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Padhaku Nitin

History HI ↓ 294 Folgen

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी क...

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Iran जंग से पहले कैसे Israel को थका रहा है और India क्यों कभी Stand नहीं लेता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 169 10.10.2024

7 अक्टूबर 2023 को हमास के अप्रत्याशित हमले के बाद, इजरायल और मध्य पूर्व में महायुद्ध की शुरुआत हो गई है, जिसमें अब तक 42,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. गाजा से शुरू हुई ये जंग अब लेबनान और ईरान तक फैल चुकी है. अमेरिका के लिए इजरायल एक मुश्किल मामला बन गया है और भारत के लिए भी यह सवाल खड़ा है कि वह किसका समर्थन करे. इस संकट पर चर्चा करने के लिए, पढ़ाकू नितिन में हमने वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्...

इजरायल-ईरान जंग में भारत किसके साथ, अमेरिका की मजबूरी और सुन्नी इससे अलग क्यों हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 168 03.10.2024

पिछले एक साल से इज़रायल, फिलिस्तीन, लेबनान, यमन और ईरान लगातार सुर्खियों में हैं. इज़रायल के हमलों और ईरान की मिसाइलों से तनाव और बढ़ गया है. हिज़बुल्लाह के नेता मारे जा चुके हैं, और अक्टूबर से शुरू हुई ये लड़ाई अब भी जारी है. 'पढ़ाकू नितिन' में हमने पूर्व भारतीय राजनयिक राजीव सीकरी से इस संघर्ष के जड़, इज़रायल और ईरान की रणनीति, और भारत की भूमिका पर बात की है. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त क...

मोटिवेशन के लिए क्या सुनें, वर्क स्ट्रेस कैसे जाएगा और शिव खेड़ा किससे खफ़ा हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 167 26.09.2024

'मोटिवेशनल स्पीकर' क्या बला है - भारत में जब कोई जानता भी नहीं था, तब भी लोग एक नाम जानते थे — शिव खेड़ा. उनकी लिखी किताब You Can Win (जीत आपकी) भी ख़ूब पॉपुलर हुई. इस बार शिव खेड़ा ‘पढ़ाकू नितिन’ में बतौर मेहमान आए, तो उन्होंने अपनी बातों से एक बार फिर प्रेरित किया. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बारे में बताया, वर्क स्ट्रेस कम करने के तरीके बताए और यह भी साझा किया कि वे कब रिटायर होंगे. इस एपिसोड में ह...

पाकिस्तान के सबसे सीक्रेट अड्डे पर कैसे पहुंचीं Indian Diplomat और पीछे लगे एजेंट को कैसे सिखाया सबक?: Padhaku Nitin, Ep 166 19.09.2024

पाकिस्तान के वजूद में आने से लेकर अब तक उसकी पॉलिटिक्स हेप्पेनिंग बनी हुई है. हमारे पड़ोस में हमेशा कुछ न कुछ होता रहता है. मगर इसका उरूज लेट नाइंटीज़ में था. भारत के प्रधानमंत्री बस से पाकिस्तान गए थे. जिस नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें रिसीव किया था, उसकी सरकार गिरा दी गई और बाद के सालों में दोनों देशों के बीच कारिगल युद्ध भी हुआ. जब ये सब हो रहा था तब उसकी एक गवाह थीं रुचि घनश्याम, इन घटनाओं और अपने अनु...

बिरयानी क्यों है सर्वगुण संपन्न, नमक कौन सा सही और वीगन के नाम पर क्या मज़ाक चल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 165 12.09.2024

खाना दुनिया के उन गिने-चुने कामों में से है जो ज़रूरत भी है और शौक़ भी, और अगर पूरी शिद्दत से दिल लगाकर किया जाए, तो यह पेशा भी बन सकता है और पहचान भी। कुछ लोग होते हैं जो क्या खाना है, इसके बारे में बहुत सोचते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना सोचे-समझे जो मिल जाए, खा लेते हैं। खाने के साथ प्यार भी जुड़ा होता है, इसका अपना 'लव लैंग्वेज' होता है। खाने के साथ मॉरैलिटी भी जोड़ी जाती है, और इसमें भ...

