Aaj Tak Radio

Padhaku Nitin

History HI ↓ 294 episodi

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी क...

Visita il sito del podcast e sostieni chi lo crea: www.aajtak.in

Autore

Aaj Tak Radio

Categoria

History

Sito del podcast

www.aajtak.in

Ultimo episodio

9 lug 2026

Dove ascoltare?

I podcast nell'app Replaio Radio In arrivo

I podcast stanno per arrivare nell'app. Installala ora e scopri per primo un modo tutto nuovo di vivere i podcast

Scaricala su Google Play Installala gratis Android quasi 10 mln di download · valutazione 4,8 iOS in arrivo

Episodi

दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी जगदीशचंद्र बोस को नोबेल क्यों नहीं मिला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 94 04.05.2023

साइंस बहुत लोगों को बोर लगता है मगर हम चारों तरफ साइंस से घिरे हैं. इसके बावजूद साइंटिस्ट हमारे हीरो नहीं हैं!! जगदीशचंद्र बोस भारत में आधुनिक विज्ञान के जनक माने जाते हैं लेकिन खुद से पूछिए कि आप उनके काम को कितना जानते हैं या आप उन्हें कितना जानते हैं??? बेहद दिलचस्प जीवन जीकर और दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी बोस पॉपुलर कल्चर का हिस्सा नहीं हो सके. ये जितना दुखद है उतना ही विचारणीय भी. आज के प...

इंटरनेट के ठगों से ज़्यादा स्मार्ट बनने के टिप्स: पढ़ाकू नितिन, Ep 93 27.04.2023

किसी को इंटरनेट की लॉटरी पाने के चक्कर में जेल जाना पड़ा तो किसी को इंटरनेट की दोस्ती में ज़िंदगी भर का पैसा गंवाना पड़ा. अब इंटरनेट का इस्तेमाल तो छोड़ नहीं सकते, फिर साइबर फ्रॉड्स से बचने का उपाय क्या है? सारे उपाय 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिए उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार और लेखक ओपी मनोचा से.

दाऊद क्यों मानता था यूपी के माफियाओं को खुद से खूंखार?: पढ़ाकू नितिन, Ep 92 20.04.2023

अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, ब्रजेश सिंह जैसे नाम यूपी माफियाओं की लिस्ट में अव्वल हैं. इनके नाम से सूबे की सियासत और अपराध दोनों दहल रहे हैं आजतक में क्राइम के हेड अरविंद ओझा ने करीब दो दशकों तक अंडरवर्ल्ड और माफिया को कवर किया है. उन्हीं से इस पॉडकास्ट में सुनेंगे यूपी माफिया की ऐसी करतूतें जिन्हें देखकर दाऊद इब्राहीम ने भी मान लिया था कि यूपी के माफिया उससे भी खूंखार हैं. Disclaimer: इस पॉडकास्ट...

अंग्रेज़ों को एक विदेशी राजकुमारी ने सिक्किम में कैसे उलझाए रखा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 91 13.04.2023

भारत के इतिहास में राजा ही नहीं रानियों का भी बड़ा रोल है. प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी. उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी. इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.

झांसी की रानी के किस सवाल का जवाब नहीं दे सके थे अंग्रेज़? :पढ़ाकू नितिन, Ep 90 06.04.2023

राजाओं के इतिहास में रानियों का भी बड़ा रोल है। प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी। उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी। इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.  नोट - पॉडकास्ट में व्यक्त किये गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं. 

'खालिस्तान' ने पंजाबी पॉलिटिक्स को कैसे बदल दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 89 30.03.2023

'खालिस्तान' ने पंजाब की पॉलिटिक्स को लंबे समय तक नचाया है. भिंडरावाले से पहले और बाद में खूब रंग बदले गए. आज की सियासत के कई चेहरों का इस मूवमेंट में गहरा रोल रहा. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए हैं. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

अमृतपाल बस मोहरा है, खालिस्तान का खेल ऐसे शुरू हुआ था: पढ़ाकू नितिन, Ep 88 23.03.2023

'खालिस्तान' आजकल खूब ट्रेंड में है, लेकिन ये शब्द आजकल का नहीं है और ना ही ये मूवमेंट. इसके बीज सौ साल से भी पहले पड़े थे और सच ये है कि खालिस्तान के मायने वक्त गुज़रने के साथ बदलते रहे. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए.

