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Naami Giraami

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Naami Giraami is a Hindi podcast by Aaj Tak Radio on biographies of influential and powerful people. Audio packages on Stories and life journeys of famous personalities of India and around the world. Catch up with a new episode every Monday. नायक और खलनायक. विद्वान और महारथी. कला के ऐसे सितारे जो अब भी आसमान में चमकते हैं. और ऐसी हस्तियां जो इतिहास में अमर हैं. उजले व्यक्तित्व के धनी भी. और स्याह पहलुओं वाले लोग भी. ये वो लोग हैं जो मशहूर हैं. ये हैं, नामी गिरामी. सुनिए, हर सोमवार आज तक रेडियो पर.

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May 5, 2025

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Episodes

वायरसों के दुश्मन जॉन मैकेफ़ी के बर्बाद हो जाने की कहानी: नामी गिरामी, Ep 103 28.06.2021

जॉन मैकेफ़ी, दुनिया का सबसे पहला कमर्शियल एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर बनाने वाला शख़्स. उसने बेशुमार दौलत बनाई, अमेरिका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी भी ठोंकी और फिर नशे और तमाम ग़ैर क़ानूनी-ग़लत कामों के सहारे खुद को और अपने बने बनाए नाम और शोहरत को बर्बाद कर लिया. 23 जून 2021 को स्पेन के बार्सिलोना की एक जेल में जॉन मैकेफ़ी ने ख़ुदकुशी कर ली. नामी गिरामी में अमन गुप्ता से सुनिए टेक टायकून जॉन मैकेफ़ी क...

'उड़न सिख' मिल्खा सिंह के क़िस्से जो अपनी पत्नी को 'मम्मी' कहते थे: नामी गिरामी, Ep 102 21.06.2021

'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर रहे एथलीट मिल्खा सिंह हमारे बीच नहीं रहे. पाकिस्तान में पैदा हुए मिल्खा सिंह का जीवन मुश्किलों से भरा रहा. बंटवारे के दंगों में उन्होंने अपने मां-बाप खोए, जीवनयापन के लिए जूते पालिश किए, यहां तक कि ट्रेनों में चोरी की. मगर जिस पाकिस्तान ने उनसे सबकुछ छीना, उसी ने उन्हें नई पहचान भी दी. तो 'नामी गिरामी' का यह एपिसोड समर्पित है 'रफ़्तार के सरदार' मिल्खा सिंह को, जिसमें उ...

सुरिंदर कौर, पंजाबी लोकगीतों को नया कलेवर देकर दुनियाभर में मशहूर करने वाली गायिका: नामी गिरामी, Ep 101 14.06.2021

सुरिंदर कौर पंजाबी संगीत की दुनिया में दूसरी लता मंगेशकर कही जाती हैं. लोग उन्हें पंजाब की कोयल के नाम से जानते हैं. सुनिए उनका सफ़रनामा 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में अमन गुप्ता के साथ.

राजन-साजन मिश्रा, दो शास्त्रीय गायक भाइयों की जोड़ी जिनका तालमेल देखने लायक होता था : नामी गिरामी, Ep 100 07.06.2021

शास्त्रीय गायन की दुनिया में राजन-साजन की जोड़ी को कोरोना संक्रमण ने तोड़ दिया. पं. राजन मिश्रा का 24 अप्रैल 2021 को निधन हो गया. उनके छोटे भाई साजन मिश्रा को तो ये दुख उम्र भर सालता ही रहेगा लेकिन उनके शानदार सहगायन के रसिकों जनों के लिए भी ये बहुत उदास क्षण है. वे अब इस जोड़ी को मंच पर कभी नहीं दे पाएंगे. आज नामी गिरामी में शास्त्रीय संगीत के इन दोनों ही दिग्गज़ों की बात करेंगे क्योंकि किसी एक क...

