Kavita Sings India भारतवाणी
BHARATVANI... Kavita Sings INDIA
BHARATVAANI...KAVITA SINGS INDIA I Sing.. I Write.. I Chant.. I Recite.. I'm here to Tell Tales of my glorious motherland INDIA, Tales of our rich cultural, spiritual heritage, ancient Vedic history, literature and epic poetry. My podcasts will include Bharat Bharti by Maithilisharan Gupta, Rashmirathi and Parashuram ki Prateeksha by Ramdhari Singh Dinkar, Kamayani by Jaishankar Prasad, Madhushala by Harivanshrai Bachchan, Ramcharitmanas by Tulsidas, Radheshyam Ramayan, Valmiki Ramayan, Soundaryalahari by Adi Shankaracharya, Sundarkaand, Bhagwad Gita, Japuji sahib, Rehras Sahib and lot more...
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Jun 29, 2026
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Soundaryalahari Shlok 53_ विभक्त-त्रैवर्ण्यं व्यतिकरित-लीलाञ्जनतया_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings 15.09.2023 11:53
Soundaryalahari Shlok 53_ विभक्त-त्रैवर्ण्यं व्यतिकरित-लीलाञ्जनतया_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings विभक्त-त्रैवर्ण्यं व्यतिकरित-लीलाञ्जनतयाविभाति त्वन्नेत्र त्रितय मिद-मीशानदयिते ।पुनः स्रष्टुं देवान् द्रुहिण हरि-रुद्रानुपरतान्रजः सत्वं वेभ्रत् तम इति गुणानां त्रयमिव ॥ 53 ॥
Soundaryalahari Shlok 52_गते कर्णाभ्यर्णं गरुत इव पक्ष्माणि दधती_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings 11.09.2023 11:03
Soundaryalahari Shlok 52_गते कर्णाभ्यर्णं गरुत इव पक्ष्माणि दधती_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings गते कर्णाभ्यर्णं गरुत इव पक्ष्माणि दधतीपुरां भेत्तु-श्चित्तप्रशम-रस-विद्रावण फले ।इमे नेत्रे गोत्राधरपति-कुलोत्तंस-कलिकेतवाकर्णाकृष्ट स्मरशर-विलासं कलयतः॥ 52 ॥
Soundaryalahari Shlok 51_शिवे शङ्गारार्द्रा तदितरजने कुत्सनपरा_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings 08.09.2023 13:09
Soundaryalahari Shlok 51_शिवे शङ्गारार्द्रा तदितरजने कुत्सनपरा_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings शिवे शङ्गारार्द्रा तदितरजने कुत्सनपरासरोषा गङ्गायां गिरिशचरिते विस्मयवती ।हराहिभ्यो भीता सरसिरुह सौभाग्य-जननीसखीषु स्मेरा ते मयि जननि दृष्टिः सकरुणा ॥ 51 ॥
Soundaryalahari Shlok 50_ कवीनां सन्दर्भ-स्तबक-मकरन्दैक-रसिकं_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings 04.09.2023 11:35
Soundaryalahari Shlok 50_ कवीनां सन्दर्भ-स्तबक-मकरन्दैक-रसिकं_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings कवीनां सन्दर्भ-स्तबक-मकरन्दैक-रसिकंकटाक्ष-व्याक्षेप-भ्रमरकलभौ कर्णयुगलम् ।अमुञ्च्न्तौ दृष्ट्वा तव नवरसास्वाद-तरलौअसूया-संसर्गा-दलिकनयनं किञ्चिदरुणम् ॥ 50 ॥
Soundaryalahari Shlok 49_ विशाला कल्याणी स्फुतरुचि-रयोध्या कुवलयैः_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings 01.09.2023 14:19
Soundaryalahari Shlok 49_ विशाला कल्याणी स्फुतरुचि-रयोध्या कुवलयैः_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings विशाला कल्याणी स्फुतरुचि-रयोध्या कुवलयैःकृपाधाराधारा किमपि मधुराஉஉभोगवतिका ।अवन्ती दृष्टिस्ते बहुनगर-विस्तार-विजयाध्रुवं तत्तन्नाम-व्यवहरण-योग्याविजयते ॥ 49 ॥
Soundaryalahari Shlok 48_अहः सूते सव्य तव नयन-मर्कात्मकतया_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings 28.08.2023 11:51
Soundaryalahari Shlok 48_अहः सूते सव्य तव नयन-मर्कात्मकतया_Adi Shankaracharya Tantragranth_Kavita Sings अहः सूते सव्य तव नयन-मर्कात्मकतयात्रियामां वामं ते सृजति रजनीनायकतया ।तृतीया ते दृष्टि-र्दरदलित-हेमाम्बुज-रुचिःसमाधत्ते सन्ध्यां दिवसर्-निशयो-रन्तरचरीम् ॥ 48 ॥
Soundaryalahari Shlok 47_भ्रुवौ भुग्ने किञ्चिद्भुवन-भय-भङ्गव्यसनिनि_Adi Shankaracharya Tantragranth 26.08.2023 11:19
