Shashi Bhooshan

Hamari Aavaaz हमारी आवाज़

Listening Platform with Shashi Bhooshan: Hamari Aavaaz शशिभूषण के साथ सुनने का साझा मंच: हमारी आवाज़

Author

Shashi Bhooshan

Category

Education

Latest episode

Feb 17, 2026

Where to listen?

Podcasts in the app Replaio Radio Coming soon

Podcasts are coming to the app soon. Install now and be the first to see a whole new take on podcasts

Get it on Google Play Install for free Android 5M+ downloads · 4.8 rating iOS soon

Episodes

कार्ल मार्क्स की समाधि पर दिया गया एंगेल्स का भाषण 14.03.2021

संसार भर के लिए कार्ल मार्क्स ऐसे अपराजेय योद्धा, महान क्रांतिकारी और महामानव हैं जिनके सिद्धांतों और असमाप्त कार्यों के लिए यदि जान भी जाने का ख़तरा उत्पन्न होता हो तो भी शायद ही दुनिया में कोई ईमानदार मनुष्य कभी पीछे हटे या जीवन में कभी पछताए। भारत में ऐसे मनुष्य केवल एक ही हुए, सिद्धार्थ गौतम। जिन्हें संसार भर में महामानव बुद्ध के नाम से जाना जाता है। हम भारतीय होने के नाते चाहें तो इस होनी पर अ...

बालक : ख़लील जिब्रान 05.03.2021

बच्चों के अस्तित्व, सृजनात्मकता, उन्नति और आज़ादी के विषय में ख़लील जिब्रान की यह रचना अत्यंत मानवीय और प्रेमपूर्ण है।

सबसे ख़तरनाक : अवतार सिंह पाश 28.02.2021

अवतार सिंह पाश की कविता 'सबसे ख़तरनाक' ऐसी कालजयी कविता है जो सबसे बुरे के विषय में बताकर सबसे अच्छे की पहचान करा देती है। इस कविता में जो सबसे बुरा है के बहाने जो करना ही चाहिए जो हमसे होना ही चाहिए का पता चल जाता है।

प्रतिबद्धता : पाश 27.02.2021

हम झूठ मूठ का कुछ भी नहीं चाहते...और हम सब कुछ सचमुच का देखना चाहते हैं...ज़िन्दगी, समाजवाद या कुछ भी और...-पाश

नये शेखर की जीवनी : अविनाश मिश्र 21.02.2021

"कई कविताओं की राख से एक जीवन पैदा हुआ। जीवित रहने के लिए कविताएँ जलानी पड़ती हैं। जीवन सारी योजनाओं के केंद्र में नज़र आता है और कविताएँ सारी योजनाओं से बाहर। जीवन को बनाया जाता है और कविताएँ ख़ुद बन जाती हैं। ख़ुद बनना संसार में सम्मान का सबब है। लेकिन खुद बनना सारी योजनाओं से बाहर होना है।" - अविनाश मिश्र

वर दे, वीणावादिनि वर दे : निराला 16.02.2021

निराला रचित यह सरस्वती वंदना मन का मैल दूर कर बुद्धि को उद्दात और सार्वभौम बनाने वाली प्रार्थना है।

हम लड़ेंगे साथी : अवतार सिंह पाश 15.02.2021

लड़ते हुए मर जाने वालों की याद ज़िंदा रखने के लिए ... हम लड़ेंगे साथी...

भारत : पाश 14.02.2021

पाश की कविता 'भारत' देश, खेतों और देश के लोगों के दिल का हलफ़नामा है।

मैं अब विदा लेता हूँ : पाश 13.02.2021

पाश की कविता 'मैं अब विदा लेता हूँ' प्रेम, सरोकार और क्रांतिकारिता की अविस्मरणीय कविता है।

प्रेम : खलील जिब्रान 13.02.2021

प्रेम के विषय में खलील जिब्रान की यह रचना प्रेम जितनी ही ह्रदय ग्राही है।

लखनवी अंदाज़ : यशपाल 24.12.2020

यशपाल का व्यंग्य लखनवी अंदाज़

गुजरात के मृतक का बयान : मंगलेश डबराल 17.12.2020

मंगलेश डबराल की अत्यंत मार्मिक और अविस्मरणीय कविता गुजरात के मृतक का बयान

बच्चों के लिए एक चिट्ठी 16.12.2020

मंगलेश डबराल की कविता बच्चों के लिए एक चिट्ठी

मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि 16.12.2020

सुप्रसिद्ध कवि मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि और उनकी एक कविता, 'हमारे शासक'

