Radio Azad

RADIO AZAD HIND 90.8 FM

A community radio station (CRS) License No. FMCR117, governed by Swaraj Sansthan Sanchalnalaya, Bhopal, A cultural wing of Govt. of M.P. currently producing programmes in Hindi language in different genre.

Author

Radio Azad

Category

Government

Podcast website

podcasters.spotify.com

Latest episode

Jul 9, 2026

Where to listen?

Podcasts in the app Replaio Radio Coming soon

Podcasts are coming to the app soon. Install now and be the first to see a whole new take on podcasts

Get it on Google Play Install for free Android 5M+ downloads · 4.8 rating iOS soon

Episodes

Gendalal Dixit - Yaad Karo Kurbani 30.11.2022

पं॰ गेंदालाल दीक्षित भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अप्रतिम योद्धा, महान क्रान्तिकारी व उत्कट राष्ट्रभक्त थे जिन्होंने आम आदमी की बात तो दूर, डाकुओं तक को संगठित करके ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खड़ा करने का सफल प्रयास किया। दीक्षित जी उत्तर भारत के क्रान्तिकारियों के द्रोणाचार्य कहे जाते थे। उन्हें मैनपुरी षड्यन्त्र का सूत्रधार समझ कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया किन्तु वे अपनी सूझबूझ और प्रत्युत्पन्...

Jyotiba Phule - Yaad Karo Kurbani 28.11.2022

महात्मा जोतिराव गोविंदराव फुले एक भारतीय समाजसुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। इन्हें महात्मा फुले एवं ''जोतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। सितम्बर १८७३ में इन्होने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। महिलाओं व पिछडे और अछूतो के उत्थान के लिय इन्होंने अनेक कार्य किए। समाज के सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के ये प्रबल समथर...

pandurang mahadev bapat - Azad Hind 27.11.2022

पांडुरंग महादेव बापट (12 नवम्बर 1880 – 28 नवम्बर 1967), भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी थे वे सेनापति बापट के नाम से अधिक मशहूर हैं। इनके विषय में साने गुरूजी ने कहा था - 'सेनापति में मुझे छत्रपति शिवाजी महाराज, समर्थ गुरु रामदास तथा सन्त तुकाराम की त्रिमूर्ति दिखायी पड़ती है। साने गुरू जी बापट को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गाँधी तथा विनायक दामोदर सावरकर का अपूर्व व मधुर मिश्रण भी...

sachindranath bakshi - Yaad karo Kurbani 23.11.2022

शचीन्द्रनाथ बख्शी भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे। ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र क्रान्ति के लिये गठित हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के सक्रिय सदस्य होने के अलावा इन्होंने रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में काकोरी काण्ड में भाग लिया था और फरार हो गये। बख्शी को भागलपुर से पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब काकोरी-काण्ड के मुख्य मुकदमे का फैसला सुनाया जा चुका था। स्पेशल ज...

Meera Ben - Yaad karo kurbani 22.11.2022

मीराबेन का मूल नाम 'मैडलिन स्लेड' था। वे एक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी की बेटी थीं। गाँधीजी के व्यक्तित्व के जादू में बँधी सात समंदर पार देश हिंदुस्तान चली आई और फिर यहीं की होकर रह गईं। गाँधी ने उन्हें नाम दिया था - 'मीरा बेन'। मीरा बेन सादी धोती पहनती, सूत कातती, गाँव-गाँव घूमती। वह गोरी नस्ल की अँग्रेज थीं, लेकिन हिंदुस्तान की आजादी के पक्ष में थी। उन्होंने जरूर भारत की धरती पर जन्म नहीं लिया था, ले...

Meera Ben - Special Program 22.11.2022

मीराबेन का मूल नाम 'मैडलिन स्लेड' था। वे एक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी की बेटी थीं। गाँधीजी के व्यक्तित्व के जादू में बँधी सात समंदर पार देश हिंदुस्तान चली आई और फिर यहीं की होकर रह गईं। गाँधी ने उन्हें नाम दिया था - 'मीरा बेन'। मीरा बेन सादी धोती पहनती, सूत कातती, गाँव-गाँव घूमती। वह गोरी नस्ल की अँग्रेज थीं, लेकिन हिंदुस्तान की आजादी के पक्ष में थी। उन्होंने जरूर भारत की धरती पर जन्म नहीं लिया था, ले...

Jhalkari Devi - Hindustan Hamara 22.11.2022

झलकारी बाई झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में, महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति थीं।वे लक्ष्मीबाई की हमशक्ल भी थीं इस कारण शत्रु को गुमराह करने के लिए वे रानी के वेश में भी युद्ध करती थीं। अपने अंतिम समय में भी वे रानी के वेश में युद्ध करते हुए वे अंग्रेज़ों के हाथों पकड़ी गयीं और रानी को किले से भाग निकलने का अवसर मिल गया। उन्होंने प्रथम स्वाधीनता संग्राम में झाँसी की रानी के साथ ब्रिटिश...

