूतन शरीर की प्राप्ति के लिये वर देना और रति का शम्बर-नगर में जाना"
82. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 17 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - सत्रहवाँ अध्याय) 06.07.2023 6:17
"इन्द्र द्वारा काम का स्मरण, उसके साथ उनकी बातचीत तथा उनके कहने से काम का शिव को मोहने के लिये प्रस्थान"
81. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 14, 15 & 16 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चौदहवाँ, पंद्रहवाँ एवं सोलहवाँ अध्याय) 06.07.2023 7:37
"तारकासुर के सताये हुए देवताओं का ब्रह्माजी को अपनी कष्टकथा सुनाना, ब्रह्माजी का उन्हें पार्वती के साथ शिव के विवाह के लिये उद्योग करने का आदेश देना, ब्रह्माजी के समझाने से तारकासुर का स्वर्ग को छोड़ना और देवताओं का वहाँ रहकर लक्ष्यसिद्धि के लिए प्रयत्नशील होना"
80. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 13 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - तेरहवाँ अध्याय) 06.07.2023 9:28
"पार्वती और शिव का दार्शनिक संवाद, शिव का पार्वती को अपनी सेवा के लिये आज्ञा देना तथा पार्वती द्वारा भगवान् की प्रतिदिन सेवा"
79. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 12 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - बारहवाँ अध्याय) 06.07.2023 5:31
"हिमवान् का पार्वती को शिव की सेवा में रखने के लिये उनसे आज्ञा माँगना और शिव का कारण बताते हुए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर देना"
78. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 11 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - ग्यारहवाँ अध्याय) 06.07.2023 7:00
"भगवान् शिव का गंगा वतरण तीर्थ में तपस्या के लिये आना, हिमवान् द्वारा उनका स्वागत, पूजन और स्तवन तथा भगवान् शिव की आज्ञा के अनुसार उनका उस स्थान पर दूसरों को न जाने देने की व्यवस्था करना"
77. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 9 & 10 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - नवाँ एवं दशवाँ अध्याय) 06.07.2023 10:21
"मेना और हिमालय की बातचीत, पार्वती तथा हिमवान् के स्वप्न तथा भगवान् शिव से मंगल- ग्रह की उत्पत्ति का प्रसंग"
76. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 7 & 8 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - सातवाँ एवं आठवाँ अध्याय) 06.07.2023 12:30
"पार्वती का नामकरण और विद्याध्ययन, नारद का हिमवान् के यहाँ जाना, पार्वती का हाथ देखकर भावी फल बताना, चिन्तित हुए हिमवान् को आश्वासन दे पार्वती का विवाह शिवजी के साथ करने को कहना और उनके संदेह का निवारण करना"
75. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 6 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - छठा अध्याय) 06.07.2023 6:25
"देवी उमा का हिमवान् के हृदय तथा मेना के गर्भ में आना, गर्भस्था देवीका देवताओं द्वारा स्तवन, उनका दिव्यरूप में प्रादुर्भाव, माता मेना से बातचीत तथा नवजात कन्या के रूप में परिवर्तित होना"
74. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 5 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - पाचवाँ अध्याय) 06.07.2023 9:19
"मेना को प्रत्यक्ष दर्शन देकर शिवा देवी का उन्हें अभीष्ट वरदान से संतुष्ट करना तथा मेना से मैनाक का जन्म"
73. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 4 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चौथा अध्याय) 06.07.2023 6:38
"उमादेवी का दिव्यरूप से देवताओं को दर्शन देना, देवताओं का उनसे अपना अभिप्राय निवेदन करना और देवी का अवतार लेने की बात स्वीकार करके देवताओं को आश्वासन देना"
72. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 3 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - तीसरा अध्याय) 06.07.2023 7:01
"देवताओं का हिमालय के पास जाना और उनसे सत्कृत हो उन्हें उमाराधन की विधि बता स्वयं भी एक सुन्दर स्थान में जाकर उनकी स्तुति करना"
71. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 1 & 2 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - पहला एवं दूसरा अध्याय) 06.07.2023 9:30
"हिमालय के स्थावर-जंगम द्विविध स्वरूप एवं दिव्यत्व का वर्णन, मेना के साथ उनका विवाह तथा मेना आदि को पूर्वजन्म में प्राप्त सनकादि के शाप एवं वरदान का कथन"
70. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 43 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -तेंतालीसवाँ अध्याय) 05.07.2023 7:33
"भगवान् शिव का दक्ष को अपनी भक्तवत्सलता, ज्ञानी भक्त की श्रेष्ठता तथा तीनों देवताओं की एकता बताना, दक्ष का अपने यज्ञ को पूर्ण करना, सब देवता आदि का अपने-अपने स्थानको जाना, सतीखण्डका उपसंहार और माहात्म्य"
69. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 41 & 42 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -इकतालीसवां एवं बयालीसवां अध्याय ) 05.07.2023 12:41
"देवताओं द्वारा भगवान् शिव की स्तुति, भगवान् शिव का देवता आदि के अंगों के ठीक होने और दक्ष के जीवित होने का वरदान देना, श्री हरि आदि के साथ यज्ञ-मण्डप में पधारकर शिव का दक्ष को जीवित करना तथा दक्ष और विष्णु आदि के द्वारा उनकी स्तुति"
68. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 40 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -चालीसवां अध्याय ) 05.07.2023 7:45
"देवताओं सहित ब्रह्मा का विष्णु लोक में जाकर अपना दुःख निवेदन करना, श्री विष्णु का उन्हें शिव से क्षमा माँगने की अनुमति दे उनको साथ ले कैलास पर जाना तथा भगवान् शिव से मिलना"
67. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 39 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -उन्तालीसवां अध्याय) 05.07.2023 7:00
"श्री विष्णु और देवताओं से अपराजित दधीचि का उनके लिये शाप और क्षुव पर अनुग्रह"
66. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 38 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड - अड़तीसवां अध्याय ) 05.07.2023 15:30
"श्री विष्णु की पराजय में दधीचि मुनि के शाप को कारण बताते हुए दधीचि और क्षुव के विवाद का इतिहास, मृत्युंजय-मन्त्र के अनुष्ठान से दधीचि की अवध्यता तथा श्री हरि का क्षुव को दधीचि की पराजय के लिये यत्न करने का आश्वासन"
65. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 36 & 37 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -छत्तीसवां एवं सैंतीसवां अध्याय ) 05.07.2023 12:27
"देवताओं का पलायन, इन्द्र आदि के पूछने पर बृहस्पति का रुद्रदेव की अजेयता बताना, वीरभद्र का देवताओं को युद्ध के लिये ललकारना, श्रीविष्णु और वीरभद्र की बातचीत तथा विष्णु आदि का अपने लोक में जाना एवं दक्ष और यज्ञ का विनाश करके वीरभद्र का कैलास को लौटना"
64. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 35 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -पैंतीसवां अध्याय ) 05.07.2023 8:08
"दक्ष के यज्ञ की रक्षा के लिये भगवान् विष्णु से प्रार्थना, भगवान् का शिवद्रोह जनित संकट को टालने में अपनी असमर्थता बताते हुए दक्ष को समझाना तथा सेना सहित वीरभद्र का आगमन"
63. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 33 & 34 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -तेंतीसवां एवं चौंतीसवां अध्याय ) 05.07.2023 5:30
"प्रमथ गणों सहित वीरभद्र और महाकाली का दक्षयज्ञ-विध्वंस के लिये प्रस्थान, दक्ष तथा देवताओं को अपशकुन एवं उत्पात सूचक लक्षणों का दर्शन एवं भय होना"
62. Rudra Samhita; Sati Khand - Adhyay 32 (श्री रुद्र संहिता; सती खण्ड -बत्तीसवां अध्याय) 05.07.2023 9:51
"गणों के मुख से और नारद से भी सती के दग्ध होने की बात सुनकर दक्ष पर कुपित हुए शिव का अपनी जटा से वीरभद्र और महाकाली को प्रकट करके उन्हें यज्ञ विध्वंस करने और विरोधियों को जला डालने की आज्ञा देना"
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