सदियों से भिड़ते मुस्लिम देशों की सुलह कराके चीन को क्या मिलेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 87 16.03.2023

सऊदी अरब और ईरान की फ्रेंडशिप डील ने दुनिया को चौंका दिया है. इसमें चीन का जो रोल रहा वो तो और भी धमाकेदार है. सदियों से लड़ते इन देशों को दोस्ती की टेबल पर लाना आसान काम नहीं था. इन देशों की रंजिश समझने वाले ये बखूबी जानते हैं. इस बहुत कुछ बदल डालने वाली डील के ढेरों मायने हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे ने समझाया 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में.

बिना डिग्री का देसी जीनियस जिसे विदेशियों ने “दूसरा न्यूटन” कहा : पढ़ाकू नितिन, Ep 86 09.03.2023

हिंदुस्तान ने दुनिया को बहुत हीरे दिए। फिर हम ही उनको भूल गए। इस बार पढ़ाकू नितिन में बात ऐसे जीनियस की जिसे हमने नहीं पहचाना लेकिन पश्चिम के दिग्गजों ने गले लगाया। छोटी सी उम्र में कारनामे करके वो चला गया। डॉ मेहेर वान ने उनकी जीवनी लिखी है। सुनिए उस रहस्यमयी “दूसरे न्यूटन” की कहानी। Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

मौलाना आज़ाद से जिन्ना चिढ़ते क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 85 02.03.2023

देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना आज़ाद की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही आसानी से हमने वो भुला दी. उनका परिवार अफ़ग़ानिस्तान से दिल्ली आया था और फिर मक्का चला गया था, जहां आज़ाद पैदा हुए. वो फिर भारत लौटे. यहां पढ़े, क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े, जेल गए, कांग्रेस को संभाला, जिन्ना से लड़े, अपनों से हारे और आखिरकार उस देश के पहले शिक्षामंत्री बने जिसे अखंड बनाए रखने के लिए वो बहुत जूझे. उन्हीं मौ...

तुर्किये की इस्लामिक दुनिया में क्या जगह है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 84 23.02.2023

तुर्किये जबरन लोगों को सेक्युलर और राष्ट्रवादी क्यों बनाना चाहता है, सरकारी दफ्तरों में कोट-पैंट क्यों ज़रूरी है, आया सोफिया को म्यूज़ियम से मस्जिद क्यों बना दिया गया, इन सारे सवालों के जवाब आपको पढ़ाकू नितिन के इस पॉडकास्ट में मिलेंगे, अंकारा में पढ़ानेवाले ओमैर अनस ने तफ्सील से तुर्की के खाने, सिनेमा और लोगों के बारे में बताया. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं

मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था ऑटोमन बादशाह?: पढ़ाकू नितिन, Ep 83 16.02.2023

दुनिया का सबसे प्रभावशाली साम्राज्य मुगल राजकुमारियों से क्यों घबराया था, गोवा तक तुर्की सेना ने क्यों धावा बोला था, चर्चित यात्री अलबरूनी एक मंदिर में हिंदू बनकर क्यों रहे.. इन सब सवालों के जवाब तुर्की पर हुए इस दिलचस्प पॉडकास्ट में हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हैं अंकारा की अंकारा यिलद्रिम बियाज़िद यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल अफेयर्स पढ़ानेवाले ओमैर अनस. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त...

ये पुलिस सुधरती क्यों नहीं है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 82 09.02.2023

पुलिस सिस्टम में सुधार की बात बहुत होती है लेकिन हो क्यों नहीं रहा? 'पढ़ाकू नितिन' में आज के मेहमान पद्मश्री प्रकाश सिंह ने तो इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ी मगर सरकारें खेल कर गईं. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर संग उनके साढ़े तीन दशक के तजुर्बे सुनिए और सोचिए कि पुलिस सुधरेगी कब और उसे सुधरने कौन नहीं दे रहा? Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

सूफ़ी कौन हैं, कहां से आए, सबसे अलग कैसे हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 81 02.02.2023

सूफ़ियों को भले हम जानते ना हों लेकिन अपनी अपनी समझ से पहचानते ज़रूर हैं. कव्वाली, सूफ़िया कलाम, दरगाहें हमेशा हमारे चारों तरफ ही रहे लेकिन अभी भी सूफीज़्म को लेकर हमारी समझ कच्ची है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में हमने बात की प्रो सैयद ज़हीर हुसैन जाफ़री से जिन्होंने चार दशकों तक इतिहास पढ़ाया और फिलहाल रायबरेली में एक चार सौ साल पुरानी खानकाह का रख रखाव संभाल रहे हैं.