Chandra Pratap Tiwari - ATIT KE DARPAN SE SWADHINTA SANGRAM 21.11.2022

Aaj suniye Chandra Pratap Tiwari ji ke jeewan Sangharsh ki gatha 

Rani Laxmi Bai - Special Program 19.11.2022

रानी लक्ष्मीबाई मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्यक्रान्ति की द्वितीय शहीद वीरांगना (प्रथम शहीद वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी 20 मार्च 1858 हैं) थीं। उन्होंने सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया और रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुईं। बताया जाता है कि सिर पर तलवार के वार से शहीद हुई थी लक्ष्मीबाईलक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका...

Jansi Ki Rani - Yaad Karo Kurbani 19.11.2022

रानी लक्ष्मीबाई मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्यक्रान्ति की द्वितीय शहीद वीरांगना (प्रथम शहीद वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी 20 मार्च 1858 हैं) थीं। उन्होंने सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया और रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुईं। बताया जाता है कि सिर पर तलवार के वार से शहीद हुई थी लक्ष्मीबाईलक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका...

Batukeshwar Dutt - Yaad karo Kurbani 18.11.2022

बटुकेश्वर दत्त (१८ नवंबर १९१० - २० जुलाई १९६५)[2] भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रान्तिकारी थे। बटुकेश्वर दत्त को देश ने सबसे पहले ८ अप्रैल १९२९ को जाना, जब वे भगत सिंह के साथ केन्द्रीय विधान सभा में बम विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए। उन्होनें आगरा में स्वतंत्रता आन्दोलन को संगठित करने में उल्लेखनीय कार्य किया था। बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवम्बर 1910 को ग्राम-ओँयाड़ि, जिला - नानी बेदवान (बं...

lala Lajpat rai - Special Program 17.11.2022

लाला लाजपत राय (28 जनवरी 1865 – 17 नवम्बर 1928) भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें पंजाब केसरी भी कहा जाता है। इन्होंने पंजाब नैशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कम्पनी की स्थापना भी की थी ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे। सन् 1928 में इन्होंने साइमन कमीशन के विरुद्ध एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसके दौरान हुए लाठी-चार्ज में ये बुरी तरह से घ...

Lala Lajpat rai - Yaad karo Kurbani 17.11.2022

लाला लाजपत राय (28 जनवरी 1865 – 17 नवम्बर 1928) भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें पंजाब केसरी भी कहा जाता है। इन्होंने पंजाब नैशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कम्पनी की स्थापना भी की थी ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे। सन् 1928 में इन्होंने साइमन कमीशन के विरुद्ध एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसके दौरान हुए लाठी-चार्ज में ये बुरी तरह से घ...

Kartar Singh saraba - Yaad karo Kurbani 16.11.2022

१८५७ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद में ब्रिटिश सरकार ने सत्ता पर सीधा नियंत्रण कर एक ओर उत्पीड़न तो दूसरी ओर भारत में औपनिवेशिक व्यवस्था का निर्माण शुरू किया। क्योंकि खुद ब्रिटेन में लोकतांत्रिक व्यवस्था थी, इसलिए म्युनिसपैलिटी आदि संस्थाओं का निर्माण भी किया गया, लेकिन भारत का आर्थिक दोहन अधिक से अधिक हो, इसलिए यहां के देशी उद्योगों को नष्ट करके यहां से कच्चा माल इंग्लैंड भेजा जाना...

Vishnu Ganesh Pingle - Azad Hind 16.11.2022

विष्णु गणेश पिंगले भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक क्रान्तिकारी थे। वे गदर पार्टी के सदस्य थे। लाहौर षडयंत्र केस और हिन्दू-जर्मन षडयंत्र में उनको सन् १९१५ फांसी की सजा दी गयी। विष्णु का जन्म 2 जनवरी 1888 को पूना के गांव तलेगांव में हुआ। सन 1911 में वह इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने अमेरिका पहुंचे जहां उन्होंने सिटेल विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग कालेज में प्रवेश लिया। वहां लाला हरदयाल जैसे ने...