कैप्टन मनोज पांडे, वो नौजवान जो सेना में परमवीर चक्र लेने के लिए भर्ती हुआ था: नामी गिरामी, Ep 99 31.05.2021

कैप्टन मनोज पांडे, यूपी का 24 साल का लड़का, जो जन्म से गोरखा नहीं था लेकिन जब भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में बतौर कैप्टन पोस्टेड हुआ तो मौत का खौफ़ भी ग़ायब हो गया. कैप्टन मनोज ने कारगिल युद्ध में खालोबार पोस्ट से दुश्मनों को खदड़ने में अपनी जान की बाजी लगा दी थी. आज नामी गिरामी में अमन गुप्ता लेकर आए हैं परमवीर चक्र मनोज पांडे की कहानी.

सुंदरलाल बहुगुणा, एक पर्यावरणविद जो पेड़ कटने से पहले खुद कटने को तैयार था: नामी गिरामी, Ep 98 24.05.2021

चिपको आंदोलन के नेता और प्रख्यात पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा नहीं रहे. वो अपने पीछे सामाजिक संघर्षों की कई गाथाएं छोड़ गए हैं. गांधीवादी विचारों वाले बहुगुणा का जीवन समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम करते हुए बीता और देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता उनसे प्रेरणा पाते रहे. नामी गिरामी के इस एपिसोड में उन्हें याद कर रहे हैं अमन गुप्ता.

करुणानिधि, ब्राह्मणवाद विरोधी आवाज़ जिसने राम के अस्तित्व को किया चैलेंज: नामी गिरामी, Ep 97 17.05.2021

करुणानिधि का जन्‍म 3 जून 1924 को हुआ था. राजनीति में आने से पहले वे एक फिल्‍म पटकथा लेखक रहे. लेकिन फिल्‍मों की यह दुनिया उन्‍हें ज्‍यादा दिनों तक रास नहीं आई और वे दक्षिण भारत के बड़े सामाजिक प्रभाव वाले नेता बन गए. 8 दशक तक तमिल राजनीति में उनके लंबे करियर के दौरान तमाम उतार चढ़ाव आए. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में अमन गुप्ता एम. करुणानिधि की कहानी लेकर आए हैं.

बिल गेट्स की कंपनी में कंप्यूटर बनाने वाले अजित सिंह के किसान नेता बनने की कहानी: नामी गिरामी, Ep 96 10.05.2021

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजित सिंह बागपत से 7 बार सांसद रहे और केंद्र में कई मंत्री पद संभाले. उनकी छवि एक कद्दावर जाट नेता की रही. सुनिए उनका सफ़रनामा नामी गिरामी के इस एपिसोड में अमन गुप्ता के साथ.

मंज़ूर एहतेशाम अपनी कहानी की तरह जिये और उसी की तरह चले गए: नामी गिरामी, Ep 95 03.05.2021

3 अप्रैल 1948 को भोपाल में जन्मे मंजूर एहतेशाम साहित्य जगत की मशहूर शख़्सियत रहे हैं. उन्होंने पांच उपन्यास समेत कई कहानियां और नाटक लिखे हैं. उन्हें साल 2003 में पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया था. अमन गुप्ता इस बार 'नामी गिरामी' में लेकर आए हैं उन्हीं का सफ़रनामा.

कहानी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जिनके नाम की सौगंध खाकर पेशे में उतरती हैं नर्सें: नामी गिरामी, Ep 94 26.04.2021

दुनिया भर में नर्सिंग के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए जिस महिला को याद किया जाता है. उसका नाम है फ्लोरेंस नाइटिंगेल. फ्लोरेंस संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों की ओर ध्यान दिलाकर साफ़ सफाई की महत्ता को समझाया और मार्डन नर्सिंग की नींव रखी. क्रीमियन युद्ध के बाद उन्हें सबसे ज्यादा ख्याति मिली और वे 'लेडी विद द लैंप' के नाम से मशहूर हुईं. इस 'नामी गिरामी' में 'अमन गुप्ता' लेकर आए हैं उन्हीं का सफ...

