Shashi Bhooshan

Hamari Aavaaz हमारी आवाज़

Listening Platform with Shashi Bhooshan: Hamari Aavaaz शशिभूषण के साथ सुनने का साझा मंच: हमारी आवाज़

Auteur

Shashi Bhooshan

Categorie

Education

Nieuwste aflevering

17 feb. 2026

Waar luisteren?

Podcasts in de app Replaio Radio Binnenkort beschikbaar

Podcasts komen binnenkort naar de app. Installeer nu en zie als eerste een compleet nieuwe kijk op podcasts

Download het op Google Play Gratis installeren Android bijna 10 mln downloads · beoordeling 4,8 iOS binnenkort

Afleveringen

Aise Aise : Vishnu Prabhakar 11.08.2021

पॉडकास्ट हिंदी शिक्षण के अंतर्गत केविसं भोपाल संभाग द्वारा प्रस्तुत पाठ विष्णु प्रभाकर की एकांकी ' ऐसे-ऐसे'

Himalaya ki betiyan : Nagarjun 11.08.2021

पॉडकास्ट हिंदी शिक्षण के अंतर्गत केविसं भोपाल संभाग द्वारा प्रस्तुत पाठ नागार्जुन का निबंध 'हिमालय की बेटियां'

Chand se thodi si gappen: Shamsher 11.08.2021

पॉडकास्ट हिंदी शिक्षण के अंतर्गत केविसं भोपाल संभाग द्वारा प्रस्तुत पाठ शमशेर की कविता 'चाँद से थोड़ी सी गप्पें'

Shashi Bhooshan ki kavita Dosti 01.08.2021

साथी किताब सी तुम्हारी दोस्ती.

Vinay Saurabh ki kavita Jildsaaz 01.08.2021

"जैसे मन के दीपक में तेल कम हो रहा था/ और एक रात में हरा जंगल/ जैसे खाली ठूंठ रह गया था उसके जाने की बात सुनकर/ इलाके में पुरानी किताबें न थीं इसलिए सुबंधु वापस जा रहा था।"

Premchand ki kahani Thakur ka kuaan 31.07.2021

"ब्राह्मणदेवता आशीर्वाद देंगे, ठाकुर लाठी मारेंगे, साहूजी एक के पाँच लेंगे । ग़रीबों का दर्द कौन समझता है ! हम मर भी जाते हैं, तो कोई दुआर पर झाँकने नहीं आता, कंधा देना तो बड़ी बात है । ऐसे लोग कुएँ से पानी भरने देंगे ?"

Megha Goswami ki kahani Besudh 21.07.2021

मैं इरफान के लिए रोये जा रही हूँ, पर मैं खान अंकल के यहाँ जाने की हिम्मत नहीं कर पा रही. xxx मैंने अपने यहाँ काम करने वाली दीदी को फ़ोन किया है, वह थोड़ी परेशान है, अब घर में कुछ ही पैसा बचा है, खाना और कोई सुविधा भी नहीं है, पर वह खुश है. उनका परिवार जिंदा है, यही उसकी खुशी है. :कहानी का अंश.

Ambedkar | Koi hindu kyon hai 20.07.2021

"क्या हरेक हिन्दू के सामने यह सवाल नहीं है कि उसके अपने धर्म के बारे में इतनी ऊहापोह क्यों है? इतनी उलझन क्यों है? वह ऐसे मामूली सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पाता; जिनका उत्तर प्रत्येक पारसी, प्रत्येक ईसाई और प्रत्येक मुसलमान के पास है। क्या यह उचित समय नहीं है कि वह आत्मावलोकन करे कि क्या कारण हैं, जिनके फलस्वरूप यह धार्मिक अव्यवस्था बनी हुई है?" - डॉ भीमराव अम्बेडकर

Man jab khana parosti thi: Chandrakant Devtale 17.07.2021

"अब खाने की वैसी राहत और बेचैनी दोनों ही ग़ायब हो गयी हैं/ अब सब अपनी अपनी ज़िम्मेदारी से खाते हैं/ और दूसरे के खाने के बारे में एकदम निश्चिंत रहते हैं।" चंद्रकांत देवताले

Mai tum logon se dur hun: Muktibodh 16.07.2021

"मैं कनफटा हूँ हेठा हूँ/ शेव्रलेट-डॉज के नीचे मैं लेटा हूँ/ तेलिया लिबास में पुरज़े सुधारता हूँ/ तुम्हारी आज्ञाएँ ढोता हूँ।"

Tum Kaun Kyon Bole : Shashi Bhooshan 10.07.2021

परिपक्वता के साथ ही सरलता आती है. शशिभूषण की इस कविता में अभिव्यक्ति सम्भार(Rhetoric) एवं दृष्टि(Vison) हैं: किसलय जड़िया, आवाज़ एवं शब्द.