नेहा नरूका की दो कविताएँ 07.12.2020

मैं कभी किसी से नफ़रत क्यों नहीं कर पाती जबकि मैं करना चाहती हूँ...और सबने प्यार करना बंद कर दिया... धीरे-धीरे सब विष में बदलने लगे...।

भारत माता : जवाहर लाल नेहरू 20.11.2020

'भारत माता' आलेख में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने हिंदुस्तान की एकता और भारत माता की जय का वास्तविक अभिप्राय प्रतिपादित किया है।

मुक्तिबोध की कविता शून्य 13.11.2020

मुक्तिबोध की कविता 'शून्य' आत्मालोचन की एक श्रेष्ठ कविता है। ऐसी कविता जिसका मैं कवि का ही आत्म नहीं बल्कि विश्व मनुष्य का अंतर्मन है।

ऋतुराज की कविता कन्यादान 13.11.2020

हाशिये के समाज और लोकजीवन से गहरा जुड़ाव रखने वाले कवि ऋतुराज की कविता 'कन्यादान' स्त्रियों के प्रति जब वे बेटी लड़की होती हैं तब से प्रगतिशील दृष्टि की श्रेष्ठ रचना है।

अब्राहम लिंकन का अपने पुत्र के अध्यापक को लिखा मार्मिक पत्र 11.11.2020

अब्राहम लिंकन का यह पत्र शिक्षकों के लिए सबसे आत्मीय और भरोसेमंद पथ-प्रदर्शक जैसा है। यह शिक्षकों के लिए लिखा गया है मगर विद्यार्थियों की आनेवाली पीढ़ियों के लिए भी उतना ही खरा है।

सहर्ष स्वीकारा है 04.11.2020

मुक्तिबोध की प्रतिनिधि कविताओं में से एक सहर्ष स्वीकारा है प्रेमपूर्ण और अत्यंत प्रेरक कविता है। इस कविता में जीवन के सब सुख दुःख, संघर्ष- अवसाद, उठा-पटक सम्यक भाव से स्वीकार करने का भाव है। यह कविता हमें प्रेरणा, प्रेम और मानवीय मूल्यों के प्रति सहज समर्पित रहने का भी बोध कराती है।

जॉर्ज पंचम की नाक 27.10.2020

जॉर्ज पंचम की नाक कमलेश्वर की प्रतिनिधि कहानी है। यह कहानी औपनिवेशिक दासता के कारण और उसके गहरे दीर्घकालिक प्रभाव में नौकरशाही, कला, मीडिया और राजनीति की मानसिक ग़ुलामी की सजीव दास्तान है।

तोलस्तोय की कहानी ज़ार के लिए प्रार्थना करने वाले मेढ़क 26.10.2020

विश्व के महान कहानीकार और उपन्यासकार लेव तोलस्तोय की यह कहानी पीपीएच(प्रा.) लिमिटेड से प्रकाशित किताब 'बच्चो सुनो कहानी' में संकलित है।

विद्रोही की कविता नूर मियाँ 11.10.2020

रामशंकर यादव विद्रोही की कविताएं सरोकार और क्रांतिकारिता की मिसाल हैं। नूर मियां कविता में एक ऐसी स्मृति है जो भारत की मनुष्यता और मिली जुली संस्कृति की स्मृति है।

लुइस ग्लुक की कविता एक फ़ैंटेसी 09.10.2020

2020 के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमेरिकन कवयित्री लुईज ग्‍लुक की इस कविता का अनुवाद हिंदी के जाने माने कवि कुमार अम्बुज ने किया है। बकौल कुमार अम्बुज जी "उनकी कुछ कविताएँ पढ़ी हैं। उनके संचयिता संग्रह में से एक कविता A Fantasy का फौरी अनुवाद, बतौर उनके सम्‍मान के लिए, बधाई के साथ। यह कविता संग्रह 'अराराट' में संकलित है।"

फिराक़ गोरखपुरी की ग़ज़ल 30.09.2020

जो मुझको बदनाम करे हैं काश वे इतना सोच सकें मेरा परदा खोले हैं या अपना परदा खोले हैं।

Listen to the Hamari Aavaaz हमारी आवाज़ podcast in Replaio

Radio and podcasts in one app - free, with no sign-up. Install today and do not miss the launch

Get it on Google Play

Replaio is not a podcast publisher; show names, artwork and audio belong to their authors and are distributed through public RSS feeds.