10 सालों तक बाग-बाग जा कर आम खाने के बाद लिखी गई किताब: पढ़ाकू नितिन, Ep 164 05.09.2024

आम की हर बात ख़ास होती है. आम सिर्फ़ एक फल नहीं, फलों का राजा होता है, आम इमोशन होता है, आम से रिश्ते बनते हैं, इनफ़ैक्ट सबसे अच्छा मौसम ही वो है जिसमें पेड़ों पर आम लगते हैं और हां! कोई आम ख़राब नहीं होता. आम के पेड़ों के इर्द-गिर्द समाज फलता है. बहसें होती हैं, झगड़ें होते हैं.आम रिश्वत भी है तो आम व्यवहार बनाने का ज़रिया भी है. आम को कोई मना नहीं करता और उस्तादों ने कहा है कि आम को सिर्फ़ गदहे...

बुक कवर के लिए मानव कौल ने कपड़े उतारे तो मां क्या बोलीं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 163 29.08.2024

पहचान. एक ऐसी चीज़ जिसके लिए दुनियाभर के लोग मेहनत करते हैं. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक पहचान बनाने में पूरी ज़िंदगी बिता देते हैं और कुछ ऐसे लोग होते हैं जो एक ही ज़िंदगी में अपनी कई कई पहचान बना लेते हैं. इसी प्रजाति से ताल्लुक रखते हैं इस एपिसोड के मेहमान मानव कौल. जिनकी कई पहचान हैं, कभी नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ फेम गेम में माधुरी दीक्षित से इश्क लड़ाते नज़र आते हैं. कभी रंगमंच पर कला की...

भारत के दो शापित शहर, गुफ़ा में रहने वाली माई और गंगा-नर्मदा से रिश्ता: पढ़ाकू नितिन, Ep 162 22.08.2024

अब यह एक स्थापित तथ्य है कि जिसने भी यात्राएं की हैं, वह वैसा नहीं रहा जैसा पहले था. जब कोई सफ़र पर निकलता है, तब वह मीलों अपने भीतर भी चलता है. रास्ते में लोग मिलते हैं, उनकी कहानियां मिलती हैं, और उनकी कहानियों से ज़िंदगी का सच पता चलता है और ऐसे ही एक सच की तलाश में निकले थे रौनक साहनी, फ़ेमस YouTuber, जो मंकी मैजिक के नाम से मशहूर हैं. रौनक को नदियों से बहुत प्यार है. उन्होंने पहले नर्मदा यात्...

1984 के सिख दंगों की वो कहानियां जो बस इसी किताब में मिलेंगी: पढ़ाकू नितिन, Ep 161 15.08.2024

1984.. एक ऐसा साल जिसे ना कभी इंडियन पॉलिटिक्स भूली.. ना भूला इंडिया, ना कभी पंजाब. इस साल दिल्ली, कानपुर, फिरोज़ाबाद, अमृतसर में सिखों का जो खून बहा उसकी कहानी इन 40 सालों में कई बार कही गई.. मगर फिर भी जिनकी कहानी रह गई वो हैं सिख महिलाएं. कितनी ही ऐसी औरतें थीं जिन्होंने अपनों को हत्यारों के हाथों मरते देखा. खुद पर बलात्कार सहे. जान बचने के बाद ताने सुने... मगर फिर भी वो इंसाफ के लिए लड़ती रहीं...

शेख हसीना- ख़ालिदा ज़िया में फंसा भारत और खेल के पीछे खिलाड़ी कौन?: पढ़ाकू नितिन, Ep 160 08.08.2024

आपको ध्यान होगा कि पिछले साल सितंबर के महीने में भारत में G20 समिट का आयोजन हुआ. दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष आए थे. भारत पहुंचने वाली सबसे पहली राष्ट्राध्यक्ष थीं शेख़ हसीना. भारत ने उन्हें मेहमान की हैसियत से बुलाया था. उस समिट में एक फ़ोटो वायरल हुआ जिसमें तब के ब्रिटिश प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने घुटनों के बल बैठ कर बात कर रहे थे. एक वो वक्त था और एक आज का वक्त है, ब्रिटेन हसीना को शरण देने...