अनामिका की कविता पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा 18.06.2021

ज़्यादा बूढ़ी औरतें दौड़ भी नहीं पातीं भगदड़ में ! माँ, तुम बूढ़ी मत हो जाना कभी !

'तुम्हें खोजने का खेल खेलते हुए' किताब से दो अंश 17.06.2021

तुम्हें खोजने का खेल खेलते हुए(विष्णु खरे की कविताओं के बारे में कुछ बातें) प्रसिद्ध कवि-लेखक और रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल की नयी किताब है। यह वाणी प्रकाशन, नयी दिल्ली से प्रकाशित है।

वापसी : विनीत तिवारी 17.06.2021

"वापस हूँ कि जीवन की बुलंदी में शामिल रहे मेरी भी आवाज़।"

Vishnu Khare ki kavita Hamari Patniyan 04.06.2021

"हमारी पत्नियों की ज़िंदगी/सिर्फ़ उस दिन से शुरू होती है/जब हमने उन्हें पहली बार देखा था।"

Vishnu Khare ki kavita Svikaar 04.06.2021

"आप जो सोच रहे हैं वही सही है/मैं जो सोचना चाहता हूँ वह ग़लत है।"

Vishnu Khare ki kavita Usi Tarah 03.06.2021

"मैं अकेली औरतों और अकेले बच्चों को ज़मीन पर बैठे खाना खाते नहीं देख सकता।"

Vishnu Khare ki kavita Kookar 03.06.2021

"मैं सिर्फ़ आगाह कर देना चाहता हूँ कि मुझसे दूर रहा जाए।"

Vishnu Khare ki kavita Ek Kam 03.06.2021

"कम से कम एक आदमी से तो निश्चिंत रह सकते हो।"

Anamika ki kavita Kashmeeriyat 03.06.2021

"इतिहास की गाँठें भी निकलेंगी, बेटी ऐसे ही धीरज से ईमान से! अखरोट की खेती है लेकिन ईमानदारी इसके फल जल्दी नहीं लगते।"

Rashmirathee Pratham Sarg 22.05.2021

"मैं क्या जानूँ जाति ? शरमाते हैं नहीं जगत में जाति पूछने वाले।" - कर्ण

'उपसंहार' उपन्यास मनुष्यता के लिए जन-उभार का आह्वान है 19.05.2021

भारत में गीता सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ क्यों माना गया ? माना जाता है ? क्योंकि इसके केंद्र में धर्म है, धर्म युद्ध है और यह किताब हिंदुत्व को जँचती है। वरना, कोई पढ़ने पर आएगा तो ख़ुद जान जाएगा भारत में गीता से श्रेष्ठ ग्रन्थ धम्मपद है। इसके केंद्र में मनुष्यता है, करुणा और शांति है। कहना ही होगा और कुछ अर्थों में दोहराना कि गीता वास्तव में धम्मपद की ही काट है। भारत में राक्षस कोई और नहीं स्वर्ग, ईश्वर और...

भगत सिंह अपना अंतिम समय कैसे बिता रहे थे ? 23.03.2021

"मैंने महसूस किया है कि अगर आप भगत सिंह के प्रेम में पड़ गए तो उतना प्रेम किसी को नहीं कर पायेंगे। भगत सिंह प्रेम पाने और बलिदान देने के अंतिम उदाहरण सरीखे हैं। वे ईमान और देशप्रेम के युवा शिखर हैं। शहीद भगत सिंह शहीदों में भी महान हैं।" -शशिभूषण

अनामिका की कविता मौसियाँ 19.03.2021

मौसियाँ, अनामिका जी की एक ऐसी कविता है जिसे सुनकर नेह-छोह और स्मृतियों का छूट गया घर संसार आंखों के सामने आ जाता है। भीतर तरलता उतर आती है। यह कविता इतनी सादी है कि मन मोह लेती है। इस कविता में जितना छूट गया है उससे कई गुना समा आया है। अक्सर लगता है यह छूट जाना हमारे अपने मन से भरने के लिए है। क्योंकि कविता अनामिका जी की है लेकिन मौसियाँ हम सबकी हैं। ऐसी कविताएँ ही हमें अनुभूतियों से धनी बनाती हैं...

घर : ख़लील जिब्रान 16.03.2021

"उन मक़बरों में मत रहो जो मुर्दों ने जीवितों के लिये बनाये हैं।" - ख़लील जिब्रान

Luister naar de podcast Hamari Aavaaz हमारी आवाज़ in Replaio

Radio en podcasts in één app - gratis en zonder account. Installeer vandaag nog en mis de lancering niet

Download het op Google Play

Replaio is geen uitgever van podcasts; namen van shows, covers en audio zijn eigendom van hun makers en worden verspreid via openbare RSS-feeds