Let's Enlighten! अलौकिक बोध
Let's Enlighten! अलौकिक बोध
भगवान के ही द्वारा प्रद्दत की गयी सभी अलौकिक विभूतियों का अवलम्बन ले कर उन्ही के गुणों का श्रवण एवं मंगल ध्यान करें, कुछ अनुभूति मिल कर करें, इसी कामना से आप सभी का "अलौकिक बोध" चैनल में स्वागत है ।A channel committed to Enlighten "Self" enjoying Bliss of both Inner and Outer worlds. Will develop and bring the wisdom and benefits of eternal truth of Sanatan Dharam and Indian Values. Let’s Enlighten! Key Words: . अलौकिक, विभूति, भगवान, ज्ञान, बोध, सनातन, Enlighten , unique knowledge, , divine truth, wisdom, literature, scriptures , Sanatan Dharam and Indian Values
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Let's Enlighten! अलौकिक बोध
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Dec 6, 2023
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Episodes
श्री रामचरित-पूर्व खंड : अध्याय: मंगलाचरण एवं साकेत धाम 05.06.2022 25:25
इस एपिसोड में कथा के प्रारंभ मे की गई स्तुति है मंगलाचरण के रूप में एवं प्रथम अध्याय "साकेत" का प्रारंभ होता है ! Key Words: Shri Ram Charit, Saket Dham, श्री राम चरित, साकेत धाम, भगवान राम
श्री राम चरित -पूर्व खंड - विषय: उपक्रम (भाग-2) 03.06.2022 29:45
आज के इस पठन में चक्र जी ने भगवान के अवतार संबन्धित कारण एवं अवस्थाओं का वर्णन किया है ! भगवान के दिव्य धाम, लीला, रूप एवं नाम की महिमा का अद्भुत वर्णन को सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा ! Key Words: Shri Ram, Ayodhya, Ram Charit, Sudershan Singh Chakra, in Prose श्री राम, अयोध्या, सुदर्शन सिंह चक्र, पद्य
संत सुदर्शन सिंह "चक्र" का परिचय एवं उनके द्वारा रचित "श्री राम-चरित - पूर्व खंड के पठन का शुभारंभ उनकी "अपनी बात" से 01.06.2022 32:35
हमारे अतीव पुण्य संचित हो पाने के कारण ही हम सब को ये सौभाग्य प्राप्त हुआ है के इस पॉडकास्ट के माध्यम से हम एक महान संत के साहित्य का श्रवण एवं पठन कर पायेगे ! इस ज्ञान को हम सबमें बाटें जो हमें केवल भगवान का ही चिंतन, फल रूप में प्रदान करता है ! Key Words: Sudarshan Singh Chakra, Shri Ram Charit, Purv Khand, Ram Charit in Prose, Devotion संत सुदर्शन सिंह "चक्र", श्री राम-चरित - पूर्व...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित शिक्षायें-१६ (40/40) 28.09.2021 22:12
प्रस्तुत दोहों में (५४५-५७२) गोस्वामीजी ने श्री राम के गुणों की महिमा,और अधिकतर कलियुग का वर्णन किया है! In these lines Goswamij described mostly importance of Shri Ram’s character, enlighters of world and have focused on Kaliyug’s impact. Key Words: मंगल, कलियुग, Kaliug, Mangal
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित शिक्षायें-१५ (39/40) 28.09.2021 14:53
प्रस्तुत दोहों में (५२८-५४४) गोस्वामीजी ने जीवन की सफलता का रहस्य और त्रिभुवन के दीप कौन, कीर्ति किसकी, कपटी कौन इत्यादी विषयों पर विचार व्यक्त किए है ! In these lines Goswamiji has talked about various subjects like who is worth to know, to stay away and who enlightens this world. Key Words: कपट, कीर्ति, त्रिभुवन, Kapat, Kirti, Tribhuvan
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१४ (38/40) 25.09.2021 26:43
प्रस्तुत दोहों में (४९६-५२७) गोस्वामीजी ने ऐश्वर्य प्राप्ति के पश्चात की दशा से ले कर राजनीति संबंधित ज्ञान, जैसे अचल राज्य के चिन्हों का वर्णन किया है ! In these dohe, Tulsidasji described the state of mind of after fame and also stated the qualities of a great and established kingdom. Key Words: ऐश्वर्य ,अचल, राजनीति, Aishwarya, Achal, Rajniti
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१३ (37/40) 24.09.2021 26:03
प्रस्तुत दोहों में (४६४-४९५) गोस्वामीजी ने विभिन्न विषयों पर अपने भाव व्यक्त किए है जैसे नियम से प्रेम बढ़ा है, कौन निरादर पाते है, शोचनीय कौन है, और मूर्ख कौन है इत्यादि! In these lines Goswamiji described various factors involving wisdom, Prem and definition of those who are considered to be a naive and ignorant and much more. Key Words: जस, अपजस, प्रेम, नियम, शोचनीय, Jus, upjus, Prem, Niyam, sho...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१२ (36/40) 22.09.2021 22:00
