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Religion HI ↓ Επεισόδια: 475

Pravachans / Moral-Stories / Chantings / Bhajans - by Mahatmas of Vedanta Ashram, Indore

Δημιουργός

Vedanta Ashram

Κατηγορία

Religion

Ιστοσελίδα του podcast

www.vmission.org.in

Τελευταίο επεισόδιο

17 Μαρ 2024

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Επεισόδια

प्रेरक कहानियाँ : असली हीरा - 12-16-sp 22.12.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - असली हीरा। 

प्रेरक कहानियाँ : मित्रधर्म निर्वाह - 12-15-sa 20.12.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - मित्रधर्म निर्वाह। 

जप साधना - अभ्यास 20.12.2021

पूज्य गुरूजी स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज के द्वारा जप साधना के अभ्यास का सत्र। 

जप साधना - क्या, क्यों और कैसे ? 20.12.2021

पूज्य गुरूजी स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने - "जप साधना - क्या, क्यों और कैसे" विषय के ऊपर एक सुन्दर और सरल क्लास ली। 

प्रेरक कहानियाँ : ईश्वर की खोज - 12-14-ss 18.12.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - ईश्वर की खोज। 

प्रेरक कहानियाँ : राजा और चार रानीया - 12-13-sp 16.12.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - राजा और चार रानीया। 

प्रेरक कहानियाँ : क्षमा वीरस्य भूषणं - 12-12-sa 14.12.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - क्षमा वीरस्य भूषणं। 

प्रेरक कहानियाँ : स्वप्न कक्ष - 12-11-ss 11.12.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - स्वप्न कक्ष। 

प्रेरक कहानियाँ : दुःख का कारण - 12-10-sp 09.12.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - दुःख का कारण । 

प्रेरक कहानियाँ : संत ज्ञानेश्वर - 11-09-sa 07.12.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - संत ज्ञानेश्वर। 

प्रेरक कहानियाँ : तीस साल की बलि - 11-08-ss 04.12.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - तीस साल की बलि। 

प्रेरक कहानियाँ : पिता और पुत्र - 11-07-sp 02.12.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - पिता और पुत्र। 

प्रेरक कहानियाँ : जैसा बोएंगे वैसा पायेंगे - 11-06-sa 30.11.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - जैसा बोएंगे वैसा पायेंगे। 

प्रेरक कहानियाँ : रणछोड़ श्री कृष्ण - 11-05-ss 27.11.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - रणछोड़ श्री कृष्ण। 

प्रेरक कहानियाँ : आधा किलो आटा - 11-04-sp 25.11.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - आधा किलो आटा। 

प्रेरक कहानियाँ : अपना अपना दृष्टिकोण - 11-03-sa 23.11.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - अपना अपना दृष्टिकोण। 

प्रेरक कहानियाँ : जयंत का अभिमान - 11-02-ss 20.11.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - जयंत का अभिमान। 

प्रेरक कहानियाँ : चुनौतियों का सामना - 11-01-sp 18.11.2021

पू स्वामिनी पूर्णानंद जी से आज एक सुन्दर  प्रेरक कहानी सुने जिसका शीर्षक है - चुनौतियों का सामना। 

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 60 13.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 60वें अर्थात अंतिम दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब समुद्र देवता प्रकट हुए तो उन्होंने राम जी से क्षमा मांगी और कहा की महाराज हम सहज रूप से जड़ हैं, आप ने उचित ही किया जो हमें अपना गुस्सा दिखाया। रामजी उनकी विनम्रता से प्रसन्न हो गए और पुछा की ठीक है अब बताओ ही हम कैसे उस पार जाएं। तो उन्होंने ने बताया की महाराज, आप की वानर सेना में नल और नील नाम...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 59 : 12.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 59वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब भगवन राम सौदर्य देवता पर क्रोधित और अपना धनुष बाण उठाया तब वे प्रकट हुए, और भगवान् के चरण पकड़ लिए और बोले - कि हे प्रभु हमें क्षमा करें, हम सभी पंच महाभूत के देवता स्वाभाविक रूप से जड़ होते हैं क्यूंकि ये महाभूत ही जड़ होते हैं। जड़ता के कारण केवल ताडन की भाषा ही समझ में आती है। लेकिन प्रभु हम आप की ही बनाई सृ...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 58 : 11.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 58वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब तीन दिन की आराधना के बाद भी समुद्र देवता प्रकट नहीं हुए तो रामजी नाराज हो गए और बोले की कुछ लोगों में बिना भय प्रीती नहीं होती है। उन्होंने नीति के अनेकानेक वचन कहे जिसका भाव यह ही था की अनधिकारी को ज्ञान, प्रेम आदि निरर्थक हो जाता है। उन्होंने लक्ष्मण को कहा की हमारा धनुष-बाण लाओ। रामजी ने जैसे ही धनुष के...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 57 10.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 57वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब शुक नामक दूत ने रावण को लक्ष्मणजी का पत्र दिया तो वो मन ही मन तो थोड़ा डर गया लेकिन फिर ऊपर से हँस के बोलै की 'वो छोटा तपस्वी जमीन पर पड़ा है और अपने छोटे हाथो के आकाश को पकड़ना चाहता है।' तब शुक ने कहा की 'महाराज ! जो कुछ पत्र में लिखा है उसको सच ही समझिये'! उसने पुनः रावण का हितैषी होने के नाते उससे निवेदन क...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 56 09.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 56वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि शुक नामक दूत रावण को दूसरी तरफ के समाचार बता रहा था। उसने सब कुछ यथावत वर्णन करा। वो अंत में रामजी के सामर्थ्य का वर्णन करता है - कि वे अत्यंत तेजस्वी, बलवान एवं बुद्धिमान दिखते हैं। यद्यपि वे अपने एक बाण से सैकड़ों समुद्रों को सुखा देने में सक्षम हैं, तथापि वे अत्यंत विनम्र और शालीन दिखते हैं। आपके भाई ने उन्ह...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 55 08.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 55वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि रावण का शुक नामक दूत रावण को वहां के समाचार आगे दे रहा है। वो कहता है की - हे रावण ! ये जो हमने द्विविद आदि के नाम बताए हैं वे सब सुग्रीव की तरह ही बहुत बलवान हैं। इनके जैसे वहां करोड़ों हैं जिनके पास अतुल्य बल दिखाई देता है और जो तीनों लोकों को तिनके के समान समझते हैं। हमने सुना कि वहां अठारह पद्म (एक पद्म = द...

सुन्दरकाण्ड ज्ञान-यज्ञ - 54 07.10.2021

सुन्दरकाण्ड ज्ञान यज्ञ के 54वें दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि जब रावण ने अपने दूत से विभीषण एवं उस पार का सब हाल-चाल पूछा तो उसने कहा की 'हे नाथ! आपने जिस स्नेह और कृपा से हमारा हाल-चाल आदि पूछा है, हमारा निवेदन है की हमारी सब बातें आप उसी कृपा का भाव बनाए रख कर आप सुन लीजियेगा। महाराज, जब विभीषण वहां पहुंचा तो रामजी ने उसी समय उसका राज-तिलक कर दिया। हमको रावण का दूत जान...

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