Shashi Bhooshan
Hamari Aavaaz हमारी आवाज़
Listening Platform with Shashi Bhooshan: Hamari Aavaaz शशिभूषण के साथ सुनने का साझा मंच: हमारी आवाज़
Where to listen?
Podcasts in the app Replaio Radio Coming soonPodcasts are coming to the app soon. Install now and be the first to see a whole new take on podcasts
Episodes
कार्ल मार्क्स की समाधि पर दिया गया एंगेल्स का भाषण 14.03.2021 6:49
संसार भर के लिए कार्ल मार्क्स ऐसे अपराजेय योद्धा, महान क्रांतिकारी और महामानव हैं जिनके सिद्धांतों और असमाप्त कार्यों के लिए यदि जान भी जाने का ख़तरा उत्पन्न होता हो तो भी शायद ही दुनिया में कोई ईमानदार मनुष्य कभी पीछे हटे या जीवन में कभी पछताए। भारत में ऐसे मनुष्य केवल एक ही हुए, सिद्धार्थ गौतम। जिन्हें संसार भर में महामानव बुद्ध के नाम से जाना जाता है। हम भारतीय होने के नाते चाहें तो इस होनी पर अ...
बालक : ख़लील जिब्रान 05.03.2021 2:19
बच्चों के अस्तित्व, सृजनात्मकता, उन्नति और आज़ादी के विषय में ख़लील जिब्रान की यह रचना अत्यंत मानवीय और प्रेमपूर्ण है।
सबसे ख़तरनाक : अवतार सिंह पाश 28.02.2021 3:58
अवतार सिंह पाश की कविता 'सबसे ख़तरनाक' ऐसी कालजयी कविता है जो सबसे बुरे के विषय में बताकर सबसे अच्छे की पहचान करा देती है। इस कविता में जो सबसे बुरा है के बहाने जो करना ही चाहिए जो हमसे होना ही चाहिए का पता चल जाता है।
प्रतिबद्धता : पाश 27.02.2021 2:43
हम झूठ मूठ का कुछ भी नहीं चाहते...और हम सब कुछ सचमुच का देखना चाहते हैं...ज़िन्दगी, समाजवाद या कुछ भी और...-पाश
नये शेखर की जीवनी : अविनाश मिश्र 21.02.2021 7:55
"कई कविताओं की राख से एक जीवन पैदा हुआ। जीवित रहने के लिए कविताएँ जलानी पड़ती हैं। जीवन सारी योजनाओं के केंद्र में नज़र आता है और कविताएँ सारी योजनाओं से बाहर। जीवन को बनाया जाता है और कविताएँ ख़ुद बन जाती हैं। ख़ुद बनना संसार में सम्मान का सबब है। लेकिन खुद बनना सारी योजनाओं से बाहर होना है।" - अविनाश मिश्र
वर दे, वीणावादिनि वर दे : निराला 16.02.2021 1:34
निराला रचित यह सरस्वती वंदना मन का मैल दूर कर बुद्धि को उद्दात और सार्वभौम बनाने वाली प्रार्थना है।
हम लड़ेंगे साथी : अवतार सिंह पाश 15.02.2021 3:02
लड़ते हुए मर जाने वालों की याद ज़िंदा रखने के लिए ... हम लड़ेंगे साथी...