ब्रिटिश राज को बचाए रखने वाले हिंदुस्तानी सिपाहियों को अंग्रेजों ने कैसे धोखा दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 80 26.01.2023

हिंदुस्तान और दुनियाभर में अंग्रेज़ी हुकूमत के लिए खून बहाने वाले ज़्यादातर सिपाही हिंदुस्तानी थे. अंग्रेजों ने उनकी फ़ौज कैसे तैयार की और कैसे उन्हें लगातार बरगलाते रहे? इस पॉडकास्ट में रविंद्र राठी ने नितिन ठाकुर को आज़ादी की लड़ाई के कई नए और दिलचस्प पहलू सुनाए. रविंद्र के नाना ने अंग्रेज़ी सेना में कई साल गुज़ारे और अखिरकार अपने अफसर से लड़कर गांव लौट आए.

उस दिन दाऊद को ठिकाने लगा देते डोभाल, लेकिन... Feat. शम्स ताहिर खान: पढ़ाकू नितिन, Ep 79 19.01.2023

दाऊद इब्राहिम से आमना-सामना करना भारतीय खुफिया एजेंसियों से लेकर हर क्राइम रिपोर्टर का सपना रहा है. खास कर पिछले 30 सालों से हर भारतीय ने चाहा है कि डॉन को पाकिस्तान से लाकर भारत की जेल में डाला जाए. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में क्राइम रिपोर्टिंग की सबसे मशहूर आवाज़ शम्स ताहिर खान से सुनिए कि डी कंपनी का मालिक कहां है, किस हाल में है, क्या कर रहा है, साथ ही वो किस्सा भी जब अजीत डोभाल उसका खात्मा करने...

RAW के चीफ रहे दुलत की कौन सी चाहत पूरी नहीं हुई?: पढ़ाकू नितिन, Ep 78 12.01.2023

देश की सबसे बड़ी ख़ुफ़िया एजेंसी कई साल चलानेवाले ए एस दुलत ने दुनिया घूमी है और दिग्गजों को करीब से देखा है. उनके पास बताने को क़िस्सों का ज़खीरा है और छिपाने के लिए बेशुमार बातें. इस पॉडकास्ट में दुलत ने अपने जीवन के करीब करीब हर पहलू को छुआ. सुनकर देखिए, मज़ा आएगा.

भारत के प्राचीन मंदिर अपने इतिहास के बारे में क्या कहते हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 77 05.01.2023

देश का सबसे पुराना मंदिर कहां है, मंदिर में गुंबद कैसे आ गए, पुरानी इमारतों को कैसे बचाया जाता है और हमारे आसपास ऐतिहासिक जगहें कौन सी हैं जिनको हमने इग्नोर कर रखा है.. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में कंज़र्वेशन आर्किटेक्ट सुशांत भारती का आना हुआ है। उन्होंने हिस्ट्री की कई खिड़कियां खोलीं. आइए, ज़रा झांकिए. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

नेपाल हिंदू राष्ट्र कैसे बना और राजशाही का खात्मा क्यों हुआ?: पढ़ाकू नितिन, Ep 76 29.12.2022

नेपाल हमारा पड़ोसी है लेकिन हम उसके बारे में फिर भी कम जानते हैं. हम नहीं जानते कि वो कैसे हिंदू राष्ट्र बना था, कैसे वहां माओवादी संघर्ष हुआ, प्रचंड की पॉलिटिक्स क्या है, राजशाही का कैसा असर रहा है और चीन-भारत के बीच नेपाल किसे चुनेगा? यही सब जानने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी जमी है अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ प्रो एस डी मुनि से जिनका मिलना जुलना दशकों तक नेपाली रा...

इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा और कल्कि के बारे में ऐसा ज्ञान पहले नहीं मिला होगा: पढ़ाकू नितिन, Ep 75 22.12.2022

पौराणिक आख्यानों में कई पात्रों का नाम आपने खूब सुना होगा लेकिन ज़रूरी नहीं कि आप उनके बारे में जानते ही हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में आशुतोष गर्ग जमे हैं जिन्होंने इंद्र, कुबेर, अश्वत्थामा, कल्कि पर किताबें लिखीं. इस पॉडकास्ट में इन चार दिलचस्प पात्रों को करीब से जानिए समझिए.

सेक्स पावर बढ़ाने वाली 'कीड़ाजड़ी' कैसे पहाड़ में पैसा और बर्बादी ला रही है: पढ़ाकू नितिन, Ep 74 15.12.2022

उत्तराखंड की पिंडर घाटी जितनी दूर है उतनी ही रहस्यमयी और रोमांचक. अनिल यादव कमाल के घुमक्कड़ हैं. उन्होंने पूरा देश नापा है और इस बार बारी सोने से महंगी बिकने वाली 'कीड़ाजड़ी' के गढ़ पिंडर की थी. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में आपको कमाल की कहानियां मिलेंगी और उस देस की झलक भी जहां आप अब तक नहीं पहुंचे होंगे.

नेहरू और जिन्ना का टकराव क्यों होता था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 73 08.12.2022

नेहरू अपने दौर के ऐसे नेता थे जो टकरावों को निमंत्रण देते थे. यही वजह है कि उनके दौर के सियासतदानों और बुद्धिजीवियों ने उनसे जमकर बौद्धिक विमर्श किया. इनमें इक़बाल, जिन्ना, पटेल, मुखर्जी भी शामिल थे. इस बार पढ़ाकू नितिन में मेहमान के तौर पर शामिल हुए हैं इतिहास के दो छात्र जिन्होंने इन सभी ऐतिहासिक पात्रों को एक किताब में संजोया है, त्रिपुरदमन सिंह और अदील हुसैन. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त...

Che Guevara के भारत दौरे की ख़बर किसने दबाई थी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 72 01.12.2022

चे गेवारा को कौन नहीं जानता? कोई नहीं भी जानता तो पहचानता ज़रूर है. इस क्रांतिकारी की फोटो पिछले 60 दशकों किसी के लिए अनजान नहीं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया भर में मशहूर दक्षिण अमेरिका के इस क्रांतिकारी ने भारत का दौरा भी किया था. कई दिनों तक वो कई शहरों में गया. ढेरों मंत्रियों से मिला. प्रधानमंत्री नेहरू का मेहमान रहा. बाद के दिनों में चे के इस दौरे पर कुछ पढ़ने-जानने को नहीं मिलता लेकिन...

ज़माने भर की लड़ाइयां हरियाणा में क्यों होती थीं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 71 24.11.2022

हरियाणा की पहचान सिर्फ खाप नहीं, ना ही चंद खिलाड़ी हैं. इस स्टेट का अपना दिलचस्प इतिहास और संघर्ष है. इसने बहुत कुछ पाया और बहुत कुछ खोया. दिल्ली और पंजाब का ये पड़ोसी हमेशा जंग का मैदान क्यों बना रहा या जाटों का पर्याय कैसे बन गया, 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में सुनिए. मेहमान हैं लेखक अर्जुन सिंह कादियान. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

दुनिया का अंत 'राष्ट्रवाद' के हाथों होने जा रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 70 17.11.2022

“जैसी है वैसी बचा लो ये दुनिया” वाली लाइन सच तो है लेकिन क्या हम दुनिया बचा सकेंगे? या क्या हम इस योग्य हैं कि दुनिया को बचा सकें? और हम दुनिया को आखिर बचा किससे रहे हैं? सवालों की भूल भुलैया है और सामने बदलता क्लाइमेट है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में लेखक और पर्यावरण पर खूब काम करनेवाले सोपान जोशी से बात हुई है. सुनकर देखिए, कुछ तृप्त और कुछ आक्लांत महसूस करेंगे. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्...

Ascolta il podcast Padhaku Nitin su Replaio

Radio e podcast in un'unica app - gratis e senza registrazione. Installala oggi e non perderti il lancio

Scaricala su Google Play

Replaio non è un editore di podcast; i nomi dei programmi, le copertine e l'audio appartengono ai rispettivi autori e vengono distribuiti tramite feed RSS pubblici