Rahul Gaur
Majhdhaar / मझधार : Literature to be cherished
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Ep 20 दुष्यंत कुमार को नमन / Dushyant Kumar - A small remembrance 01.09.2021 8:50
हिंदी ग़ज़लों के प्रणेता दुष्यंत कुमार जी की आज १ सितंबर को जयंती है। उनको याद करते हुए आज का ये एपिसोड.. “मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए” ~दुष्यंत कुमार
Ep 19 एक क़स्बे का जुगराफ़िया वाया थ्योरी मास्साब: लपूझन्ना- भाग ६ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 6 (Ashok Pandey) 20.08.2021 9:49
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 18 पाथळ अर पीथळ: कन्हैया लाल सेठिया / Paathal Ar Peethal: Kanhaiya Lal Sethiya 13.08.2021 16:43
75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई! स्वतंत्रता और स्वाधीनता की भावना के प्रदीप्त प्रतीक हैं महाराणा प्रताप, जिन्होंने सम्राट अकबर की पराधीनता स्वीकार नहीं की थी। मेवाड़ को स्वतंत्र रखने के लिए जंगल-जंगल घूमना मंजूर किया था. लोकश्रुति है कि इस प्रवास के दौरान एक कमजोर क्षण ऐसा आया जब अपने पुत्र अमर सिंह को रोटी के लिए बिलखते देखा तो अकबर को संधि-प्रस्ताव लिख भेजा. परन्तु अकबर के दरबार में नियुक्त कवि-...
Ep 17 प्रेमचंद के फटे जूते: हरिशंकर परसाई/ Premchand Ke FaTey Jootey: Harishankar Parsai 31.07.2021 9:16
आज हिंदी कथा सम्राट प्रेमचंद जी का जन्मदिन है। प्रेमचंद का विपुल कथा साहित्य पूरी सच्चाई में अपने समय का सामाजिक और सांस्कृतिक दस्तावेज है। उनके यथार्थवादी साहित्य को और उनकी ईमानदार शख़्सियत को सलाम करता ये लेख सुनिये जो प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई ने लिखा था।
EP 16 नौ फुट की खाट और आश्टेलिया के राष्ट्रपति का आगमन: लपूझन्ना- भाग ५ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 5 (Ashok Pandey) 23.07.2021 11:33
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 15 अम्मा की ईद: संदीप नाइक / Amma Kee Eid: Sandeep Naik 21.07.2021 6:12
अपने बच्चों के लिये टुकड़ा टुकड़ा ख़ुशी जोड़ती हुई माँ की यह ह्रदय-स्पर्शी कहानी संदीप नाइक ने लिखी है और बाल विज्ञान पत्रिका “चकमक” के अगस्त २०१६ अंक में छपी थी। ईद मुबारक!
Ep 14 टांडा फिटबाल क्लब और पेले का बड़ा भाई: लपूझन्ना- भाग ४(अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 4 (Ashok Pandey) 16.07.2021 13:55
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 13 कर्नल रंजीत और विज्ञान के पहले सबक: लपूझन्ना- भाग ३ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 3 (Ashok Pandey) 09.07.2021 12:43
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 12 बागड़बिल्ले का टौंचा: लपूझन्ना- भाग २ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 2 (Ashok Pandey) 02.07.2021 12:37
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 11 लपूझन्ना - भाग १ (अशोक पांडेय) / Lapoojhanna - Part 1 (Ashok Pandey) 25.06.2021 7:00
ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...
Ep 10 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ९) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 9- by Shailesh Matiyani 03.06.2021 8:03
सूबेदार नैन सिंह की छुट्टी ख़त्म- और आज वापसी… कैसे तो दिल को समझाते हुए निकल रहे हैं सूबेदार, और कैसे तो सूबेदारनी भी आने वाले विछोह को भुला देना चाह रहीं हैं... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी का आख़री अंक आपको अपने साथ बहा ले चलेगा
Ep 09 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ८) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 8 - by Shailesh Matiyani 29.05.2021 9:44
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर आये हुए हैं। छुट्टियाँ ख़त्म होने को हैं और हर एक चीज़ सूबेदार को आने वाले विछोह की याद दिला रही है…प्रेम की गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 08 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ७) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 7- by Shailesh Matiyani 28.05.2021 9:59
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर आये हुए हैं... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 07 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ६) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 6 - by Shailesh Matiyani 24.05.2021 10:01
सूबेदार नैन सिंह और पत्नी की प्रेम कथा - गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 06 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ५) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 5 - by Shailesh Matiyani 20.03.2021 11:20
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 05 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ४) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 4 - by Shailesh Matiyani 04.03.2021 9:40
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 04 अर्द्धांगिनी - लम्बी कहानी (भाग ३) - लेखक: शैलेश मटियानी/ Ardhhangini- Part 3 by Shailesh Matiyani 26.02.2021 6:58
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 03 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग २) - लेखक: शैलेश मटियानी / Arddhangini - Part 2 - By Shailesh Matiyani 21.02.2021 5:57
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 02 अर्द्धांगिनी (लंबी कहानी) - भाग १ - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 1 - By Shailesh Matiyani 12.02.2021 5:26
सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...
Ep 01 Shyam, Phir Ek Baar Tum Mil Jaate / श्याम, फिर एक बार तुम मिल जाते 31.01.2021 16:44
In this heart-touching part of the famous book “Shyam, Phir Ek Baar Tum Mil Jaate” the author Dinkar Joshi beautifully imagines Shri Krishna leaving his mortal body for his heavenly journey ahead.
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