प्रस्तुत दोहों में (४३९-४६३) गोस्वामीजी ने बेहद सुन्दर विषय जैसे समय का महत्व, विवेक की प्रधानता, नक्षत्रों के प्रभाव को कई रूप से दर्शाया है ! कई मंगलकारी वस्तुओं को भी निर्देशित किया है ! In these dohe, Goswamiji has shown the various effects of planetary positions, using his astrological and divine command of the subject. Key Words: मंगलकारी, होनहार, परमार्थप्राप्ति, सफल, नक्षत्र Mangalkari, Ho...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-११ (35/40) 21.09.2021 23:37
प्रस्तुत दोहों में (४०८-४३८) गोस्वामीजी ने कपट, अविवेक, क्षमा का प्रभाव, एवं भगवान सभी के रक्षक है, इन विषयों की चर्चा की है ! In these lines Goswamiji narrates the subjects of Vivek, importance of forgiveness and how God is the ultimate protector of us. Key Words: भगवान, रक्षक, विवेक, क्षमा, God, Protector, Vivek, Shama
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-१० (34/40) 21.09.2021 22:40
प्रस्तुत दोहों में (३७६-४०७) गोस्वामीजी ने छल-कपट, मिथ्या अभिमान, नीच और दुष्टों के स्वभाव, का वर्णन किया है ! In these verses, Goswamij explains how cheating, pride and qualities of meanness are useless to possess in human lives. Key Words: छल-कपट, दुष्ट, अभिमान, नीच, Chal-Kapat, Dusht, Abhiman Neech
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-९ (33/40) 21.09.2021 20:19
प्रस्तुत दोहों में (३५२-३७५) गोस्वामीजी ने बैर और प्रीति, भाग्यवान कौन है,संग और विवेक, दुर्जन और सज्जन की महिमा एवं स्वभाव इत्यादि का वर्णन किया है ! In these lines Goswamij narrated the various subjects like differences between good and bad natured folks, blessed souls and various subjects. Key Words: प्रीति, बैर, दुर्जन, सज्जन, विवेक, Preeti, Vair, Durjan, Sajjan, Vivek
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-८ (32/40) 17.09.2021 22:13
प्रस्तुत दोहों में (३२७-३५१ ) गोस्वामीजी ने दानी और याचक के स्वभाव का वर्णन, स्वभाव की प्रधानता का वर्णन और सत्संग का प्रभाव दर्शाया है ! In these two line lyrics, Goswamiji has described qualities of a giver and receiver and also the importance of nature of humans and influence of satsang on it. Key Words: दानी, याचक, स्वभाव, सत्संग, प्रेममार्ग, कुटिलता, Daani, Yachak, Swabhav, Satsang, Premmarg,...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-७ (31/40) 17.09.2021 10:40
प्रस्तुत दोहों में (३१३-३२६) गोस्वामीजी ने कई एकांगी प्रेम के उदाहरण दिए है एवं अनन्यता की महिमा का भी वर्णन किया है ! In these dohe, Tulsidasji identified qualities of dedicated and pure love. Key Words: कमल, मृग, सर्प, मछली, मयूर, Kamal, Mrig, Sarp, Machli, Mayur
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-६ (30/40) 16.09.2021 28:37
प्रस्तुत दोहों में (२७७-३१२ ) गोस्वामीजी ने चातक पंछी के अधभूत प्रेम की चर्चा की है जो मात्र स्वाती बूंद ही ग्रहण करता है! In these lines Goswamiji speaks so highly of the Chatak bird, who sacrifices everything in love without any expectations in return. Key Words: चातक, पपीहा, भरोसों, अन्न्यायन्ता, बूंद, एकांगी-अनुराग, Chatak, Papiha, Bharoso, Unnanyata, Boond, Ekangi Anurag
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें-५ (29/40) 16.09.2021 18:45
प्रस्तुत दोहों में (२५६-२७६ ) गोस्वामीजी ने मानव के जीवन के बाधक तत्वों की चर्चा की है और शांति की प्राप्ति के साधन बताए है ! In these dohe, Goswamiji identities those factors that takes bhakti away from human life. Key Words: संतोष, काम, क्रोध, शांति, काल , Santosh, Kaam, Krodh, Shanti, Kaal
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- ४ (28/40) 16.09.2021 25:20
प्रस्तुत दोहों में(२२८-२५५) गोस्वामीजी ने भगवान शिव, हनुमान जी, एवं काशी की महिमा का वर्णन किया है, और भी कई विविध विषयों की चर्चा की है भक्ति के संबंध में ! In these dohe, Goswamiji talks about importance of various characters in Ram Lila and also address various subjects of Bhakti. Key Words: विषयासक्ती, त्याग, ग्रहस्ताश्रम, वैराग्य , साधु , सगुण, निर्गुण , Vishiyasakti, Tyag,, Grihasthash...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- ३ (27/40) 16.09.2021 21:14
