Radio Azad
RADIO AZAD HIND 90.8 FM
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Jul 9, 2026
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Episodes
हिंदुस्तान हमारा-अन्ना साहेब कर्वे 18.04.2023 26:38
महर्षि डॉ॰ धोंडो केशव कर्वे प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। उन्होने महिला शिक्षा और विधवा विवाह मे महत्त्वपूर्ण योगदान किया। उन्होने अपना जीवन महिला उत्थान को समर्पित कर दिया। उनके द्वारा मुम्बई में स्थापित एस एन डी टी महिला विश्वविद्यालय भारत का प्रथम महिला विश्वविद्यालय है। वे वर्ष १८९१ से वर्ष १९१४ तक पुणे के फरगुस्सन कालेज में गणित के अध्यापक थे। उन्हे वर्ष १९५८ में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
वतन का राग - तात्या टोपे 18.04.2023 26:53
तात्या या तात्या टोपे, जिन्हें मूल रूप से राम चंद्र पांडुरंग राव के नाम से जाना जाता था, ने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ एक साहसिक लड़ाई शुरू की। वह नाना साहेब के घनिष्ठ मित्र थे और पेशवा बाजी राव के गहरे स्नेह में थे। बचपन से ही उनके मन में मार्शल झुकाव था। उसने बंदूक और तलवार चलाना सीखा और वह एक अच्छा घुड़सवार था। कहा जाता है कि थोड़े समय के लिए, उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन बंगाल स...
हिंदुस्तान हमार - श्रीनिवास शास्त्री 17.04.2023 37:50
वी. एस. श्रीनिवास शास्त्री भारतीय समाजनेता थे।वालिगमन (मद्रास) के एक गरीब ब्राह्मण परिवार में इनका जन्म हुआ था। स्कूल-अध्यापक के रूप में जीवन प्रारम्भ। शुरु से ही जीवन की सामाजिक समस्याओं में अभिरुचि होने के कारण गोपालकृष्ण गोखले द्वारा संस्थापित सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी नामक संस्था के सदस्य बन गए। संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति में उनकी लगन देखकर गोखले ने इस संस्था की अध्यक्षता के लिए अपने...
वतन का राग - डॉ. सर्वपाली राधा कृष्णन 17.04.2023 26:04
डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वतन का राग - नंदलाल बोस 16.04.2023 25:23
नन्दलाल बोस भारत के आधुनिक कलाकारों में अग्रणी थे। नन्दलाल बसु का जन्म दिसंबर 1882 में बिहार के हवेली खडगपुर, जिला मुंगेर में हुआ। उनके पिता पूर्णचंद्र बोस ऑर्किटेक्ट तथा दरभंगा के महाराजा की रियासत के मैनेजर थे। 16 अप्रैल 1966 कोलकाता में उनका देहांत हुआ।उन्होंने 1905 से 1910 के बीच कलकत्ता गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्ट में अबनीन्द्ननाथ ठाकुर से कला की शिक्षा ली, इंडियन स्कूल ऑफ़ ओरियंटल आर्ट में अध्...
वतन का राग- त्रिमल आचार्य 15.04.2023 26:20
मंडयम पार्थसारथी तिरुमल आचार्य का जन्म 1887 को मद्रास के ट्रिप्लिकेन में हुआ था। 19 वर्ष की आयु में, उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों की शुरुआत की और सेवा की। 1906 में एक युवा आचार्य ने सुब्रह्मण्य भारती के साथ मिलकर इंडिया नामक साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया था और थोड़े समय में प्रकाशन को लोकप्रिय बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। हालांकि, पत्रिका के राष्ट्रवादी संपादकीय और आलोचनात्म...
वतन का राग - डॉ. भीमराव अंबेडकर 14.04.2023 25:48
भीमराव रामजी आम्बेडकर - डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे।श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे। आम्बेडकर विपुल प्रतिभा के छात्र थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ़ इक...
HINDUSTAN HAMARA-M. VISHVESHVRAIYA 14.04.2023 23:09
सर मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरय्या भारत के महान अभियन्ता एवं राजनयिक थे। उन्हें सन 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।भारत में उनका जन्मदिन अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वतन का राग - जलियांवाला बाग 13.04.2023 26:06
जालियाँवाला बाग कांड भारत के पंजाब प्रान्त के अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में १३ अप्रैल १९१९ (बैसाखी के दिन) हुआ था। रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल डायर नामक एक अँग्रेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियाँ चलवा दीं यदि किसी एक घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर सबसे अधिक प्रभाव डाला था तो वह घटना यह जघन्य हत्याकाण्ड ही था। माना जाता...