ब्रिटेन का वो प्रिंस जिसके अंग्रेज़ होने पर सवाल उठते रहे: नामी गिरामी, Ep 93 19.04.2021

99 साल की लंबी ज़िंदगी के बाद प्रिंस फिलिप दुनिया छोड़कर चले गए. उनकी ज़िंदगी में बहुत रंग थे. कई उतार चढ़ाव भी. नाकुछ से होकर वो बहुत कुछ हो गए. ब्रिटेन की जिस शाही पंरपरा के अस्तित्व पर दुनिया हैरान होती है वो उसकी नींव में छिपे पत्थर जैसे थे.. लेकिन इस पत्थर को जीवन की चोटों ने कैसे तराशा, सुनिए नामी गिरामी में नितिन ठाकुर से.

गुलशन मेहता, रेलवे की नौकरी छोड़ गीतों का सफ़र चुनने वाला 'बावरा' गीतकार: नामी गिरामी, Ep 92 12.04.2021

12 अप्रैल 1937 को पंजाब के गांव शेख़ुपुरा में गुलशन बावरा पैदा हुए. उन्हें जीवन में विभाजन की त्रासदी का ऐसा दर्द मिला जिसमें मां-बाप दोनों को खो दिया लेकिन इसे उन्होंने कभी ज़ाहिर नहीं होने दिया. उन्होंने भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री को क़रीब 250 गाने दिए और इनमें से बड़ी संख्या में सुपरहिट रहे. नामी गिरामी के इस एपिसोड में सुनिए गीतों के गुलशन को महकाने वाले बावरे गीतकार का सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ...

कहानी 'मराठा गौरव' छत्रपति शिवाजी महाराज की: नामी गिरामी, Ep 91 05.04.2021

शिवाजी अपने समय से कहीं आगे की सोच रखते थे. उन्होंने स्वराज का झंडा तो बुलंद किया ही भारत की धरती पर हिंदू धर्म की पताका फ़हराई. लेकिन सच ये भी है कि शिवाजी ने कभी किसी ग़ैर धर्म का अपमान नहीं किया. नामी गिरामी के इस एपिसोड में अमन गुप्ता लेकर आए हैं मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले महान योद्धा छत्रपति शिवाजी की कहानी.

मंगल पांडे: 1857 के गदर में जिसने जलाई इंक़लाब की पहली लौ : नामी गिरामी, Ep 90 29.03.2021

बैरकपुर में अंग्रेज़ी सेना में तैनात रहे मंगल पांडे का योगदान 1857 की क्रांति के लिए बेहद अहम माना जाता है. उनकी गोली से ही इस क्रांति को हवा मिली थी. दरअसल सेना में उन्होंने विद्रोह उस वक़्त इस्तेमाल होने वाले एक कारतूस को लेकर किया था. इसके बाद उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई गई और 8 अप्रैल 1857 को उन्होंने वीरगति प्राप्त की. तो मंगल पांडे की जयंती पर 'नामी गिरामी' में सुनिए उनकी कहानी अमन गुप्ता के...

कहानी नवाब ख़ान की, जिसे ज़िंदगी के ज़ख़्मों ने बनाया 'दाग़ देहलवी': नामी गिरामी, Ep 89 22.03.2021

दाग़ अपने समय और आज भी बेहद मशहूर शायर तो हैं ही पर साथ ही एक बेहतरीन आशिक़ भी. एक ऐसे आशिक़ जिसकी शायरी में दर्द और सुकून दोनों ही हैं. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के दर्दों को शायरी और ग़ज़लों में गूंथ दिया. आज 'नामी गिरामी' में अमन गुप्ता लेकर आए हैं कहानी दिल्ली के महबूब शायर, दाग़ देहलवी की.

