Kiran Chavda

Chanakya Niti

Chanakya's wise words on how to live life to its full potential.

Forfatter

Kiran Chavda

Kategori

Society

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11. feb 2026

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Episoder

भाव अच्छे हों, कर्म अच्छे हो मगर वाणी खराब हो तो संबंध कभी नहीं टिकते। 20.02.2022

असल जिंदगी में कई बार ऐसा होता है कि मनुष्य किसी से भी बात करते वक्त अपनी वाणी का ध्यान नहीं रखता।

आपके पास सुशील और प्रेम करने वाली पत्नी है तो आप संसार के भाग्यशाली लोगों में से एक है I 17.02.2022

धन के अलावा और भी ऐसी चीजें हैं जो अगर किसी व्यक्ति को मिल जाएं तो उसे खुद को किस्मत वाला मानना चाहिए I 

सफलता कोई रहस्य नहीं है। यह केवल कुछ बनियादी उसूलो का लगातार अमल में लाने का नतीजा होती है। 13.02.2022

असफलता और कुछ नहीं, बल्कि कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का नतीजा होती है।

गुस्से में किया गया दुर्रव्यवहार चीजों को फिर से सामान्य नहीं होने देता I 09.02.2022

क्रोध किसी भी रिश्ते को इस कदर कमजोर बना सकता है कि उसके बचने के आसार बहुत कम हो जाते हैं I दांपत्य जीवन में पति या पत्नी को अपने क्रोध पर सदैव काबू रखना चाहिए I

आचार्य चाणक्य कहते है कि यदि शत्रु को हराने के लिए जो लड़ने से डरते हैं उन्हें हार का सामना करना पड़ता है। 06.02.2022

संकट के समय ही मनुष्य के कौशल, क्षमता और प्रतिभा की परीक्षा होती है। दुश्मन को कभी कम मत समझो और कोई गलती मत करो।

शिक्षा और ज्ञान के मामले में हमेशा असंतुष्ट रहने की जरूरत है I 03.02.2022

चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कुछ विशेष परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया है कि जीवन में संतुष्टि और असं​तुष्टि दोनों ही रहना बहुत जरूरी है I 

हे विद्वान् पुरुष ! अपनी संपत्ति केवल पात्र को ही दे और दूसरो को कभी ना दे I 30.01.2022

इस सुत्र के जरिए आचार्य चाणक्य ने  बताया है कि आप किसको धन से मदद कर सकते हैं और किस इंसान को धन देने से उस धन का नुकसान आपको उठाना पड़ सकता है I

पति-पत्नी का रिश्ता प्रेम का होता है I दोनों को जीवन की हर परिस्थिति में एक दूसरे का पूरा साथ निभाना चाहिए I 27.01.2022

अगर आपका जीवनसाथी हमेशा गुस्से में रहता है, सही व्यवहार नहीं करता, तो  ऐसा जीवनसाथी परिवार में हमेशा अलगाव, दुख और क्लेश की वजह बन जाता है I

आज के समय की सबसे बड़ी शक्ति ज्ञान ही है। ज्ञान जितना देखने में छोटा, उतनी ही व्यापकता लिए हुए है। PART - II 24.01.2022

हम ज्ञान के उपहार का सबसे अच्छा उपयोग करें ताकि हम अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महान पराक्रम और ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकें।

जिस व्यक्ति के पास विद्या नहीं होती है। वह कभी भी सही निर्णय नहीं ले सकता हैं और न ही किसी को कोई सलाह दे सकता है। PART - I 20.01.2022

विद्या एक ऐसा धन है जिसे चोर चुरा नहीं सकते, राजा छीन नहीं सकता, और यह व्यय करने पर बढ़ती है।

आचार्य चाणक्य ने अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए कुछ गुणों को विकसित करने की बात कही है I 17.01.2022

आमतौर पर इंसान की प्रवृत्ति होती है कि उसका ध्यान नकारात्मक चीजों की ओर जाता है I

आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में एक श्लोक के जरिए इन 4 स्थानों से भाग जाने की सलाह दी है I 13.01.2022

आमतौर पर विपरीत परिस्थितियों का साहस के साथ सामना करने वाले को साहसी कहते हैं। लेकिन कुछ ऐसी भी परिस्थितियां होती हैं जिनके बीच फंसने पर वहां से बाहर निकलना जरूरी होता है।

हमारे जीवन में अगर कोई संकट आने वाला होता है तो वह किसी न किसी तरह से संकेत देने लगता है। 10.01.2022