वतन का राग-कस्तूरबा गांधी 11.04.2023 24:36
"कस्तूरबा गांधी" महात्मा गांधी की पत्नी जो भारत में " बा" के नाम से विख्यात है। कस्तूरबा गाँधी का जन्म 11 अप्रैल सन् 1869 ई. में काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में हुआ था। इस प्रकार कस्तूरबा गाँधी आयु में गाँधी जी से 6 मास बड़ी थीं। कस्तूरबा गाँधी के पिता 'गोकुलदास मकनजी' साधारण स्थिति के व्यापारी थे। गोकुलदास मकनजी की कस्तूरबा तीसरी संतान थीं। वे बापू के धार्मिक एवं देश...
हिंदुस्तान हमारा-ज्योति बा फूले 11.04.2023 27:34
"महात्मा जोतिराव गोविंदराव फुले" एक भारतीय समाजसुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। इन्हें महात्मा फुले एवं ''जोतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। समाज के सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के ये प्रबल समथर्क थे। इनका मूल उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना, बाल विवाह का विरोध, का समर्थन करना रहा है। फुले समाज की क...
वतन का राग - बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय 08.04.2023 26:17
बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार, कवि, गद्यकार और पत्रकार थे। भारत का राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम्' उनकी ही रचना है जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रान्तिकारियों का प्रेरणास्रोत बन गया था। रबीन्द्रनाथ ठाकुर के पूर्ववर्ती बांग्ला साहित्यकारों में उनका अन्यतम स्थान है। आधुनिक युग में बंगला साहित्य का उत्थान उन्नीसवीं सदी के मध्य से शुरु हुआ। इसमें राजा रामम...
हिंदुस्तान हमारा - मंगल पांडे 08.04.2023 29:29
मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में सन् 1984 में एक डाक टिकट जारी किया गया। तथा मंग...
वतन का राग - बेगम हज़रत महल 07.04.2023 26:41
बेगम हज़रत महल जो अवध (अउध) की बेगम के नाम से भी प्रसिद्ध थीं, अवध के नवाब वाजिद अली शाह की दूसरी पत्नी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर क़ब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हकूमत को बरक़रार रखा। अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े से अपनी रियासत बचाने के लिए उन्होंने अपने बेटे नवाबज़ादे बिरजिस क़द्र को अवध के वली (शासक) नियुक्त करने की कोशिश की थी; मगर उनका शास...
वतन का राग - पंडित माखनलाल चतुर्वेदी 04.04.2023 26:22
माखनलाल चतुर्वेदी भारत के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक और पत्रकार थे जिनकी रचनाएँ अत्यंत लोकप्रिय हुईं। सरल भाषा और ओजपूर्ण भावनाओं के वे अनूठे हिंदी रचनाकार थे। प्रभा और कर्मवीर जैसे प्रतिष्ठत पत्रों के संपादक के रूप में उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जोरदार प्रचार किया और नई पीढ़ी का आह्वान किया कि वह गुलामी की जंज़ीरों को तोड़ कर बाहर आए। इसके लिये उन्हें अनेक बार ब्रिटिश साम्राज्य का कोपभाजन...
आमने सामने - श्री गिरधारी लाल बत्रा जी - (कप्तान विक्रम बत्रा के पिता) 04.04.2023 28:10
"परमवीर चक्र" से सम्मानित "कैप्टन विक्रम बत्रा" के पिता "श्री गिरधारी लाल बत्रा जी" के साथ साक्षात्कार सुनिए कार्यक्रम "आमने-सामने" में।
वतन का राग - श्यामजी कृष्ण वर्मा 30.03.2023 25:10
1857 में आधुनिक गुजरात में जन्मे, श्यामजी कृष्ण वर्मा ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में संस्कृत पढ़ाने के लिए आगे बढ़ने से पहले, भारत में अपनी शिक्षा पूरी की। 1905 में उन्होंने इंडिया हाउस और द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट की स्थापना की, जो उस समय ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के बीच कट्टरपंथी राष्ट्रवादियों के लिए एक संगठित बैठक बिंदु के रूप में तेजी से विकसित हुआ और भारत के बाहर क्रांतिकारी भारतीय राष्ट्रवाद...