फ़ुर्सत के पलों में शायरी भी किया करते थे हॉकी के जादूगर ध्यानचंद : नामी गिरामी, Ep 88 15.03.2021

मेजर ध्यान चंद ने कुल मिलाकर तीन ओलंपिक के 12 मैचों में 37 गोल किए और तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते. अपने पूरे हॉकी करियर में उन्होंने 1000 से भी ज्यादा गोल दागे. उन जैसा भारतीय हॉकी के इतिहास में न कोई हुआ है और न होगा. 'नामी गिरामी' में इस बार अमन गुप्ता लेकर आए हैं 'हॉकी के जादूगर' का सफ़रनामा.

साहिर लुधियानवी, वो शायर जिसके गीत ज़माने के थे, लेकिन तल्ख़ियां अपनी थीं: नामी गिरामी, Ep 87 08.03.2021

साहिर लुधियानवी, वो शायर जिसे किसी ने मुहब्बत का शायर कहा तो किसी ने बग़ावत का परचम. किसी ने उसकी नज़्मों को इंक़लाब की तहरीर माना तो किसी ने रूमानियत का झोंका लेकिन हर शक्ल में साहिर लुधियानवी का रंग अपने हमवक़्त शायरों से अलग रहा. ज़ाती ज़िंदगी की तल्ख़ियों को ग़ज़ल ओ नज़्म में पिरोकर दुनिया के नाम कर देने वाले साहिर की 100वीं सालगिरह पर सुनिए ‘नामी-गिरामी’ का ये ख़ास एपिसोड, जमशेद क़मर सिद्दीक़...

जसपाल भट्टी, जिनका 'फ्लॉप शो' बन गया डार्क कॉमेडी का 'हिट शो': नामी गिरामी, Ep 86 01.03.2021

हिंदुस्तान में हास्य और व्यंग्य के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से एक है- कॉमेडी किंग जसपाल भट्टी का नाम. 'फ़्लॉप-शो; और 'फुल-टेंशन' जैसे शानदार धारावाहिक बनाने वाले जसपाल भट्टी की ज़िंदगी का सफ़र कैसा था? क्यों एक बार वो संसद भवन के गेट के बाहर काला सूटकेस लेकर खड़े हो गए थे? ’नामी गिरामी’ के इस एपिसोड में सुनिए कहकहों के कलंदर जसपाल भट्टी की ज़िंदगी के कुछ सुने-अनसुने क़िस्से, जमशेद क़मर सिद्दीक़ी...

मधुबाला, जिनसे पूरा भारत प्यार करता था, वो प्यार के अभाव में मरी?: नामी गिरामी, Ep 85 22.02.2021

मधुबाला बॉलीवुड की बड़ी नामचीन अभिनेत्री रहीं. एक ज़माना था जब उनकी खूबसूरती के दाद देने वालों और उनकी मुस्कुराट पर फिदा होने वालों की कमी नहीं थी. मगर दिल्ली में जन्मीं मुमताज़ जहां देहलवी के मधुबाला बनने की कहानी क्या है? उनके बारे में जिस तिलिस्म की बात की जाती है, क्या वो वाक़ई थी और निजी ज़िंदगी में वह अकेली क्यों रहीं, उनकी पुण्यतिथि पर नामी गिरामी में सुनिए कुलदीप मिश्र से.

गैलीलियो, चर्च से भिड़ जाने वाला एक विद्रोही वैज्ञानिक: नामी गिरामी, Ep 84 15.02.2021

गैलीलियो को कैथोलिक चर्च की सूर्य और अन्य ग्रहों की स्थिति को लेकर धारणाओं की खिलाफत के लिए भी जाना जाता है. गैलीलियो की खोज ने निकोलस कॉपरनिकस के तब से 100 साल पहले की गईं खोजों को सिद्ध किया था. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में सुनिए उन्हीं की कहानी अमन गुप्ता के साथ.