आचार्य चाणक्य ने आर्थिक संकट को लेकर कुछ संकेत दिए हैं। जिन्हें अगर आप समय रहते जान लें तो खुद को कंगाल होने से बचा सकते हैं।

चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को आदर सम्मान तभी प्राप्त होता है जब वो श्रेष्ठ कार्यों को करता है I 06.01.2022

जो व्यक्ति बुराई करता है और दूसरों की बुराई को सुनने में रूचि रखता है,ऐसा व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता है I

शब्दों की मार सबसे गहरी चोट पहुंचाती है, इसलिए अपनी पत्नी और बच्चों के सामने शब्दों का चुनाव बेहद ही सोच-समझकर करना चाहिए। 02.01.2022

कभी भी अपनी पत्नी के सामने ऐसी बातें ना करें, जो उसके दिल को ठेस पहुंचाए। क्योंकि पत्नी के सामने दिल को चुभने वाली बातों करने से उसके आत्मविश्वास में कमी आती है I

आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में रिश्तों के महत्व को बताने के साथ उनके व्यवहार और चरित्र से जुड़ी बातों का भी जिक्र किया है I 30.12.2021

जब ​पति-पत्नी दोनों को अपने रिश्ते और कर्तव्य का आभास हो तभी वह रिश्ता प्रेमपूर्वक चल सकता है I 

दान धरम क्या है? क्या समाज बिना दान के भी चल सकता है? PART-V 27.12.2021

दान अर्थात् केवल देना होता है। यदि लेना-देना हुआ तो व्यापार हो जायेगा, फिर वह दान नहीं होगा।

समस्या छोटी हो या बड़ी यह जीवन को प्रभावित करती है और इससे निपटने के लिए बुद्धिमत्ता बहुत ही आवश्यक है। PART- IV 22.12.2021

एक बुद्धिमान व्यक्ति बदलाव से नहीं डरता। एक बुद्धिमान व्यक्ति सुधार करने और सही करने की हमेशा कोशिश करता है I

लज्जा का संबंध दूसरों की धारणा से है I PART - III 20.12.2021

लज्जा और ग्लानि से हम मनुष्य बने रहते हैं और मनुष्य की लोकबद्धता में जब कमी आती है तब लज्जा और ग्लानि भी नहीं रहती है I

भय जो सबल को निर्बल, क्रोधी को शांत, दुर्व्यसनी को साधु, निर्दयी से सदयी बना देता है। PART - II 16.12.2021

यह सत्य है कि जब मनुष्य में किसी प्रश्न को लेकर भय का संचार होता है तभी उसमें दूसरों से प्रेम करने की इच्छा जागृत होती है।

व्यक्ति को रहने और कार्य करने के लिए किन स्थानों का चयन नहीं करना चाहिए I PART - I 16.12.2021

रोटी,कपड़ा और मकान मनुष्य की सबसे बड़ी जरूरत है लेकिन वह भी हम बिना रोजगार के हासिल नहीं कर सकते।

वो बातें जिसका पालन करने से कार्यक्षेत्र में हमेशा आपका मान-सम्मान बना रहता है और आप सफल होते है। 09.12.2021

सफल लोग भी आम लोगों की तरह साधारण इंसान होते हैं। वे ऐसे इंसान होते हैं, जिन्हें अपने आप पर विश्वास होता है, अपनी क्षमताओं में विश्वास होता है और जो मानते हैं कि वे सफल हो सकते हैं।

भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें।आपदा काल के लिए धन की रक्षा करें। 06.12.2021

आचार्य चाणक्य कह्ते है कि विपत्ति किसी भी मनुष्य पर आ सकती है इसलिए व्यक्ति को बुरे दिनों का सामना करने के लिए धन का संचय करना चाहिए I विपत्ति के समय़ व्यक्ति की सूझबूझ ही महत्वपूर्ण होती है I आपकी सूझबूझ से ही उस कठिन समय का उचित सामना किया जा सकता है I

सुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलु हैं, जो समय समय पर अपनी दस्तक देते हैं I 02.12.2021

आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में कहा है ‘दुनिया में ऐसा किसका घर है, जिस पर कोई कलंक नहीं, वो कौन है, जो रोग और दुख से मुक्त है,सदा सुख किसके पास रहता है?

किसी भी मूर्ख शिष्य या विद्यार्थी को शिक्षा देने का कोई लाभ नहीं है। मूर्ख शिष्य को कितना ही समझाया जाए लेकिन शिक्षक को अंत में दुख ही प्राप्त होता है। 28.11.2021

एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है यदि वह किसी मुर्ख को उपदेश देता है, यदि वह एक दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अतयंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता हैI

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