भारत : पाश 14.02.2021 1:36
पाश की कविता 'भारत' देश, खेतों और देश के लोगों के दिल का हलफ़नामा है।
मैं अब विदा लेता हूँ : पाश 13.02.2021 7:21
पाश की कविता 'मैं अब विदा लेता हूँ' प्रेम, सरोकार और क्रांतिकारिता की अविस्मरणीय कविता है।
प्रेम : खलील जिब्रान 13.02.2021 4:58
प्रेम के विषय में खलील जिब्रान की यह रचना प्रेम जितनी ही ह्रदय ग्राही है।
लखनवी अंदाज़ : यशपाल 24.12.2020 7:53
यशपाल का व्यंग्य लखनवी अंदाज़
गुजरात के मृतक का बयान : मंगलेश डबराल 17.12.2020 4:00
मंगलेश डबराल की अत्यंत मार्मिक और अविस्मरणीय कविता गुजरात के मृतक का बयान
बच्चों के लिए एक चिट्ठी 16.12.2020 2:01
मंगलेश डबराल की कविता बच्चों के लिए एक चिट्ठी
मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि 16.12.2020 4:46
सुप्रसिद्ध कवि मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि और उनकी एक कविता, 'हमारे शासक'
नेहा नरूका की दो कविताएँ 07.12.2020 2:47
मैं कभी किसी से नफ़रत क्यों नहीं कर पाती जबकि मैं करना चाहती हूँ...और सबने प्यार करना बंद कर दिया... धीरे-धीरे सब विष में बदलने लगे...।
भारत माता : जवाहर लाल नेहरू 20.11.2020 6:24
'भारत माता' आलेख में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने हिंदुस्तान की एकता और भारत माता की जय का वास्तविक अभिप्राय प्रतिपादित किया है।
मुक्तिबोध की कविता शून्य 13.11.2020 2:05
मुक्तिबोध की कविता 'शून्य' आत्मालोचन की एक श्रेष्ठ कविता है। ऐसी कविता जिसका मैं कवि का ही आत्म नहीं बल्कि विश्व मनुष्य का अंतर्मन है।
ऋतुराज की कविता कन्यादान 13.11.2020 1:17
हाशिये के समाज और लोकजीवन से गहरा जुड़ाव रखने वाले कवि ऋतुराज की कविता 'कन्यादान' स्त्रियों के प्रति जब वे बेटी लड़की होती हैं तब से प्रगतिशील दृष्टि की श्रेष्ठ रचना है।
अब्राहम लिंकन का अपने पुत्र के अध्यापक को लिखा मार्मिक पत्र 11.11.2020 3:05
अब्राहम लिंकन का यह पत्र शिक्षकों के लिए सबसे आत्मीय और भरोसेमंद पथ-प्रदर्शक जैसा है। यह शिक्षकों के लिए लिखा गया है मगर विद्यार्थियों की आनेवाली पीढ़ियों के लिए भी उतना ही खरा है।
सहर्ष स्वीकारा है 04.11.2020 2:45
मुक्तिबोध की प्रतिनिधि कविताओं में से एक सहर्ष स्वीकारा है प्रेमपूर्ण और अत्यंत प्रेरक कविता है। इस कविता में जीवन के सब सुख दुःख, संघर्ष- अवसाद, उठा-पटक सम्यक भाव से स्वीकार करने का भाव है। यह कविता हमें प्रेरणा, प्रेम और मानवीय मूल्यों के प्रति सहज समर्पित रहने का भी बोध कराती है।
जॉर्ज पंचम की नाक 27.10.2020 16:25
जॉर्ज पंचम की नाक कमलेश्वर की प्रतिनिधि कहानी है। यह कहानी औपनिवेशिक दासता के कारण और उसके गहरे दीर्घकालिक प्रभाव में नौकरशाही, कला, मीडिया और राजनीति की मानसिक ग़ुलामी की सजीव दास्तान है।
तोलस्तोय की कहानी ज़ार के लिए प्रार्थना करने वाले मेढ़क 26.10.2020 1:58
विश्व के महान कहानीकार और उपन्यासकार लेव तोलस्तोय की यह कहानी पीपीएच(प्रा.) लिमिटेड से प्रकाशित किताब 'बच्चो सुनो कहानी' में संकलित है।
विद्रोही की कविता नूर मियाँ 11.10.2020 3:44
रामशंकर यादव विद्रोही की कविताएं सरोकार और क्रांतिकारिता की मिसाल हैं। नूर मियां कविता में एक ऐसी स्मृति है जो भारत की मनुष्यता और मिली जुली संस्कृति की स्मृति है।
लुइस ग्लुक की कविता एक फ़ैंटेसी 09.10.2020 2:24
2020 के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमेरिकन कवयित्री लुईज ग्लुक की इस कविता का अनुवाद हिंदी के जाने माने कवि कुमार अम्बुज ने किया है। बकौल कुमार अम्बुज जी "उनकी कुछ कविताएँ पढ़ी हैं। उनके संचयिता संग्रह में से एक कविता A Fantasy का फौरी अनुवाद, बतौर उनके सम्मान के लिए, बधाई के साथ। यह कविता संग्रह 'अराराट' में संकलित है।"
फिराक़ गोरखपुरी की ग़ज़ल 30.09.2020 3:07
जो मुझको बदनाम करे हैं काश वे इतना सोच सकें मेरा परदा खोले हैं या अपना परदा खोले हैं।
Similar podcasts
Replaio is not a podcast publisher; show names, artwork and audio belong to their authors and are distributed through public RSS feeds.