फोटोग्राफर जिसके मुरीद थे इंदिरा, दलाई लामा, ज़िया उल हक़!: पढ़ाकू नितिन, Ep 159 01.08.2024

पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय. रघु राय को 'फादर ऑफ इंडियन फोटोग्राफी' भी माना जाता है. इनकी खींची कई तस्वीरों को दुनियाभर में पहचान मिली है. भोपाल गैस ट्रेजडी के बाद की फोटो हों या संजय गांधी के प्लेन क्रैश की फोटो. जरनैल सिंह भिंडरावाले की स्वर्ण मंदिर वाली फोटो भी रघु राय ने ही खींची थी. रघु राय ने पॉडकास्ट में अपने करियर से लेकर निजी जीवन पर खूब रस लेकर बा...

कोहली-कुंबले की इनसाइड स्टोरी, ओलंपिक में क्रिकेट की एंट्री और जय शाह का रिपोर्ट कार्ड!: पढ़ाकू नितिन, Ep 158 25.07.2024

इस बार पढ़ाकू नितिन में हमारी मेहमान हैं वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट जिन्होंने भारत को नौ देशों में क्रिकेट खेलते हुए देखा है, दो ओलंपिक खेलों में रिपोर्टिंग की है. उन्होंने युवराज सिंह के साथ उनकी जीवनी टेस्ट ऑफ माई लाइफ पर भी काम किया है. इसके अलावा तमाम दूसरे खेलों के बारे में भी तीन दशकों तक अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय मीडिया में लिखा. बैंगलोर में रहनेवाली चर्चित पत्रकार शारदा उग्रा से मिलिए और सुनिए...

कांग्रेस का तिलिस्म तोड़नेवाला नेता जो बिहार में बंदूकें बंटवाना चाहता था: पढ़ाकू नितिन, Ep 157 18.07.2024

कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाज़ा गया तो बहुत सारे लोग उनके नाम से पहली दफे परिचित हुए। हालांकि बिहार उन्हें जानता था जहां के वो दो बार सीएम रहे मगर नई पीढ़ी फिर भी कम जानती है। कर्पूरी ठाकुर का दिलचस्प जीवन किताब में समेटा है संतोष सिंह ने। उनकी किताब का नाम है- द जननायक। इस किताब में कर्पूरी ठाकुर की ज़िंदगी के बेशुमार पहलू उघाड़े गए हैं। पढ़ाकू नितिन में इस बार कहानी कर्पूरी की संतोष सिंह के...

इस हिंदुस्तानी पत्रकार की आंखों के सामने तालिबान ने काबुल कब्ज़ा लिया: पढ़ाकू नितिन, Ep 156 11.07.2024

तालिबान ने काबुल में 15 अगस्त 2021 को एंट्री ली तो हमने वो तस्वीरें टीवी-अख़बारों में देखीं। तालिबान के लड़ाकों को हथियार लहराते, हिंसा करते, प्रेसिडेंशियल हाउस में उछलकूद करते देखा गया। इस दौरान एक हिंदुस्तानी पत्रकार नयनिमा बासु काबुल में ही मौजूद थीं और जान पर खेलकर सब रिपोर्ट कर रही थीं। इस बार पढ़ाकू नितिन में उसी एक हफ्ते की कहानी नयनिमा से सुनेंगे जब तालिबान के फिर लौटने का शोर मचा, पॉलिटिक...

सब बदलने के बावजूद तीन नए आपराधिक कानूनों में क्या कुछ नहीं बदला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 155 04.07.2024

तीन नए आपराधिक कानून आ गए, लागू भी हो गए मगर कुछ लोगों के गले से नहीं उतरे। जज, वकील, लॉ स्टूडेंट्स, पुलिस सबको कंफ्यूज़न है। हर किसी को क्लैरिटी चाहिए। हमने इसीलिए पढ़ाकू नितिन में न्यौता है सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजॉय घोष को। इस बातचीत में बड़े ही इंटरेस्टिंग अंदाज़ में संजॉय ने नए क़ानूनों पर अपनी राय रखी। Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