Mahatma Hansraj - Special Program 15.11.2022

लाला हंसराज (महात्मा हंसराज) अविभाजित भारत के पंजाब के आर्यसमाज के एक प्रमुख नेता एवं शिक्षाविद थे। पंजाब भर में दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालयों की स्थापना करने के कारण उनकी कीर्ति अमर है। लाला हंसराज का जन्म अविभाजित भारत के पंजाब प्रान्त के होशियारपुर के निकट बजवाड़ा गाँव में हुआ था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। उनके बड़े बेटे का नाम बलराज था जिन्हें अंग्रेजों ने देशद्रोह के आरोप मे...

Birsa Munda - Yaad Karo Kurbani 15.11.2022

बिरसा मुण्डा का जन्म 15 नवम्बर सन् 1875 में एक छोटे तथा गरीब किसान परिवार में हुआ था। छोटा नागपुर पठार में निवास करने वाले मुंडा एक जनजातीय समुदाय का हिस्सा हैं। जल,जंगल,जमीन तथा अपने कुटुम्ब व मुंडारी पहचान की रक्षा करने हेतु युवा बिरसा मुंडा ने सन् 1895 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 'उलगुलान' का आगाज कर दिया और ब्रिटिश सरकार के सैनिकों को ‘नाकों चने चबाने’ को विवश किया। फलस्वरूप बिरसा मुंडा को ब्रि...

Baal Diwas - Special Program 14.11.2022

Baal Diwas Ki Shubhkamnae

Bai Amman - Azad Hind 14.11.2022

महामना मदन मोहन मालवीय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता तो थे ही इस युग के आदर्श पुरुष भी थे। वे भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति थे जिन्हें महामना की सम्मानजनक उपाधि से विभूषित किया गया। पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृ भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले इस महामानव ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसमें उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिये...

Madan Mohan malviya - Azad Hind 14.11.2022

महामना मदन मोहन मालवीय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता तो थे ही इस युग के आदर्श पुरुष भी थे। वे भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति थे जिन्हें महामना की सम्मानजनक उपाधि से विभूषित किया गया। पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृ भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले इस महामानव ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसमें उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिये...

Moulana Abul kalam Azad - Yaad karo Kurbani 14.11.2022

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी के बाद वे एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक पद पर रहे। वे महात्मा गांधी के सिद्धांतो का समर्थन करते थे। खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1923 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे कम उम्र के प्रेसीडेंट बने। वे 1940 और 1945 के बीच का...

Bhai Ram Singh - Azad Hind 14.11.2022

Bhai Ram Singh

Surendra nath baneerji - Hindustan hamara 14.11.2022

सर सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी ब्रिटिश राज के दौरान प्रारंभिक दौर के भारतीय राजनीतिक नेताओं में से एक थे। उन्होंने भारत सभा (इंडियन नेशनल एसोसिएशन) की स्थापना की, जो प्रारंभिक दौर के भारतीय राजनीतिक संगठनों में से एक था। बाद में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सम्मिलित हो गए थे। वह राष्ट्रगुरू के नाम से भी जाने जाते हैं सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी का जन्म 10 नवम्बर 1848 बंगाल प्रांत के कोलकाता में, एक बंगाली ब...

Uday Chand jain - Azad Hind 14.11.2022

सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की आग पूरे देश में तेजी से फ़ैल रही थी. उस दौरान आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में भी लोग बढ़चढ़ कर आंदोलन में शामिल हो रहे थे. उस वक्त मंडला के उपनगरीय क्षेत्र महराजपुर निवासी उदय चंद्र जैन भी छात्र जीवन से ही आज़ादी को लेकर आंदोलन की आग में कूद पड़े . आंदोलन की मशाल लेकर सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी में उदयचंद्र जैन 15 अगस्त 1942 के दिन मंडला में जुलूस निकाल रहे थे कि तभी अंग्रे...

Kanhai laal Dutt - Yaad Karo Kurbani 14.11.2022

कन्हाई लाल दत्त का जन्म जन्माष्टमी की कालीअधेरी रात में अपने मामा के घर चन्दनंनगर में हुआ था, कदाचित इसी से उनका नाम कन्हाई पड़ा हो। यद्यपि उनका आरम्भिक नाम सर्वतोष था। चन्दन नगर तब फ्रांसीसी उपनिवेश था। वास्तव में तो उनका पैत्रिक घर बंगाल के ही श्रीराम पुर में था। कन्हाई जब चार वर्ष के थे तब उनके पिता उनको लेकर बम्बई चले गये थे। पांच वर्ष बम्बई में रहने के बाद नौ वर्ष की आयु में वह वापस चन्दन नगर...

Listen to the RADIO AZAD HIND 90.8 FM podcast in Replaio

Radio and podcasts in one app - free, with no sign-up. Install today and do not miss the launch

Get it on Google Play

Replaio is not a podcast publisher; show names, artwork and audio belong to their authors and are distributed through public RSS feeds.