BBC Hindi Radio

विवेचना

News HI ↓ Epizody: 344

विवेचना: व्यक्तियों, विषयों या घटनाओं की गहरी पड़ताल करने वाला कार्यक्रम. रेहान फ़ज़ल इसे हर शुक्रवार को प्रस्तुत करते हैं

Autor

BBC Hindi Radio

Kategorie

News

Web podcastu

www.bbc.co.uk

Nejnovější epizoda

19. dub 2026

Kde poslouchat?

Podcasty v aplikaci Replaio Radio Už brzy

Podcasty míří do aplikace už brzy. Nainstaluj si ji teď a jako první uvidíš úplně nový pohled na podcasty

Stáhnout z Google Play Nainstaluj zdarma Android téměř 10 mil. stažení · hodnocení 4,8 iOS už brzy

Epizody

राजनारायण जिनकी वजह से दो प्रधानमंत्रियों की कुर्सी गई 29.12.2019

समाजवादी आंदोलन में राजनारायण की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है.

दर्शकों की माँग पर छक्का मारने वाले सलीम दुर्रानी 13.12.2019

भारत के उम्दा ऑल-राउंडरों में से एक रहे सलीम दुर्रानी दर्शकों की मांग पर छक्के लगाते थे.

मक़बूल बट्ट को क्यों दी गई थी फाँसी ? 06.12.2019

रेहान फ़ज़ल बता रहे हैं कश्मीरी पृथकतावादी मक़बूल बट्ट के अंतिम क्षणों के बारे में.

रंगा और बिल्ला के जीवन के आखिरी क्षण 29.11.2019

'ब्लैक वॉरंट: कनफ़ेशंस ऑफ़ अ तिहाड़ जेलर' में फाँसी पाए अपराधियों के अंतिम क्षण का वर्णन.

जब भारतीय पर्वतारोहियों ने छुआ आसमान 24.11.2019

मशहूर पर्वतारोही एमएस कोहली की आत्मकथा 'अ लाइफ़ फ़ुल ऑफ़ एडवेंचर' रोमांच से भरपूर है.

कई ज़िंदगियां जीने वाले भाईचंद पटेल 08.11.2019

भाईचंद पटेल की गिनती भारत के चोटी के ‘सोशेलाइट्स’ में होती है.

भारत-पाकिस्तान पास रहकर भी कितने दूर 01.11.2019

विवेचना: व्यक्तियों, विषयों या घटनाओं की गहरी पड़ताल का कार्यक्रम

यशवंत सिन्हा को गुस्सा क्यों आता है ? 25.10.2019

यशवंत सिन्हा की ज़िंदगी के रोचक पहलुओं पर नज़र दौड़ा रहे हैं रेहान फ़ज़ल.

निकोलाई चाचेस्कू: कहानी एक निरंकुश तानाशाह की 21.10.2019

रोमानिया के राष्ट्रपति निकोलाई चाचेस्कू को 1989 में एक क्राँति के बाद गोली मार दी गई थी.

क्यों है अमिताभ का जलवा अभी भी बरकरार? 14.10.2019

अमिताभ को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. उनकी ज़िंदगी के अनछुए पहलू.

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया... 07.10.2019

भारत में बहुत कम कलाकारों को इतना सम्मान मिला है जितना बेगम अख़्तर को.

महाराणा प्रताप जिन्होंने अकबर के सामने कभी नहीं टेके घुटने 14.12.2018

अपनी मौत के 400 साल बाद भी महाराणा प्रताप को राजपूत बहादुरी का प्रतीक माना जाता है.

हिंदू नाराज़ है या उसे नाराज़ दिखाया जा रहा है? 28.09.2018

कहीं ऐसा तो नहीं कि राजनीतिक कारणों से हिंदू समुदाय को नाराज़ बताया जा रहा है.

रेहाम ख़ान की नज़र में इमरान ख़ान 21.09.2018

इमरान-रेहाम से साल 2014 में विवाह किया था, लेकिन ये शादी सिर्फ़ आठ महीने ही चल पाई थी.

प्यार किया तो डरना क्या ? 14.09.2018

पश्चिम की तरह भारत में राजनेताओं के प्रेम-प्रसंगों पर खुलकर चर्चा नहीं होती.

प्यार किया तो डरना क्या ? 14.09.2018

गाँधी-नेहरू, लोहिया, वसंत साठे और एनडी तिवारी जैसे कई राजनेताओं के प्रेम संबंध रहे हैं.

क्या भारतीय भूल रहे हैं रिझाने की कला? 10.09.2018

सीमा आनंद की पुस्तक ‘द आर्ट्स ऑफ़ सिडक्शन’ पर सुनिए रेहान फ़ज़ल की विवेचना.

जहांआरा बेगम, जिनकी औरंगज़ेब भी करता था इज़्ज़त 31.08.2018

इतिहासकार इरा मुखौटी की 'डॉटर्स ऑफ़ द सन' में मुग़लकालीन बेगमों-शहज़ादियों का चित्रण.

भारत की कहानी गीतों की ज़ुबानी 24.08.2018

‘नोट बाई नोट- द इंडियन स्टोरी’ में महत्वपूर्ण घटनाओं को हिंदी गीतों से जोड़ा गया है.

जब हिरोशिमा और नागासाकी के ऊपर सूरज फटा 10.08.2018

अगस्त 1945 में अमरीका ने जापान के दो शहरों हिरोशिमा-नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे.

इदी अमीन की क्रूरता 10.08.2018

46 साल पहले युगांडा के तानाशाह इदी अमीन ने हज़ारों एशियाई लोगों को देश से निकाल दिया था.

करन थापर जिन्होंने किया कई नेताओं की नाक में दम 28.07.2018

करन थापर की गिनती भारत के तेज़तर्रार और क़ाबिल पत्रकारों में होती है.

जब नेल्सन मंडेला ने दिया भारतीय मूल की महिला को शादी का प्रस्ताव 23.07.2018

नेल्सन मंडेला के प्रस्ताव को अमीना ने स्वीकार नहीं किया. क्या था पूरा मामला?

इंदिरा को शिखर तक पहुंचाया था पी एन हक्सर ने 13.07.2018

70 के दशक में पीएन हक्सर को इंदिरा गाँधी के बाद भारत का सबसे शक्तिशाली शख़्स माना गया.

ज्योति बसु जो प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए 06.07.2018

23 साल तक प.बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु को 1996 में प्रधानमंत्री पद की पेशकश हुई.

Poslouchej podcast विवेचना v Replaio

Rádio a podcasty v jedné aplikaci - zdarma a bez registrace. Nainstaluj si ji ještě dnes a nepropásni premiéru

Stáhnout z Google Play

Replaio není vydavatelem podcastů; názvy pořadů, obálky a audio patří jejich autorům a šíří se přes veřejné RSS kanály