Soundaryalahari Shlok 47_भ्रुवौ भुग्ने किञ्चिद्भुवन-भय-भङ्गव्यसनिनि_Adi Shankaracharya Tantragranth भ्रुवौ भुग्ने किञ्चिद्भुवन-भय-भङ्गव्यसनिनित्वदीये नेत्राभ्यां मधुकर-रुचिभ्यां धृतगुणम् ।धनु र्मन्ये सव्येतरकर गृहीतं रतिपतेःप्रकोष्टे मुष्टौ च स्थगयते निगूढान्तर-मुमे ॥ 47 ॥
Soundaryalahari Shlok 46_ ललाटं लावण्य द्युति विमल-माभाति तव यत्_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings 22.08.2023 10:22
Soundaryalahari Shlok 46_ ललाटं लावण्य द्युति विमल-माभाति तव यत्_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings ललाटं लावण्य द्युति विमल-माभाति तव यत्द्वितीयं तन्मन्ये मकुटघटितं चन्द्रशकलम् ।विपर्यास-न्यासा दुभयमपि सम्भूय च मिथःसुधालेपस्यूतिः परिणमति राका-हिमकरः ॥ 46 ॥
Soundaryalahari Verse 45 _ अरालै स्वाभाव्या-दलिकलभ-सश्रीभि रलकैः_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings 18.08.2023 10:32
Soundaryalahari Verse 45 _ अरालै स्वाभाव्या-दलिकलभ-सश्रीभि रलकैः_Adi Shankaracharya Tantragranth_KavitaSings अरालै स्वाभाव्या-दलिकलभ-सश्रीभि रलकैःपरीतं ते वक्त्रं परिहसति पङ्केरुहरुचिम् ।दरस्मेरे यस्मिन् दशनरुचि किञ्जल्क-रुचिरेसुगन्धौ माद्यन्ति स्मरदहन चक्षु-र्मधुलिहः ॥ 45 ॥
Soundaryalahari shlok 44_तनोतु क्षेमं न-स्तव वदनसौन्दर्यलहरी_adi shankaracharya tantragranth_KavitaSings 12.08.2023 9:54
Soundaryalahari shlok 44_तनोतु क्षेमं न-स्तव वदनसौन्दर्यलहरी_adi shankaracharya tantragranth_KavitaSings तनोतु क्षेमं न-स्तव वदनसौन्दर्यलहरीपरीवाहस्रोतः-सरणिरिव सीमन्तसरणिः।वहन्ती- सिन्दूरं प्रबलकबरी-भार-तिमिरद्विषां बृन्दै-र्वन्दीकृतमेव नवीनार्क केरणम् ॥ 44 ॥
Soundaryalahari Verse 43 _ सौंदर्यलहरी श्लोक ४३ _ धुनोतु ध्वान्तं न-स्तुलित-दलितेन्दीवर-वनं_आदि शंकराचार्य 08.08.2023 10:54
Soundaryalahari Verse 43 _ सौंदर्यलहरी श्लोक ४३ _ आदि शंकराचार्य धुनोतु ध्वान्तं न-स्तुलित-दलितेन्दीवर-वनंघनस्निग्ध-श्लक्ष्णं चिकुर निकुरुम्बं तव शिवे ।यदीयं सौरभ्यं सहज-मुपलब्धुं सुमनसोवसन्त्यस्मिन् मन्ये बलमथन वाटी-विटपिनाम् ॥ 43 ॥
Soundaryalahari Shlok 42 | गतै-र्माणिक्यत्वं गगनमणिभिः | आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ with interpretation in Hindi and English 01.08.2023 14:34
Soundaryalahari Shlok 42 | गतै-र्माणिक्यत्वं गगनमणिभिः | आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ with interpretation in Hindi and English गतै-र्माणिक्यत्वं गगनमणिभिः सान्द्रघटितंकिरीटं ते हैमं हिमगिरिसुते कीतयति यः ॥स नीडेयच्छाया-च्छुरण-शकलं चन्द्र-शकलंधनुः शौनासीरं किमिति न निबध्नाति धिषणाम् ॥ 42 ॥
Soundaryalahari shlok 41_तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरया_Adi shankaracharya_rendered by Kavita Singh with interpretation in Hindi and English 26.07.2023 13:52
Soundaryalahari shlok 41_तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरया_Adi shankaracharya_rendered by Kavita Singh with interpretation in Hindi and English तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरयानवात्मान मन्ये नवरस-महाताण्डव-नटम् ।उभाभ्या मेताभ्या-मुदय-विधि मुद्दिश्य दययासनाथाभ्यां जज्ञे जनक जननीमत् जगदिदम् ॥ 41 ॥
Soundaryalahari shlok 40 सौंदर्य लहरी | तटित्वन्तं शक्त्या तिमिर-परिपन्थि-स्फुरणया | Kavita Sings 24.07.2023 11:03
Soundaryalahari shlok 40 | with interpretation in Hindi and English तटित्वन्तं शक्त्या तिमिर-परिपन्थि-स्फुरणयास्फुर-न्ना नरत्नाभरण-परिणद्धेन्द्र-धनुषम् ।तव श्यामं मेघं कमपि मणिपूरैक-शरणंनिषेवे वर्षन्तं-हरमिहिर-तप्तं त्रिभुवनम् ॥ 40 ॥ (Blessings from Lakshmi, realization of good dreams, Not seeing bad dreams)Thatithwantham shakthya thimira paree pandhi sphuranayaSphuranna na rathnabharana pareenedw...