प्रस्तुत दोहों में (२०२ -२२७) गोस्वामीजी ने भगवान राम के प्रति उनके परिकरों के अतुलनिय प्रेम को दर्शाया है ! In these dohe Goswamiji describes as how the love of Shri Bharatj, Laxmanji and Sitaji is unmatched in universe for Shri Ram. Including others abiding love towards Shri Ram is mentioned including Dashrathji, Hanumanji and Shatrughanji. Key Words: अलौकिक , महिमा , सुमित्रा , केकैयी, भरत, जटा...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम की शरणागतवत्सलता (25/40) 13.09.2021 17:16
इन दोहों में (#१५६-१७६) तुलसीदास जी ने भगवान की शरण में जाने की विशेष महिमा का वर्णन किया है की मानव की सभी मनोकामना एवं उत्तम गति की पूर्णता का यह एकमात्र साधन है ! In these dohe, Goswamiji shows the importance of taking refuge in Shri Ram’s lotus feet which will fulfill all worldly desires as well as taking an individual to his spiritual heights as well. Key Word कैलास, शरणागत, विभीषण, रावण, बाल...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम-चरित नीति शिक्षायें- २ (26/40) 13.09.2021 21:07
इन दोहों में (#१७७-२०१) तुलसीदास जी ने मात्र कुछ ही दोहों में की भगवान राम संबंधी मार्मिक विषयों की चर्चा की है ! In these selected verses Goswamiji has touched quite a few topics which all emphasize to have Rambhakti to be an essential element of our lives. Key Words: राम, लखन, सिया, कृपा, सुमिरत, सुरधेनु, अलौकिक प्रेम, कुमुद, सुरभि Ram, Lakhan, Siya, Kripa, Sumirat, Surdhenu, Alaukik Prem,...
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: श्री राम चरित/नीति शिक्षायें-१ (24/40) 12.09.2021 11:44
इन दोहों में (#१४१-१५५) तुलसीदास जी ने मात्र कुछ ही दोहों में की मार्मिक विषयों की चर्चा की है ! In these selected verses Goswamiji has touched quite a few topics in few lines which we will listen individually. Key Words: सेवक, हनुमान, महिमा, संकट, कल्याण, सुगम, Sevak, Hanuman, Mahima, Sankat, Kalyan, Sugam
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भजन की महिमा (23/40) 11.09.2021 11:20
इन दोहों में (#१२५-१४०) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम के भजन की मानव जीवन में आवशयकता के महत्व का विस्तृत वर्णन किया है के जीवन में उसके बिना मात्र अशान्ति ही है ! In these lines Goswamiji explains as how doing bhajan of Shri Ram can relive human beings from suffering in their lives. Key Words: चेतन, साधु , सेवक , पुण्य , पाप , शील , कृपासिन्धु , कल्याण, Chetan, Sadhu, Sevak, Punya, Paap, Sheel, K...
गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान की बाल-लीला (22/40) 11.09.2021 7:06
इन दोहों में (#११७-१२४)) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम के प्रागटय के अद्भुत आनंद को दर्शाया है ! In these lines of Dohawali, Goswamiji details the pleasure of everyone upon his decent on earth as Prabhu Shri Ram or his Avatar. Key Words: अवतार, आनंद, लीला, Avatar, Anand, Leela
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान राम की कृपा की महिमा-२ (21/40) 06.09.2021 5:30
इन दोहों में (# १११ -११६) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम की कृपा की महिमा का गान किया है ! In these lines Goswamiji gives importance to Bhagwan Shri Ram’s grace or Kripa. Key Words: सच्चिदानंद, शुद्ध, मायातीत, Sacchidanand, Shuddh, Mayateet,
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान राम की कृपा की महिमा-१ (20/40) 06.09.2021 5:32
इन दोहों में (# १०५-११०) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम की कृपा की महिमा का गान किया है ! In these lines Goswamiji gives importance to Bhagwan Shri Ram’s grace or Kripa. कल्याण, मोर, गरीबनवाज़, Kalyan, Mor, Garibnawaz,
दोहावली - गोस्वामी तुलसीदास जी - प्रसंग: भगवान शिव और राम की एकरूपता (19/40) 06.09.2021 4:44
इन दोहों में (#१०१-१०४) तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम एवं भगवान श्री शंकर की उपासना के बारे में कहा है के कैसे दोनों एक ही है ! भगवान राम के प्रेम की भी जगत में उच्चता सर्वोतम बताई है ! In these lines Tulsidas ji warns that a devotee should never think Shri Ram or Bhagwan Shankar are different. For him he says Rambhakti is of ultimate importance. Key Words: सर्वोत्कृष्टता, कल्प, मुक्ति, साधन, Sarv...
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