जगजीत सिंह- ग़ज़लों को नया कलेवर देकर आम आदमी तक पहुंचाने वाला गायक: नामी गिरामी, Ep 83 08.02.2021

8 फरवरी, 1941 को जन्मे जगजीत सिंह किसी के लिए ग़ज़ल के रॉकस्टार हैं तो किसी के लिए ग़ज़ल-गायकी की रवायत से छेड़छाड़ करने वाले महज़ गायक. तो बचपन में किस तरह शरारतें करते थे जगजीत, संगीत से कैसे हुआ इनका वास्ता, इनकी श्रीगंगानगर से मुंबई वाया जालंधर की यात्रा, चित्रा सिंह से मिलने की कहानी और कुछ दिलचस्प क़िस्से और ग़ज़लें, 'नामी-गिरामी' में लेकर आए हैं अमन गुप्ता. प्रोड्यूसर: शुभम तिवारी  साउंड मिक्सिंग: सच...

DSP की नौकरी छोड़ नेता बने और बना दिया चुनाव में जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड: नामी गिरामी, Ep 82 01.02.2021

रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के शहरबन्नी में हुआ था. उन्होंने DSP की नौकरी छोड़कर सियासत में आना चुना और 1969 में होने वाले मध्यावधि चुनावों में जीत दर्ज कर अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की. आजीवन रामविलास दलित मुद्दों को लेकर मुखर रहे. नामी गिरामी में आज उन्हीं की कहानी सुना रहे हैं अमन गुप्ता.

उस्ताद गुलाम मुस्तफ़ा ख़ान, जिन्हें जन्माष्टमी से शोहरत मिली: नामी गिरामी, Ep 81 25.01.2021

उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान का पिछले दिनों इंतकाल हो गया. वह एक ऐसे संगीतकार हुए जिनसे कई आलातरीन फ़नकारों को संगीत की समझ मिली. तो कैसे मिली इन्हें संगीत की शुरुआती तालीम, अपनी गायकी में निखार लाने के लिए ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान ने क्या क्या किया, कृष्ण जन्माष्टमी से उनका क्या जुड़ाव रहा और उन्होंने संगीत में क्या नया जोड़ा, 'नामी-गिरामी' में उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान के कुछ क़िस्सों और गाए हुए गीतों के साथ उन...

नसीर तुराबी- अपनी ही शायरी का बेरहम कसाई: नामी गिरामी, Ep 80 18.01.2021

पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले एक लड़के ने बतौर शायर बहुत ही कम उम्र में एक ऐसी ग़ज़ल लिख दी जो उसके नाम का पर्याय बन गयी. एक लड़का जिसकी शायरी को लेकर कभी उर्दू के हस्ताक्षर जोश मलीहाबादी ने कहा था, "मुझे इस लड़के से बड़ी उम्मीद है". हैदराबाद में पैदा हुआ वो लड़का आगे चलकर नामचीन शायर बना और नसीर तुराबी के नाम से मक़बूल हुआ. 10 जनवरी, 2021 को कराची में 75 वर्ष की उम्र में नसीर तुराबी का इंतकाल हो गया. नामी...

लाल बहादुर शास्त्री- एक प्रधानमंत्री जिसकी सौम्यता के पीछे छिपे रहे चट्टान से मज़बूत इरादे: नामी गिरामी, Ep 79 11.01.2021

लाल बहादुर शास्त्री 18 महीने ही देश प्रधानमंत्री रहे और इसी पद पर रहते हुए दुनिया से रुख़सत हो गए. तो कैसा रहा उनका शुरूआती जीवन, उनके नाम में "शास्त्री" कैसे जुड़ा? आज़ादी के आंदोलन में लाल बहादुर कैसे कूदे और जब देश की बागडोर संभालने की नौबत आई तो कैसे उन्होंने एक सच्चे और काबिल राजनेता की जि़म्मेदारी निभाई, सुनिए 'नामी गिरामी' में अमन गुप्ता से.

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