WATAN KA RAAG - PANDIT BHAWANI PRASAD MISHR 29.03.2023 26:44
भवानी प्रसाद मिश्र हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। गांंधी-दर्शन का प्रभाव तथा उसकी झलक उनकी कविताओं में स्पष्ट देखी जा सकती है। उनका प्रथम संग्रह 'गीत-फ़रोश' अपनी नई शैली, नई उद्भावनाओं और नये पाठ-प्रवाह के कारण अत्यन्त लोकप्रिय हुआ। प्यार से लोग उन्हें भवानी भाई कहकर सम्बोधित किया करते थे। उन्होंने स्वयं को कभी भी निराशा के गर्त में डूबने नहीं दिया। आपातकाल के दौरान...
WATAN KA RAAG - GANESH SHANKAR VIDYARTHI 25.03.2023 27:14
गणेश शंकर विद्यार्थी एक भारतीय पत्रकार और स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यकर्ता थे। वह असहयोग आंदोलन और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, ज्यादातर हिंदी भाषा के समाचार पत्र, प्रताप के संस्थापक-संपादक के रूप में जाने जाते हैं।
VATAN KA RAAG - BHAGATSINGH KE PATRA 23.03.2023 24:50
भगत सिंह भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रान्तिकारी थे। चन्द्रशेखर आजाद व पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अभूतपूर्व साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया। पहले लाहौर में बर्नी सैंडर्स की हत्या और उसके बाद दिल्ली की केन्द्रीय संसद (सेण्ट्रल असेम्बली) में बम-विस्फोट करके ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलन्दी प...
VATAN KA RAAG-KRANTIKARI - SURYA SEN 22.03.2023 26:02
सूर्य सेन भारत की स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रान्तिकारी थे। उन्होने इंडियन रिपब्लिकन आर्मी की स्थापना की और चटगांव विद्रोह का सफल नेतृत्व किया। लोग प्यार से उन्हें "मास्टर दा" कहकर सम्बोधित करते थे।
HINDUSTAN HAMARA-RANI AVANTI BAI 20.03.2023 26:55
रानी अवन्तीबाई लोधी भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रथम महिला शहीद वीरांगना थीं। 1857 की क्रांति में रामगढ़ की रानी अवंतीबाई लोधी रेवांचल में मुक्ति आंदोलन की सूत्रधार थी। 1857 के मुक्ति आंदोलन में इस राज्य की अहम भूमिका थी, जिससे भारत के इतिहास में एक नई क्रांति आई। 1817 से 1851 तक रामगढ़ राज्य के शासक लक्ष्मण सिंह थे। उनके निधन के बाद विक्रमाजीत सिंह ने राजग...
WATAN KA RAAG - CHARUCHANDRA BOSE 19.03.2023 26:26
चारु चंद्र बोस एक भारतीय क्रांतिकारी थे।चारु चंद्र बोस 12 साल तक तल्लीगंगे में 130, रूसा रोड में रहे। उन्होंने कोलकाता और हावड़ा में रहने के लिए विभिन्न प्रेस और समाचार पत्रों में काम किया। वह ब्रिटिश भारत के एक क्रांतिकारी संगठन अनुशीलन समिति में शामिल हो गए। वह अपने क्रांतिकारी कारनामों के लिए जाने जाने वाले संगठन युगांतर से भी जुड़े।
WATAN KA RAAG - COL. GURUBAKSHSINGH DHILLON 18.03.2023 26:11
कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लों (18 मार्च 1914 - 6 फरवरी 2006) भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) में एक अधिकारी थे, ढिल्लों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें भारत गणराज्य में तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
HINDOSTAN HUMARA - NANA FADNAVIS 12.03.2023 27:08
नाना फडणवीस ( जन्म: 12 फरवरी 1742 ई.- मृत्यु: 13 मार्च 1800 ई) वास्तविक नाम - बालाजी जनार्दन भानु। एक अत्यंत चतुर और प्रभावशाली मराठा मंत्री थे , जब पानीपत का तृतीय युद्ध लड़ा जा रहा था उस समय वे पेशवा की सेवा में नियुक्त थे। वह अपनी चतुराई और बुद्धिमत्ता के लिये बहुत प्रसिद्ध थे। 1800 ई. में नाना फडणवीस की मृत्यु हो गई थी। नाना फडणवीस ने रघुनाथराव (राघोवा) की पेशवा बनने की सारी कोशिशें नाकाम कर द...
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