सौंदर्य लहरी श्लोक ३९ : तव स्वातिष्ठाने हुतवहमधिष्ठाय निरतं - with interpretation in Hindi & English : Soundaryalahari is an Adi Shankaracharya कृत तंत्रग्रंथ 19.07.2023 12:36
सौंदर्य लहरी श्लोक ३९ : with interpretation in Hindi & English : Soundaryalahari is an Adi Shankaracharya कृत तंत्रग्रंथ तव स्वातिष्ठाने हुतवहमधिष्ठाय निरतं तमीडे संवर्तं जननी महतीं तां च समयाम्। यदालोके लोकान् दहति महति क्रोधकालिते दयार्द्रा या दृष्टिः शिशिरमुपचारं रचयति॥ “O! Parāśakti! I deeply adore Śiva, who causes the fire of annihilation in Your svātiṣṭhāna chakra. I adore You, the great o...
Soundarya Lahari Shlok 38 _ समुन्मीलत्संवित्कमल मकरन्दैकरसिकं with interpretation in Hindi & English 12.07.2023 12:02
Soundarya Lahari Shlok 38 _ समुन्मीलत्संवित्कमल मकरन्दैकरसिकं with interpretation in Hindi & English
सौंदर्य लहरी श्लोक 37 _ विशुद्धौ ते शुद्धस्फटिकविशदं _ आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ Soundaryalahari 06.07.2023 12:18
सौंदर्य लहरी श्लोक 37 _ विशुद्धौ ते शुद्धस्फटिकविशदं _ आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ Soundaryalahari
सौंदर्य लहरी श्लोक 36 _ तवाज्ञाचक्रस्थं तपनशशिकोटि _ आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ Soundaryalahari से 30.06.2023 12:44
सौंदर्य लहरी श्लोक 36 _ तवाज्ञाचक्रस्थं तपनशशिकोटि _ आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ Soundaryalahari से (with interpretation in Hindi and English)
सौंदर्य लहरी श्लोक 35 _ मनस्त्वं व्योम त्वं मरुदसि मरुत्सारथिरसि _आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से 26.06.2023 11:53
सौंदर्य लहरी श्लोक 35 _ मनस्त्वं व्योम त्वं मरुदसि मरुत्सारथिरसि _आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से
सौंदर्य लहरी श्लोक 34 _ शरीरं त्वं शम्भोः शशिमिहिरवक्षोरुहयुगं _ आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से 19.06.2023 11:38
सौंदर्य लहरी श्लोक 34 _ शरीरं त्वं शम्भोः शशिमिहिरवक्षोरुहयुगं _ आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से
सौंदर्य लहरी श्लोक 33 _ स्मरं योनिं लक्ष्मीं त्रितयमिदमादौ तव मनोः - आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से 11.06.2023 11:09
सौंदर्य लहरी श्लोक 33 _ स्मरं योनिं लक्ष्मीं त्रितयमिदमादौ तव मनोः - आदिशंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से
सौंदर्य लहरी श्लोक 32 _ शिवशक्तिः कामः क्षितिरथ रविश्शीतकिरणः - आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से 05.06.2023 11:50
सौंदर्य लहरी श्लोक 32 _ शिवशक्तिः कामः क्षितिरथ रविश्शीतकिरणः - आदि शंकराचार्य कृत तंत्रग्रंथ से
सौंदर्यलहरी श्लोक 31 _ चतुष्ष्ट्या तन्त्रैः सकलमतिसन्धाय भुवनं _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य 28.05.2023 12:36
सौंदर्यलहरी श्लोक 31 _ चतुष्ष्ट्या तन्त्रैः सकलमतिसन्धाय भुवनं _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य
सौंदर्यलहरी श्लोक 30 _ स्वदेहोद्भूताभिर्घृणिभिरणिमाद्याभिरभितः _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य 24.05.2023 12:45
सौंदर्यलहरी श्लोक 30 _ स्वदेहोद्भूताभिर्घृणिभिरणिमाद्याभिरभितः _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य
सौंदर्यलहरी श्लोक 29 _ किरीटं वैरिञ्चं परिहर पुरः कैटभभिदः _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य 18.05.2023 13:40
सौंदर्यलहरी श्लोक 29 _ किरीटं वैरिञ्चं परिहर पुरः कैटभभिदः _ अर्थसहित नौ बार जाप _ आदिशंकराचार्य
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