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Épisodes
कातिल(मुंशीप्रेमचंद) 17.09.2021 28:21
ये कहानी देश भक्तों को समर्पित है।इस कहानी के माध्य्म से लेखक हर देश भक्तो की माँ की व्यथा को दिखाया है।
मंदिर और मस्जिद(मुंशीप्रेमचंद) 16.09.2021 25:33
ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो है तो मुसलमान पर करता गंगा स्नान है । है।वो न्याय प्रिय है। वो हिन्दू मुसलमान मैं भेद नही करता। ये कहानी उसकी न्यायप्रियता ओर मन्दिर मस्जिद एक है। का व्याख्यान करती है।
अलग्योझा(मुंशीप्रेमचंद) 16.09.2021 41:45
अक्सर सौतेली माँ हमेशा बच्चो से नोकरो सा व्यवहार करती है।ये कहानी ऐसे ही मोड़ से शुरू होतीं है।जहाँ आप देखेँगे की कहानी का नायक अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी सौतेली माँ के बुरे व्यव्हार को भुलाकर अपने सौतेले भाइयो को पिता की तरह पालता है।पर उसकी पत्नी की वजह से उसके परिवार मे अलग्योझा हो जाता है ।जो उसकी मृत्यु का कारण बनता है।
मन का प्राबल्य(मुंशीप्रेमचंद) 16.09.2021 12:44
अकसर इंसान इन्द्रियों के वशीभूत होकर बूरे काम करने चल देता है।पर सामने वाले कि सरलता और स्वच्छता उसके विचारों पर हावी हो जाती है। और वह जीवन मे स्वार्थ ओर लालच छोड़ लोक सेवा मैं लग जाता है।
आखिरी तोहफा(मुंशीप्रेमचंद) 16.09.2021 28:53
कहानी उस समय की है जब देश में विदेशी चीजों का बहिष्कार चल रहा था।जहाँ एक तरफ ऐसी औरते थी जो इस आंदोलन मैं शामिल हो इसका समर्थन कर रही थी।तो वही दूसरी तरफ़ कुछ घमंडी ओर लालची औरते इसको बढ़ावा दे रही थी।
नबी का नीति निर्वाह(मुंशीप्रेमचंद) 16.09.2021 1:11:57
ये कहानी इस्लाम और कुरैशियों के मतभेद को दर्शाती है। किस तरह दोनो अपने अपने धर्म के लिए इंसानियत भूल कर खूनी हो गए थे
शैलानी बंदर(मुंशीप्रेमचंद) 14.09.2021 1:10:24
इस कहानी मैं आप देखेंगे कि जब इंसान किसी जानवर कोअपनो से प्यार और स्नेह देता है तो बदले मैं वो भी पुत्र से ज्यादा अपना फर्ज निभाते है।ये कहानी एक बंदर के ओर उसके मालिक के स्नेह और त्याद कि कहानी है
राष्ट्र का सेवक(मुंशीप्रेमचंद) 14.09.2021 1:51
अक्सर नेता वही कहते ओर करते है जो गरीबो को अच्छा लगे परन्तु असल मे वे इनको छूकर पानी भी बिना sanitize किए नही पीते जो लोकमत पाने के लिए गरीबो के घरों मैं खाना खाते है
खुदी(मुंशीप्रेमचंद) 14.09.2021 12:32
इंसान की खुदी जब जग जाती है तो दिल की कमजोरिया उसके पास् आने से कतराती है।ये कहानी ऐसी लड़की की है जो 2 दिन के प्रेम के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर देती है
प्रतिशोध(मुंशीप्रेमचंद) 13.09.2021 24:42
इस कहानी मैं आप देखेंगे की एक औरत अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए किस तरह अपने पति की आत्मा से हत्यारे का पता पूछती है ओर मन मे हत्यारे को मारने का सोच कर घर से चल देती है।पर जब उसे उस इंसान की सच्चाई और अपने पति की सच्चाई पता चलती है ।तब वो अपना इरादा बदल कर नेकी के राह पर चल देती हहै।
शिष्ट जीवन के दृश्य(मुंशीप्रेमचंद) 13.09.2021 8:53
कहानी एक शिष्टाचार युक्त जीवन की व्याख्या करती है।
बड़े बाबू(*मुंशीप्रेमचंद) 11.09.2021 25:31
इस कहानी मै आप देखेंगे कि इंसान रोज़ी रोटी के लिए अक्सर अपना जमीर बेंच दिया करता है।और बड़े बाबू जैसे अफसर जात पात के अंधविश्वास को अपने मुलाजिमों से बढ़वाते है।
विश्वास(मुंशीप्रेमचंद) 10.09.2021 32:26
प्रेम हर फरेब हर धोखे को काट देता है। इंसान को जब सच्चा प्रेम मिलता है तो इंसान अपनी हर बुराई को छोड़ देता है।
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