Shashi Bhooshan

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Shashi Bhooshan

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2026. febr. 17.

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Epizódok

Rekha Chamoli ki do kavitaen 24.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के सत्रहवें दिन रेखा चमोली की दो कविताएं, "डरे हुए लोग" और "एक मां के होते"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Jyoti Chawla ki do kavitaen 23.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के सोलहवें दिन ज्योति चावला की दो कविताएं, "बेटी की गुल्लक" और "बहुरूपिया आ रहा है"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Anuradha Singh ki do kavitaen 21.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के पंद्रहवें दिन अनुराधा सिंह की दो कविताएं, "पाताल से प्रार्थना" और "सपने हथियार नहीं देते"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Nirmala Putul ki do kavitaen 20.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के चौदहवें दिन निर्मला पुतुल की दो कविताएं, "मेरा सब कुछ अप्रिय है उनकी नज़र में" और "उतनी दूर मत ब्याहना बाबा!" पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Shahnaz Imrani ki do kavitaen 19.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के तेरहवें दिन शहनाज़ इमरानी की दो कविताएं, "ख़ुदाओं की इस जंग में" और "चले गए पिता के लिए"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Vazda Khan ki do kavitaen 18.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के बारहवें दिन वाज़दा ख़ान की दो कविताएं, "हम लड़कियां" और "हिस्सा"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Nazish Ansari ki do kavitaen 18.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के ग्यारहवें दिन नाज़िश अंसारी की दो कविताएं, "हलफ़नामा" और "मेरा गला दबा दो मां"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Upasna Jha ki do kavitaen 17.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के दसवें दिन उपासना झा की दो कविताएं, "ग्यारह बरस की मां" और "रोना"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Babusha Kohli ki do kavitaen 15.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के नौवें दिन बाबुषा कोहली की दो कविताएं। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Rashmi Bharadwaj ki do kavitaen 15.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के आठवें दिन रश्मि भारद्वाज की दो कविताएं, "इन ए पेपर वर्ल्ड" और "भय"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Pallavi Trivedi ki do kavitaen 14.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के सातवें दिन पल्लवी त्रिवेदी की दो कविताएं, "गर्ल्स स्कूल की लड़कियां" और "अगर कभी आओ लौटकर"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Jasinta Keriketta ki do kavitaen 13.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के छठवें दिन जसिंता केरिकेट्टा की दो कविताएं, "बच्चे अपने पिता को माफ़ न कर सके" और "जो तुम्हारा है वह स्टेशन पर खड़ा है"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Anupam Singh ki do kavitaen 12.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के पांचवे दिन अनुपम सिंह की दो कविताएं, "हमारा इतिहास" और "हाँ, शर्तों पर टिका है मेरा प्रेम"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण

Neha Naruka ki do kavitaen 10.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के चौथे दिन नेहा नरूका की दो कविताएं, "आख़िरी रोटी" और "गुलाम"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Archana Lark ki do kavitaen 09.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के तीसरे दिन अर्चना लार्क की दो कविताएं, "बेटी का कमरा" और "स्त्री की आवाज़"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Shubham Shree ki do kavitaen 09.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के दूसरे दिन शुभम श्री की दो कविताएं, "ब्लैकबोर्ड पर सवाल टंगा है" और "कविताएँ चंद नंबरों की मोहताज हैं, भावनाओं की नहीं"। पाठ एवं चयन: शशिभूषण।

Katyaayni ki do kavitaen 07.03.2022

दो कविताएँ रोज़: पच्चीस युवा स्त्री कवि। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के उपलक्ष्य में कात्यायनी, अनामिका और पच्चीस हिंदी युवा स्त्री कवि के अंतर्गत "दो कविताएँ रोज़" श्रृंखला के पहले दिन कात्यायनी की दो कविताएँ, "सफल नागरिक" और "तमाम-तमाम चाहतों का एक अधूरा-असमाप्त गीत"।

Tum aansuon ka swad bhool chuke ho 05.03.2022

जाने-माने कवि-लेखक कुमार अंबुज द्वारा लिखित "तुम आंसुओं का स्वाद भूल चुके हो तुम्हें याद है सिर्फ़ खून का स्वाद" काव्य-नाट्य लेख अमेरिकी निर्देशक जोएल कोएन की फ़िल्म "द ट्रैजिडी ऑफ़ मैकबेथ" पर आधारित है। "मैकबेथ" महान नाटककार शेक्सपियर की कालजयी कृति है। कुमार अंबुज का यह काव्य-नाट्य लेख आज के तानाशाहों द्वारा निर्मित आसन्न तृतीय विश्वयुद्ध और देशों के भीतर उत्पन्न गृहयुद्ध की परिस्थितियों में नृश...

Prem Ka Pratyarpan 21.02.2022

"प्रेम एक जुमला हो गया था जो किसी समादृत ग्रंथ के साररूप में किसी आलोचक ने उछाला हो" : रामकुमार सिंह

Kadee Sazaa|Rasul Hamzatova 17.02.2022

"मेरे बेटे, मैंने तुम्हारे झूठ के लिए ही तुम्हारी पिटाई की। झूठ- यह भूल नहीं, संयोग से होने वाली बात नहीं, यह हमारे चरित्र का एक लक्षण है, जो जड़ जमा सकता है। यह तुम्हारी आत्मा के खेत में भयानक जंगली घास है। अगर उसे वक्त पर न उखाड़ फेंका जाए, तो वह सारे खेत में फैल जाएगी और अच्छे बीज के फूट निकलने की कहीं भी जगह नहीं बचेगी। झूठ से ज़्यादा ख़तरनाक और कोई चीज़ इस दुनिया में नहीं है। इससे पिंड छुड़ान...

Akele kavi ka qissa 15.02.2022

अकेले कवि का क़िस्सा। पुस्तक अंश: मेरा दागिस्तान। लेखक: रसूल हमज़ातोव।

Uday Prakash ki kavita Mujhe pyar chahiye 14.02.2022

"मुझे प्यार चाहिए" उदय प्रकाश की एक बेधक कविता है। यह कविता इंसानी और नागरिक मांगों का काव्य स्वर ही है। कविता प्रेम की चाह से आरंभ होकर राज्य में दमन के ख़िलाफ़ अभिव्यक्ति और मानवीय आज़ादी की प्रार्थना बन जाती है। 2019 में वाणी प्रकाशन, नयी दिल्ली से प्रकाशित कविता संग्रह "अंबर में अबाबील" से साभार!

Uday Prakash ki kavita Unka unke paas 14.02.2022

"उनका उनके पास" उदय प्रकाश की प्रतिनिधि कविताओं में से है। यह कविता हिन्दी की श्रेष्ठतम प्रेम कविताओं में गिनी जानी चाहिए। कविता का प्रेम धरा से प्रेम ही है जो मनुष्य के रूप में हमें करुणा से भरता है। 2019 में वाणी प्रकाशन, नयी दिल्ली से प्रकाशित कविता संग्रह "अंबर में अबाबील" से साभार!

Vishnu Khare ki kavita Antatah 10.02.2022

विष्णु खरे की बेधक कविता "अंततः" सत्ता और शासक के प्रति लोक कर्तव्य का संकल्प-पत्र ही है।

Gayab sir ka kissa 07.02.2022

गायब सिर का क़िस्सा। लेखक -रसूल हमजा़तोव। किताब - मेरा दागिस्तान।

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