नेहरू अपने राजदूत कैसे चुनते थे और एक स्टेनोग्राफर को क्यों एंबेसेडर बनाया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 154 27.06.2024

नेहरू के सामने एक देश को अकाल, विभाजन और सांप्रदायिक आग के बीच से निकालने की चुनौती थी। वो जानते थे कि ये काम बिना दूसरे देशों की मदद के नहीं होगा। उन्होंने IFS की स्थापना की मगर उसके पहले नेहरू ने खुद उन लोगों को चुना जो भारत की तरफ से विदेशों में उसके प्रतिनिधि बने। इनमें कमाल के लोग शामिल थे। उन्हीं पर एक किताब आई Nehru’s First Recruits. कल्लोल भट्टाचार्जी ने लिखी है। पढ़ाकू नितिन में उनसे ही स...

करोड़ों गंवाकर फिर करोड़ों बनाने वाले से जानिए शेयर मार्केट में क्या ना करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 153 20.06.2024

शेयर मार्केट के हो हल्ले के बीच कितने लोग करोड़पति बनते हैं, और जाने कितने लखपति. पिछले कुछ महीनों से औसत 20 लाख डीमेट अकाउंट हर महीने खुल रहे हैं. 4 सालों में सेंसेक्स 26 हज़ार से 77 हज़ार पहुंच गया है और फरवरी 2024 तक देश में 15 करोड़ डीमैट अकाउंट थे. इसका मतलब कि जिसे देखो वो शेयर बाज़ार की तरफ भागा जा रहा है, लेकिन इस भागदौड़ में कई बार ठोकर लग जाती है. ऐसी ही ठोकर लगी थी गाज़ियाबाद के रहने वा...

Bigg Boss के नैरेटर की ये सच्चाई आपकी ज़िंदगी बदल सकती है: पढ़ाकू नितिन, Ep 152 13.06.2024

हमारी पहचान की कई परतें होती हैं, नाम, काम, धर्म, शक्ल, सूरत के अलावा आवाज़ भी हमारी पहचान का अहम हिस्सा है. आवाज़ कई बार रहस्य पैदा करती हैं, आवाज़ से भ्रमित भी किया जा सकता है, तो आवाज़ें हमें जोड़ती भी हैं, आवाज़ों की अपनी दुनिया होती हैं और तो और आवाज़ करियर ऑप्शन भी है. हम-आपने कई लोगों को कहा होगा, फलाने की आवाज़ सुनी है? उसकी आवाज़ में दम है. हमाने साथ एक ऐसे शख़्स से बात की जिन्हें किसी ने...

नागा साधुओं का रहस्य और इतिहास क्या है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 151 06.06.2024

नागा साधु कहां से आते हैं, कहां चले जाते हैं? कोई नागा कैसे बनता है? अघोरी और नागा में क्या फ़र्क़ है? इतिहास नागाओं के बारे में क्या बताता है? इन सारे सवालों के साथ हम मिले नागाओं पर किताब लिखने वाले चर्चित लेखक अक्षत गुप्ता से. पढ़ाकू नितिन में सुनिए क्या कहते हैं वो. Disclaimer: इस पॉडकास्ट मेंव्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

कारगिल में हमने क्या ग़लती की और थिएटर कमांड सेना की किन मुश्किलों का हल है: पढ़ाकू नितिन, Ep 150 30.05.2024

थिएटर कमांड का शोर बहुत है लेकिन इस तरफ देश पच्चीस साल में ढाई कोस ही चला है. कोई कह रहा है कमांड्स बनने के बाद सेनाओं का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, किसी का कहना है कि पुरानी परंपराओं को बदलना होगा, एयरफ़ोर्स के कुछ सवाल हैं तो एक्सपर्ट्स संशय जता रहे हैं कि अब आर्मी ही सुपीरियर हो जाएगी. थिएटर कमांड खुद एक मुश्किल है या मुश्किलों का समाधान हमने जाना 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में गौरव सावंत के साथ. पिछले...

'दैव' पर 150 साल बाद आई किताब, जो इंसानी शरीर में घुसकर बोलते हैं!: पढ़ाकू नितिन, Ep 149 23.05.2024

कांतारा मूवी आपने देखी हो तो शायद आपको कोला याद हो. इस कोला में बुलाया जाता है “दैव” को. दैव वो ताकत हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वो इंसानी शरीर में आकर सबके जवाब देते हैं. कुछ लोग मानते हैं वो भूत हैं. इस सब्जेक्ट पर डेढ़ सौ साल पहले एक किताब लिखी गई थी, और अब फिर आई है- “दैव”. लेखक हैं के हरि कुमार. जिस तुलु समुदाय में “दैव आराधना” का प्रचलन है कुमार उसी से संबंध रखते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन...

JNU के एक पत्थर ने खोला इतिहास, सिंधु लिपि 'अफीम' क्यों और पुराने क़िले का राज़: पढ़ाकू नितिन, Ep 148 16.05.2024

एक रोज़ एक आर्कियोलॉजिस्ट जेएनयू की सड़कों पर टहल रहे थे। आदत के मुताबिक़ नीचे देख रहे थे। उम्मीद नहीं थी कि चंद कदमों दूर उन्हें पत्थर का ऐसा टुकड़ा मिलेगा जो प्राचीन इतिहास को बदल देगा.. और ये पहली बार नहीं था जब बीएम पांडे को ज़मीन से मिले किसी सुराग ने इतिहास की धारा को मोड़ा हो। ASI में पैंतीस साल तक काम करनेवाले बीएम पांडे 1996 में डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। पद्म विभूषण बीबी लाल के शिष्य...

अटल ने जिसे एंटी नेशनल कहा वो एक्टर क्यों ख़ुद को 'भांड' कहता है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 147 09.05.2024

एक रुका हुआ फैसला, तारे ज़मीं पर, आयशा जैसी फिल्में हों या पचास साल तक देशभर में घूमकर थिएटर करना, कश्मीर का लोक नाट्य दुनिया में फैलाना या इमरजेंसी, सिख विरोधी दंगे, बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति से मिलना और सफदर हाशमी की हत्या के बाद सहमत का बनना… एम के रैना हर जगह हैं. उनकी नई किताब आई है.. ‘Before I Forget’. इसमें आधी सदी में उन पर गुज़रे सारे किस्से दर्ज हैं.. आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में आनंद लीज...

कपड़े उतारने को क्यों तैयार हो जाते हैं लोग, Nude Sketch Artist ने बताया: पढ़ाकू नितिन, Ep 146 02.05.2024

पेंटिंग की दुनिया में स्किल का ज़रूरी हिस्सा है- बिना कपड़ों की तस्वीरें बनाना. सुनने में अजीब सा लगता है. हम खुद कभी किसी पेंटर का सब्जेक्ट हो सकते हैं?? शायद नहीं, या शायद हां. स्केच आर्टिस्ट किसी को कपड़े उतारने के लिए कन्विंस कैसे कर लेते हैं? किसी को अपना न्यूड स्केच बनवाकर क्या मिलता है? ये सारे जवाब आज के पढ़ाकू नितिन में दे रहे हैं मिहिर श्रीवास्तव. दिल्ली के रहनेवाले मिहिर ने आजतक पांच सौ...

सिनेमा के समंदर से कैसे निकालें काम की फ़िल्में?: पढ़ाकू नितिन, Ep 145 25.04.2024

जिगन, लंदन, वियना, शंघाई और आधी दुनिया घूमकर भारत लौटे एक पत्रकार ने ढेरों नोट्स बनाए, और फिर उससे निकाली एक सुंदर सी किताब. इसका नाम है- ‘बेखुदी में खोया शहर- एक पत्रकार के नोट्स.’ इस किताब में दुनियाभर के शहर हैं, सिनेमा है, कला है, संगीत है और साथ में हैं ढेरों यादें उस गांव देहात की जो वो पीछे छोड़ आया. आज के पढ़ाकू नितिन में ढाई दशक से पत्रकारिता कर रहे अरविंद दास से मुखामुखम हुआ, उसका आनंद ल...

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